अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
बिहार में महागठबंधन की सरकार गिरने के बाद प्रदेश के दिग्गज कांग्रेसी एवं पूर्व वित्तमंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने वहां विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश कुमार को सीएम घोषित करना कांग्रेस की बड़ी भूल बताई है। शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में कैप्टन यादव ने कहा कि कांग्रेस और आरजेडी ने ही जेडीयू का वजूद बचाया था। विधानसभा चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ा गया था। फिर भी जेडीयू की आरजेडी से कम सीटें आईं। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने भाजपा के खिलाफ मतदान किया था। लेकिन नीतीश कुमार ने भाजपा से हाथ मिलाकर बिहार की जनता को धोखा दिया है। इससे स्पष्ट होता है कि नीतीश कुमार कितने बड़े अवसरवादी हैं।
कैप्टन ने कहा कि बिहार में सबसे बड़ा दल आरजेडी है, उसके पास 80 विधायक हैं। इसके बावजूद राज्यपाल ने 71 विधायकों वाली जेडीयू को सरकार बनाने के लिए पहले बुलाया, यह सरासर लोकतंत्र की हत्या है। इसलिए लालू प्रसाद यादव ने विधायकों से गुप्त मतदान कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के समय प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार को विशेष पैकेज के लिए एक लाख 25000 करोड़ रुपये देने का वादा किया था। स्वामीनाथन रिपोर्ट भी लागू करने की बात कही थी, लेकिन करीब दो साल बीत जाने के बाद भी आज तक कोई भी वादा पूरा नही हुआ। कैप्टन अजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के साथ है और साथ रहेगी। वह 27 अगस्त को होने वाली लालू प्रसाद यादव की रैली में बिहार जाएंगे।