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बगैर मान्यता डिग्री करा रहा एमडीयू, कई विभाग बंद होने के कगार पर

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बगैर मान्यता डिग्री करा रहा एमडीयू, कई विभाग बंद होने के कगार पर
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- इनसो ने एमडीयू की व्यवस्था पर उठाए सवालिया निशान, सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर के कार्यक्रम में हंगामा, विरोध की सूचना के चलते कार्यक्रम में देरी से पहुंचे मंत्री

अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
प्रदेश की ए ग्रेड श्रेणी यूनिवर्सिटी एमडीयू में छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है। विश्वविद्यालय में कई कोर्स बिना मान्यता के चल रहे हैं। इन कोर्सों की मान्यता के लिए विवि प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। विश्वविद्यालय के कुलपति सार्वजनिक मंचों से बड़े-बड़े दावे करते हैं। वास्तविकता इसके विपरीत है। इनसो ने वीरवार को इन मुद्दों को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
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इनसो प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप देशवाल ने कहा कि विवि के विधि विभाग की मान्यता अस्थाई रूप से बार काउंसिल ऑफ इंडिया पहले ही रद्द कर चुकी है। इस कारण हजारों अधिवक्ताओं का भविष्य अधर में लटका है। अब आरटीआई में खुलासा हुआ है कि विश्वविद्यालय का शारीरिक शिक्षा विभाग बगैर मान्यता नियमों के विरुद्ध डिग्रियां करा रहा है। शारीरिक शिक्षा विभाग राष्ट्रीय प्राध्यापक पात्रता परिषद की मानयता लिए बगैर ही बीपीएड व एमपीएड की डिग्री करा रहा है। हरियाणा से बाहर ये डिग्रियां मान्य नहीं है। इस मुद्दे को लेकर इनसो ने विरोध प्रदर्शन किया।कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए कुलपति कार्यालय पहुंचे। यहां कुलपति के नहीं मिले पर सभी स्वराज सदन पहुंचे। यहां सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर को आना था। मंत्री विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलने के चलतेबाद पहुंचने वाले थे। इनसो कार्यकर्ता ने इस कार्यक्त्रस्म में पहुंचकर जमकर सरकार व प्रशासन विरोधी नारेबाजी की। इनसो के प्रदर्शन से सभी अधिकारी व प्रशासन देरी से कार्यक्रम में पहुंचे। आनन-फानन में कुलपति व रजिस्ट्रार प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचे। इन्होंने अधिकारियों से विवि की लचर व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए जवाब तलब किया।
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इनसो अध्यक्ष ने कहा कि निजी स्वार्थों के चलते अधिकारी छात्रों का जीवन बर्बाद कर रहे हैं। यूनिवर्सिटी में बिना मायन्ता के कोर्स कराना डिग्रियां बेचने के समान है। मान्यता के बिना डिग्रियों का कोई महत्व नहीं है। दूसरे प्रदेशों में विश्वविद्यालय के छात्रों को नौकरी के मामले में शर्मसार होना पड़ता है। मान्यता न होने से शारीरिक शिक्षा विभाग से डिग्रियां लेकर नौकरी की आस लगाए युवाओं का भविष्य अंधकार में है। जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो विश्वविद्यालय में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। संगठन ने मर्सी चांस की समस्या, यूआईईटी के छात्रों के लिए स्पेशल परीक्षा, प्रोफेशनल कोर्सों में पास प्रतिशत के नियमों में सुधार को भी कुलपति के सामने रखा। कुलपति ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया है। इस मौके पर रवि रेढू, रामवीर बडाला, मंजीत देशवाल, नवीन शर्मा, नवीन दांगी, मंजीत, महेश चाहर, गौरव कन्हेली, मलकीत, राहुल यादव, योगेश, उमेश मलिक, गोलू रंगा, विकास सैनी, आशीष उपस्थित रहे।
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