प्राकृतिक आपदा से खराब फसलों का मांगा मुआवजा
बहल
पहले सूखे तथा बाद में बारिश से बर्बाद हुई कपास तथा ग्वार की फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने धरना दिया और प्रदर्शन कर जुलूस निकाला। किसानों ने फसल बीमा योजना करने वाली कंपनियों से किसानों की समस्याएं सुनने के लिए अपने शिकायत केंद्र खोलने की मांग की। इसके बाद मांगों को लेकर डीसी के नाम लिखा ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा।
बड़ी संख्या में किसान शुक्रवार को अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले अनाज मंडी में एकत्रित हुए। किसानों ने कहा कि पिछले 15 दिनों में कपास और ग्वार की फसल बुरी तरह से प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित हुई है। पहले फसल सूखे से खराब हुई तथा बाद में बारिश से झुलसा रोग लगा है। इस कारण सरकार क्षेत्र में प्रभावित हुई फसलों की विशेष गिरदावरी करवाए तथा किसानों को मुआवजा दें। किसान नेताओं ने कहा कि बीमा कंपनियां किसानों के खातों से बीमा योजना के पैसे काट लेती है लेकिन बाद में कोई शिकायत नहीं सुनती है। बीमा कंपनियां किसानों को शिकायत कृषि विभाग से किए जाने की बात कहती है, जबकि कृषि विभाग भी किसानों की बात नहीं सुनता है। इसलिए, सरकार बीमा कंपनियों को निर्देश देकर शिकायत केंद्र खुलवाएं ताकि किसान वहां अपनी शिकायत दर्ज करवा सके।
किसानों ने अनाज मंडी में नारेबाजी की तथा बाद में अनाज मंडी से लेकर तहसील कार्यालय तक जुलूस के रूप में एकत्रित होकर प्रदर्शन किया। किसानों ने डीसी के नाम लिखे ज्ञापन में मांग की कि स्पेशल गिरदावरी में पांच एकड़ से कम फसल की कंडीशन हटाई जाए, ढाणियों में सिंगल फेज बिजली कनेक्शन दिए जाए, पुरानी मुआवजा प्रणाली से मुआवजा दिया जाए और समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीद सुनिश्चित की जाए। धरने की अध्यक्षता भगवान सिंह लाखलाण ने की। इस मौके पर डॉ. बलबीर सिंह ठाकन, दलबीर सिंह, दयानंद पूनिया, वेद बाबू, मीर सिंह, हवासिंह, कैप्टन ईश्वर, दयाचंद सिधनवा, धर्मपाल, रामचंद्र फौजी, राजबीर कामरेड, महीपाल, मांगे, कृष्ण, किशनलाल, आजाद, बलवान सलेमपुर, प्रदीप मंढोली, रामकुमार, महीपाल सिधनवा, रामकर्ण साहब, श्रीचंद, सोहन मौजूद रहे।