चकबंदी से नाराज मुख्यमंत्री के गांव निंदाना के किसानों ने गोहाना रोड पर लगाया जाम
नायब तहसीलदार के आश्वासन के बाद शांत हुए ग्रामीण
फोटो : 7 एमएचएम 1
गोहाना रोड पर जाम लगाकर प्रदर्शन करते निंदाना गांव के किसान।
अमर उजाला ब्यूरो
महम।
चकबंदी की खामियों से खफा सीएम के गांव निंदाना के ग्रामीणों ने महम-गोहना रोड पर करीब एक घंटे तक जाम लगाया। जाम लगने से वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना पर थाना प्रभारी मनजीत सिंह ने जाम खुलवाने का प्रयास किया। लेकिन किसानों ने समाधान होने तक जाम खोलने से मना कर दिया। उसके बाद नायब तहसीलदार राजकुमार शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। उसके बाद किसानों ने जाम खोला।
किसानों ने कहा कि चकबंदी में लगे पटवारी गांव के पूर्व सरपंच नरेश उर्फ गटरा के साथ मिलीभगत कर जमीन में भारी फेरबदल कर रहे हैं। रिश्वत लेकर मनमाफिक जगह जमीन दे रहे हैं। जिन किसानों ने गिरदावरी में लगे पटवारियों को रिश्वत नहीं दी उन्हें खराब जमीन दी जा रही है। गांव में दादा बरसी वाला के नाम से पूजनीय धाम है। जिसका रास्ता सिर्फ 16 फीट का छोड़ा गया है। उन्होंने सीएम के सामने इसे 33 फीट चौड़ा करने की मांग की थी, क्योंकि यह रास्ता तीन गांवों को जोड़ता है। लेकिन अधिकारियों ने इसकी ओर कोई ध्यान नहीं दिया। आने वाले समय में इससे बड़ी समस्या हो सकती है।
बेवजह के आरोप लगा कर किया जा रहा बदनाम-पूर्व सरपंच नरेश
पूर्व सरपंच नरेश उर्फ गटरा का कहना है कि गांव की चकबंदी का काम लगभग पूरा हो चुका है । लोगों ने अपने नए कब्जे पकड़ लिए हैं। कुछ लोग आधारहीन आरोप लगाकर बदनाम करना चाहते हैं। जबकि कुछ पंचायती जमीन पर काबिज हैं। उन्हें कब्जा छूटने का भय सता रहा है। इसलिए वे विरोध कर रहे हैं।
किसी भी किसान के साथ नहीं होगा अन्याय : नायब तहसीलदार
नायब तहसीलदार राजकुमार शर्मा ने कहा कि चकबंदी का काम नियमों के अनुसार किया जा रहा है। किसी भी किसान के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। अगर किसी किसान के आरोपों की जांच की जाएगी। अगर लापरवाही मिली तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।