रोडवेज ओवरलोड, निजी बसों की बल्ले-बल्ले
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
आज रक्षाबंधन पर्व है। इस बार भद्रा और चंद्रग्रहण की वजह से भाइयों को राखी बांधने का समय बहनों के पास कम होगा। ऐसे में हर साल की तरह भाइयों के पास जाने के लिए बहनों को रोडवेज की 36 घंटे मुफ्त बस सेवा दी गई। हालांकि भारी भीड़ के चलते रोडवेज बसों के ओवरलोड होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा और मजबूर प्राइवेट बसों में किराया देकर सफर करना पड़ा। रविवार दोपहर 12 बजे से बसों में पैर रखने को भी यात्रियों को जगह नहीं मिली। ऐसे में रोडवेज प्रबंधन ने बसों के फेर की संख्या तक बढ़ा दी।
रक्षाबंधन के अवसर पर बहनों के लिए फ्री बस सेवा की छूट रविवार दोपहर 12 बजे से सोमवार रात 12 बजे तक दी गई है। इससे रोडवेज में रोज की अपेक्षा रविवार को कई गुना भीड़ बढ़ गई। ऐसे में रोडवेज प्रबंधन ने बसों के फेरों को बढ़ा दिया। साथ ही अतिरिक्त कर्मचारियों की ड्यूटी भी निर्धारित की गई। वहीं टिकट लेने वाले यात्रियों को भीड़ के चलते भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बसों के ऊपर बैठकर की यात्रा
बसों में भीड़ के चलते कई यात्री जान जोखिम में डालकर बसों के ऊपर बैठ गए। इन्हें रोकने वाला भी कोई न था। घर पहुंचने की जल्दी में लोगों ने कई किमी जान जोखिम में डालकर यात्रा की। रोडवेज में भीड़ के चलते लोगों ने निजी बसों की ओर रुख किया। इसका फायदा उठाकर निजी बस चालकों ने मनमर्जी किराया वसूल किया।
बाजारों में रौनक
रक्षाबंधन पर्व पर बाजारों में खासी रौनक देखी गई। बाजार में राखी की दुकानों और मिठाई की दुकानों पर दोपहर से ही महिलाओं का तांता लग गया। शहर में कई दुकानों के बाहर वाहनों के खड़ा होने से जाम जैसी स्थिति हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और जाम को खुलवाया।
मेहंदी लगाने वालों ने खूब की कमाई
देश में हर त्यौहार पर महिलाओं में मेहंदी लगवाने का खासा प्रचलन है। आधुनिकता के दौर में आए बदलाव ने इस कला का बाजारीकरण भी कर दिया है। रविवार को विभिन्न बाजारों में मेहंदी लगाने वालों की खूब कमाई हुई। पहले साधरण तौर पर मेहंदी हाथों पर रचाई जाती थी, लेकिन अब इनकी जगह डिजाइनर मेंहदी ने ले ली है। महिलाओं ने मेहंदी लगवाने पर 300 से 2000 रुपये तक खर्च किए। किला रोड, रेलवे रोड और गांधी कैंप में मेहंदी लगाने वालों के यहां महिलाओं की लंबी कतार लगी रही।
190 बसों के रूट पर बढ़ाया फेर
रोडवेज प्रबंधन ने यात्रियों की संख्या को देखते हुए 190 रूट में कई फेर बढ़ा दिया। लंबे रूट को छोटा कर महिलाओं और लड़कियों को पहुंचाने के लिए फेरों की संख्या बढ़ाई गई।
बोले अधिकारी
चंडीगढ़, हिसार आदि रूटों की बसों के लंबे रूट छोटे कर इन्हें लोकल चलाई गईं हैं। जयपुर, अजमेर, सालासर बालाजी, हरिद्वार, कटरा, आगरा की ओर जाने वाली बसों के रूट में कोई कटौती नहीं की गई है। महिलाओं की सुविधा के लिए शहर के हर चौराहे पर अतिरिक्त निरीक्षक तैनात किए गए हैं। आमतौर पर डिपो की सभी बस एक दिन में औसतन 60 हजार किलोमीटर की दूरी तय करती है। यात्रियों को समस्या न हो इसके लिए बी सर्विस की बसों की सर्विस रोक कर रूट पर चलाया गया है। भीड़ को देखते हुए रविवार को गुड़गांव आठ से दस, पानीपत और चंडीगढ 20 अतिरिक्त फेर बढ़ाए गए। चालक की परीक्षा होने के चलते विद्यार्थियों को वापस भी आना था। महिलाओं को सोमवार की मध्यरात्रि 12 बजे तक सरकारी बसों में निशुल्क यात्रा करने की छूट मिलेगी। सोमवार को भी रोडवेज यात्रियों को परेशानी नहीं होने देगा, इसके लिए पर्याप्त इंतजाम कर दिया गए हैं।
- राहुल जैन, महाप्रबंधक, हरियाणा रोडवेज
राखी बंधवाने का शुभ समय सुबह 11 बजे से 1:52 तक
दुर्गा कॉलोनी स्थित श्रीशिशु दुर्गा मंदिर के पुजारी दामोदर प्रसाद ने बताया कि इस बार रक्षाबंधन पर चंद्रग्रहण लगा है। शास्त्रों के अनुसार केवल भद्रा में राखी नहीं बंधवानी चाहिए। सोमवार को सुबह 11 बजे से 1:52 बजे तक केवल दो घंटा 52 मिनट राखी बंधवाने का समय शुभ है। वहीं पंडित ने बताया कि रक्षाबंधन की रात 10 बजकर 52 मिनट पर खंडग्रास चंद्रग्रहण लग रहा है। यह मध्यरात्रि 12 बज कर 48 मिनट पर समाप्त होगा। जबकि सूतक 1 बजकर 52 मिनट से लग जाएगा। इसलिए राखी बांधने का समय सुबह का ही शुभ है।
सफेद वस्तु तोहफे में दें
सुबह के समय भद्रा लगने के कारण राखी बांधने का उचित मुहूर्त नहीं है। इसलिए मुहूर्त को देखते हुए साढ़े 11 बजे से डेढ़ बजे का समय ज्यादा बेहतर है। सूतक लगने के कारण भाईयों-बहनों को समय का खास ध्यान रखना होगा। चंद्रग्रहण का असर कम करने के लिए चांदी की वस्तुएं तोहफे में देना बेहतर होगा। चांदी की वस्तुएं न होने पर सफेद मिठाई या सफेद वस्त्र भी दिया जा सकता है। आज के दिन खीर बनाने का भी खास महत्व रहेगा। खीर बनाकर बहनें भाई को चांदी की चम्मच से खिलाएंगी तो परिणाम ओर बेहतर रहेंगे।
डा. मंजू शर्मा, एस्ट्रोलॉजर