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कोर्ट ने पुलिसकर्मियों की हत्या के प्रयास के मामले में मेवात के ट्रक चालक को साथियों सहित बरी

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अपने केस को भी डिफेंड नहीं कर सकी पुलिस, पुलिस पार्टी पर ट्रक चढ़ाने के मामले में चालक कोर्ट से बरी
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- अदालत में नहीं टिक नहीं सकी महम पुलिस की बनाई लंबी चौड़ी कहानी
- तीन साल से जिला अदालत में चल रहा था केस, एडीजे फखरुद्दीन की अदालत ने सुनाया फैसला

अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
तीन साल पहले महम पुलिस ने सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने व पुलिस पार्टी की हत्या का प्रयास करने के आरोप में मेवात के पांच युवकों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे तो डाल दिया, लेकिन अदालत के अंदर अपनी कहानी को साबित नहीं कर पायी। इसके चलते एडीजे फखरुद्दीन की अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया।
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अभियोजन के अनुसार 5 जनवरी 2015 को महम थाने के तत्कालीन प्रभारी परवीर कुमार को सूचना मिली कि मेवात के पंचगांव निवासी चमन अपने चार-पांच साथियों के साथ लूट या डकैती की वारदात अंजाम देने के लिए झज्जर से कलानौर की तरफ ट्रक लेकर आ रहा है। कंट्रोल रूम से वीटी हो गई। महम पुलिस ने बलंबा रोड पर नाका लगाकर वाहनों की जांच शुरू कर दी। रात करीब 11 बजे बलंबा की तरफ से एक ट्रक तेज गति से आता हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने रुकने का इशारा किया, लेकिन चालक ने ट्रक रोकने की बजाए बेरिगेट्स के ऊपर चढ़ा दिया। पुलिस कर्मी बाल-बाल बचे। इतना ही नहीं, ट्रक से दो फायर पुलिस की टीम पर किए गए। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ट्रक के टायरों में गोली मारी, लेकिन चालक ट्रक पीछे करके भागने में कामयाब रहा। बाद में ट्रक मदीना के पास खड़ा मिला। आरोपी चंपत हो गए थे। महम पुलिस ने ट्रक चालक चमन व उसके साथियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 186, 353, 307 व 34 और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। बाद में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चमन व उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया। तभी से जिला अदालत में सुनवाई चल रही थी। शुक्रवार को अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में सभी आरोपियाें को निर्दोष मानते हुए बरी कर दिया।
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