न्यायाधीश देव तुल्य तो अधिवक्ता देवदूत के समान: सीएम
चरखी दादरी।
न्यायधीश अगर देव तुल्य हैं तो अधिवक्ता देवदूत के समान हैं। गरीबों के साथ सहानुभूति रखते हुए अधिवक्ताओं को अंत्योदय की भावना से अपने कर्तव्य का निर्वाह करना चाहिए। देश को आजाद करवाने में अधिवक्ताओं का सबसे अधिक योगदान रहा है। ये विचार सूबे के मुखिया मनोहर लाल खट्टर ने चरखी दादरी बार एसोसिएशन के सभागार में ई-लाईब्रेरी का शुभारंभ करने के बाद लोगों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
सीएम ने कहा कि अधिवक्ताओं के पास आकर मुवक्किल को लगता है कि उसको सही प्रकार से अपनी समस्या का समाधान मिल सकेगा। मुवक्किल की भावना को समझते हुए अधिवक्ताओं को भी अपने व्यवसाय मेें स्पष्ट व ईमानदार रवैया अपनाते हुए उनको सही स्थिति से अवगत करवाना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान जिला बार एसोसिएशन ने प्रधान एडवोकेट दयानंद की अगुवाई में सीएम को एक 16 सूत्रीय मांगपत्र सौंपकर उपभोक्ता, पीएलए, लेबर व कमिश्नर कोर्ट शुरू कराने की मांग भी की। सीएम मनोहर लाल खट्टर को प्रदेश के 22वें जिले में दो दिवसीय प्रवास कार्यक्रम रविवार को पूरा हो गया। पहले दिन सीएम ने जनता दरबार में फरियादियों की शिकायत पर बिजली निगम के एक्सईएन भागीरथ लोढ़ा व जिला खनन अधिकारी आरएस ठाकरना को सस्पेंड किया था। शनिवार देर शाम ही एक्सईएन के शिकायत के संबंध में अपना तर्क रखने के बाद सीएम ने उन्हें सस्पेंड करने के आदेश वापस ले लिए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सहित सांसद धर्मबीर सिंह, विधायक सुखविंद्र सिंह, भाजपा प्रदेश महामंत्री संदीप जोशी व दादरी निगरानी समिति के चेयरमैन सोमवीर सांगवान, उपायुक्त विजय कुमार सिद्प्पा को बार के वरिष्ठ सदस्यों व पदाधिकारियों ने सम्मानित किया।
मैं जानता हूं अपनी सीमा लांघ कर कह गया हूं बात..
सीएम ने कहा कि उनके व्यवहार के चलते हाईकमान उन्हें राजनैतिक आदमी ही नहीं मानती क्योंकि राजनैतिक व्यक्ति को गलत काम भी करवाने पड़ सकते हैं। सीएम ने कहा कि एक शख्स ने उन पर कमेंट करते हुए कहा कि आपका व्यवहार तो सुप्रीम कोर्ट के जज जैसा है। यहां थोड़ा रुककर उन्होंने अपने भाव का मतलब स्पष्ट करते हुए कहा कि उनका मतलब अपेक्षा के अनुरुप ठीक को ठीक व गलत को गलत कहने से था। सीएम ने इसके बाद कहा कि वो जानते हैं कि उन्होंने अपनी सीमा लांघकर यह बात कही है और अगर अधिवक्ताओं को सही लगे तो इस बात को याद रखना वरना दिमाग से निकाल देना।