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नहीं आए प्रश्नपत्र, ब्लैक बोर्ड पर प्रश्न लिख ली परीक्षा

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नहीं आए प्रश्नपत्र, ब्लैक बोर्ड पर प्रश्न लिख ली परीक्षा
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अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। शिक्षा विभाग की उदासीनता फिर सामने आई। शुक्रवार को राजकीय आदर्श संस्कृति स्कूल में विद्यार्थियों से लिए जा रहे मासिक टेस्ट के प्रश्न पत्र नहीं पहुंचे। स्कूल में कक्षा तीसरी से पांचवीं तक के अंग्रेजी माध्यम के प्रश्न पत्र नहीं आए । वहीं, कक्षा छठीं से आठवीं के लिए विभाग ने ईमेल कर प्रश्नपत्र डाल अपलोड कर कर्तव्य की इतिश्री कर ली। इस दरम्यान अध्यापक और विद्यार्थी परेशान रहे। बाद में किसी तरह अध्यापकों ने ब्लैक बोर्ड पर प्रश्न लिख परीक्षा कराई। वहीं अंग्रेजी माध्यम के प्रश्न पत्र के पहुंचने पर एक घंटे देरी से परीक्षा शुरू हो पाई।
प्राइमरी की अध्यापक आशा वर्मा ने बताया कि शुक्रवार सुबह वह बीईओ कार्यालय में तीसरी से पांचवीं कक्षा के ईवीएस के प्रश्न पत्र लेने गईं। कार्यालय में मौजूद अधिकारियों से जवाब मिला कि उनके स्कूल के अंग्रेजी माध्यम के प्रश्न पत्र नहीं आए हैं। फिर बिना प्रश्न पत्र के ही स्कूल लौट आईं। जबकि दूसरी ओर आज कक्षा छठीं, सातवीं का विज्ञान और आठवीं का सामाजिक अध्ययन का मासिक टेस्ट होना था। अध्यापकों ने इस बारे में उच्च अधिकारियों को सूचना दी, कुछ देर में जवाब आया कि कक्षा छठीं से आठवीं का प्रश्नपत्र स्कूल की ई-मेल पर डाल दिया गया है। अध्यापकों ने बताया कि स्कूल में कक्षा छठीं से आठवीं तक लगभग 562 विद्यार्थी हैं। ई मेल से सभी कक्षाओं के प्रश्न पत्र निकालने में हजारों रुपये का खर्चा आता है, इसलिए मजबूरन अध्यापकों ने एक-एक प्रश्न पत्र का प्रिंट निकाल कर ब्लैक बोर्ड पर प्रश्नपत्र को उतार कर मासिक परीक्षा ली। वहीं, कक्षा तीसरी से पांचवीं तक के लिए ईवीएस का पेपर 11 बजे के बाद स्कूल की ई-मेल पर आया। इसको अध्यापकों ने ब्लैक बोर्ड पर उतार कर आनन-फानन में टेस्ट पूरा कराया। अध्यापकों ने बताया कि यह मासिक टेस्ट जल्दबाजी में लिया गया।
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कल भी नहीं पहुंचे थे आदर्श स्कूल के प्रश्नपत्र
स्कूल के अध्यापकों ने बताया कि गुरुवार को भी स्कूल के पहली से आठवीं तक के प्रश्न पत्र नहीं पहुंचे थे। परेशान हो प्रधानाचार्य ने कुरुक्षेत्र जिले से ई-मेल पर प्रश्न पत्रों को मंगवाकर विद्यार्थियों का टेस्ट लिया था। अध्यापकों ने बताया ऐसा केवल इसलिए हुआ, क्योंकि जिले में राजकीय आदर्श संस्कृति स्कूल बिलासपुर में एक मात्र सरकारी स्कूल है, जहां अंग्रेजी माध्यम से प्रश्न पत्र लिए जाते हैं।
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