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रक्तदान को उमड़े युवा, 107 यूनिट रक्त जमा

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रक्तदान को उमड़े युवा, 107 यूूनिट रक्त जमा
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। विश्व रक्तदान दिवस पर बुधवार को पालिका बाजार एसोसिएशन, रोहतक व्यापार मंडल और अमर उजाला के संयुक्त तत्वावधान में रक्तदान शिविर लगाया गया। पालिका बाजार में लगे कैंप में भीषण गर्मी के बावजूद 107 लोगों ने रक्तदान किया। पीजीआई और कृष्णा ब्लड बैंक के विशेषज्ञों की टीम ने रक्त एकत्रित किया।
शिविर का उद्घाटन बाबा कपिलपुरी महाराज ने किया। सुबह 10 बजे से लोगों ने आकर रक्तदान करना शुरू किया। इसमें शहर के अलावा गांवों के लोगों ने आकर सहभागिता की। लड़की और महिलाएं भी रक्तदानियों में शामिल रहीं। रक्तदान की इच्छा से कई कॉलेज की छात्राएं भी शिविर पहुंचीं, हालांकि शरीर में डोनेट करने के पैमाने से कम हीमोग्लोबिन होने की वजह से उन्हें वापस लौटना पड़ा। गुलशन निझावन और सोम मलिक ने बताया कि शिविर में मानव सेवा संघ, हरिओम सेवा दल, गुरु शंकराचार्य ट्रस्ट, रोटरी क्लब और भारत विकास परिषद का सहयोग रहा। सुनारियां निवासी पवन और प्रेम सिंह, धामड़ निवासी नरेंद्र, सूर्य नगर निवासी अनुज और दीपक ने रक्तदान कर युवाओं को प्र्रेरित किया। सुखपुरा चौक से वीरेंद्र और रामगोपाल कॉलोनी से राजीव कुमार भी पालिका बाजार में रक्तदान करने पहुंचे। महादानियों को जूस और फल के साथ एक टिफिन सेट उपहार स्वरूप दिया गया। इसके साथ ही, पीजीआई, कृष्णा ब्लड बैंक, पालिका एसोसिएशन और अमर उजाला की ओर से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कैंप में समाजसेवी मधुकांत, कपिल कौशिक, सतीश सुनेजा, ईश्वर भारती, देवेंद्र चहल, सुलभ गुगनानी, सुंदरश्याम नागपाल, गोविंदराम सिंघल, अशोक गुप्ता, श्याम सचसेवा, अशोक अरोड़ा और डॉ. गोपाल कृष्ण का खास सहयोग रहा।
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महादानी सिरीज से मिली प्रेरणा
अमर उजाला लगातार लोगों को रक्तदान के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। इसी क्रम में ‘महादानी’ सिरीज में कई बार रक्तदान करने वाले महादानी शहरवासियों की प्रेरणाप्रद कहानी प्रकाशित की गईं। उमर उजाला के शिविर में बुधवार को पहुंचे अधिकतर युवाओं ने पहली बार रक्तदान किया। उनका कहना था कि समाचारपत्र में महादानी लोगों की खबरें पढ़कर हमें भी प्रेरणा मिली और हम रक्तदान करने आ गए।

कुछ समय पहले मां को खून की जरूरत थी। उस समय इमरजेंसी में रक्त देना पड़ा। मैंने वहीं से रक्तदान के महत्व को जाना। इसके अलग-अलग जगह कई बार रक्तदान कर चुका हूं।
- अमित रोहिल्ला, निवासी न्यू विजय नगर।

मैं रक्तदान को एक अच्छी जनसेवा का कार्य मानता हूं। इसमें हमारी सेहत पर कुछ अंतर नहीं आता बल्कि खून का संचार ठीक रहता है। लोगों को अधिक संख्या में रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए।
- संजय कुमार, निवासी गांव नया बांस।

पिछले कई सालों से रक्तदान की मुहिम से जुड़ा हूं। यहां 45वीं बार रक्त दिया है। कई संगठनों से मिलकर पिछले एक दशक के दौरान करीब 20 हजार लोगों के इससे जोड़ चुका हूं। इमरजेंसी ब्लड डोनेट कैंप का भी हिस्सा हूं।
- मंजुल पालीवाल, समाजसेवी

मैंने अपने जीवन में कभी रक्तदान नहीं किया था। मैं कई दिनों से अखबार में रक्त दानियों की प्रेरणादायक कहानी पढ़ रहा था। यहीं से प्र्रेरणा लेकर पहली बार इस मुहिम का हिस्सा बनने आया हूं।
- प्रेमसिंह, निवासी गांव सुनारियां कलां।

समाज के लिए कुछ करने का हमेशा से मन रहा है। विश्व रक्तदान दिवस से पहले अमर उजाला में छपी कहानियों ने प्रेरणा दी तो यहीं से शुरुआत कर रही हूं। इसके बाद यह काम जारी रहेगा।
- मोनिका, निवासी चुन्नीपुरा।

मैंने अभी पहली बार रक्तदान किया है। पर्याप्त मात्रा में हीमोग्लोबिन होते हुए भी कभी यह सेवा नहीं करने का मलाल है। जरूरतमंदों के लिए हमें अधिक से अधिक संख्या में इस मुहिम से जुड़ना होगा।
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- कृष्ण कुमार, निवासी छोटूराम कॉलोनी।

मैंने पहली बार कॉलेज में रक्तदान किया था। उसके बाद शादी होने पर कभी समय नहीं निकाल सकी। इस बार कई दिनों पहले ही प्लान बना लिया था। नि:स्वार्थ भाव से किसी के काम आने का अलग ही अनुभव होता है।
- रितु, निवासी गांव कुताना।
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