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बुखार के मरीजों की भरमार, बेड नहीं मिलने पर लाया फोल्डिंग पलंग

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बुखार के मरीजों की भरमार, बेड नहीं मिलने पर लाया फोल्डिंग पलंग
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अंबाला कैंट। बुखार के मरीजों की सिविल अस्पताल में भरमार हो गई है। सिविल अस्पताल में मरीजों की संख्या में प्रतिदिन इजाफा होता जा रहा है। शुक्रवार शाम हालत यह थी कि एक बैड पर दो-दो मरीज लेटे हुए थे। इसके चलते कुछ मरीज अपने घरों से फोल्डिंग पलंग लाने को मजबूर हो गए।
शुक्रवार शाम को बुखार से ग्रस्त मरीज 35 वर्षीय अंजू को कैंट सिविल अस्पताल में बेड नहीं मिला। उसे सुबह उसका पति नगर निगम में सफाई कर्मी महेंद्र लेकर आया था। शाम तक जब अंजू को बेड नहीं मिला तो महेंद्र घर जाकर फोल्डिंग पलंग ले आया। महेंद्र ने बताया कि उसकी पत्नी मंजू को करीब पांच दिनों से बुखार है। उसने निजी अस्पताल में इलाज कराया तो प्लेटलेट्स कम निकले। मगर अभी डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है। अस्पताल में बुखार मरीजों के लिए अलग से वार्ड बनाया गया है जहां पर तीन दर्जन से अधिक मरीज इस समय भर्ती है।
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कम प्लेटलेट्स मरीजों के
कैंट सिविल अस्पताल में बुखार प्रभावित मरीजों का आलम यह है कि उनके प्लेटलेट्स लगातार नीचे गिरते जा रहे हैं। इस समय कई मरीज अस्पताल में भर्ती हैं जिनके प्लेटलेट्स कम है। हालांकि उन्हें अभी डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है और उनके ब्लड सेंपल जांच के लिए सिटी स्थित प्रयोगशाला में भेजे गए हैं जहां से इसकी पुष्टि होगी। मगर मरीजों की स्थिति यह है कि वह अभी से यह मानकर चल रहे हैं कि उन्हें डेंगू है। उधर, शुक्रवार को कैंट सिविल अस्पताल से दो मरीज चंडीगढ़ सेक्टर 32 स्थित गवर्नमेंट मेडिकल अस्पताल में भी रेफर किए गए हैं जिनके प्लेटलेट्स 20 हजार से भी कम थे। जो मरीज रेफर हुए हैं उनमें शहजादपुर निवासी देवकी एवं बोह निवासी करूण शामिल है।
डेढ़ सौ से अधिक डेंगू के मरीज
बता दें कि स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों अनुसार अभी तक डेढ़ सौ से भी अधिक डेंगू प्रभावित मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। मगर विभाग अभी भी इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है। आलम यह है कि सिविल सर्जन ब्यान जारी कर केवल वायरल के मरीजों की संख्या ज्यादा बताते हुए अपने आंकड़ों को बेहतर बता रहे हैं। अब तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा डेंगू की रोकथाम के लिए जितने भी प्रयास किए गए हैं वह नाकाफी साबित हो रहे हैं।
कैंट से भेजे चार केस पॉजिटिव
कैंट सिविल अस्पताल से मरीजों के ब्लड सेंपल डेंगू की पुष्टि के लिए सिटी स्थित प्रयोगशाला में भेजे जा रहे हैं। इनमें से अभी तक चार केसों में पॉजिटिव रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को मिली है। साफ है कि डेंगू अपने पांव पसार चुका है, मगर विभागीय तैयारी एवं रोकथाम के उपाए अब तक नाकाम साबित हो रहे हैं।
एसएमओ ने किया औचक निरीक्षण, सोता मिला स्टाफ
उधर, मध्य रात्रि कैंट सिविल अस्पताल के एसएमओ डा. सतीश कुमार ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान वार्ड सर्वेंट, सिक्योरिटी गार्ड व अन्य स्टाफ सोते हुए मिला। करीब आधे घंटे तक पहले डा. सतीश ने चुपचाप अस्पताल परिसर का मुआयना किया। इसके उपरांत जो स्टाफ सोता मिला उन्हें मौके पर बुलाकर फटकार लगाई गई। उन्हें सख्त हिदायत दी गई ताकि भविष्य में ऐसी हरकत दोबारा न हो। बताते हैं कि सिक्योरिटी गार्डों के सुपरवाइजर को इस संबंध में नोटिस भी दिया गया है।
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कोट्स
अस्पताल में बेड की कोई कमी नहीं है। अस्पताल नया बना है और पर्याप्त मात्रा में बेड है। अस्पताल में फोल्डिंग पलंग लाने के मामले में ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ से बातचीत की गई है। यह कोई समस्या नहीं है। लोग अस्पताल में दाखिल होना चाहते हैं। प्लेटलेट्स कम होने पर लोग इसे डेंगू मान रहे हैं जबकि ऐसा नहीं है।
डा. सतीश कुमार, एसएमओ, अंबाला कैंट, सिविल अस्पताल।
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