भ्रूण लिंग जांच: अल्ट्रासाउंड मशीन समेत मुख्य आरोपी फरार, दलाल पकड़ा
रेवाड़ी।
गर्भपात के लिए अब लोग पड़ोसी राज्यों में शरण ले रहे हैं। शनिवार रात स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने राजस्थान झुंझुनू जिले के बुवाना गांव स्थित एक ठिकाने पर रेड कर मामले का भंडाफोड़ किया। कार्रवाई के दौरान मुख्य आरोपी पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन और नकदी लेकर फरार हो गया लेकिन पुलिस ने दलाल को गिरफ्तार कर गर्भपात किट (एमटीपी) के साथ लिंग जांच एवं गर्भपात से जुड़ी अन्य दवाइयां भी बरामद की हैं। रविवार सुबह पकड़े आरोपी को थाना शहर पुलिस के हवाले कर मुख्य आरोपी के खिलाफ पीसी-पीएनडीटी एवं ड्रग्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम को भ्रूण लिंग जांच के अवैध धंधे की सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर विभाग ने एक डिकॉय पेशेंट तैयार किया। इस डिकॉय ने अजीत नामक दलाल से भ्रूण लिंग जांच कराने की बात की। शनिवार शाम चार बजे कुंड में मिलने का समय तय हुआ। इसी बीच स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एसएमओ डॉ. विजय प्रकाश, डॉ. भंवर सिंह, ड्रग इंस्पेक्टर हेमंत ग्रोवर और सीडीपीओ सुमन यादव की टीम का गठन किया। पुलिस की स्पेशल टीम का नेतृत्व विद्यासागर ने किया। पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम एक गाड़ी में जबकि डिकॉय के साथ उसका पति और एक एएसआई रेवाड़ी से कुंड के लिए रवाना हुए। कुंड पहुंचने पर अजीत राजस्थान नंबर की एक बाइक के साथ पहले से बताई जगह पर खड़ा मिला। इसके बाद अजीत ने डिकॉय को बाइक के पीछे चलने के लिए कहा। अजीत नारनौल पार कर पचेरी से होता हुआ झुंझुनू जिले के बवाना गांव पहुंचा। यहां पर उसने डिकॉय के पति को रोक दिया। डिकॉय और एएसआई को अपनी बाइक पर बैठा लिया। बवाना की गलियों से होता वह ठिकाने पर पहुंचने से पहले रुका और एएसआई का फोन बंद कर दिया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस का डिकॉय से संपर्क टूट गया। दलाल दोनों को एक खंडहर के अंदर चल रहे क्लीनिक में ले गया। यहां पर जांच के बाद डॉक्टर ने पूछने पर लड़का बताया। जब तक पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ठिकाने पर पहुंची तो वह अपनी पोर्टेबल मशीन और 11 हजार रुपये लेकर वहां से फरार हो गया। मौके पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गर्भपात किट के साथ अन्य दवाइयां भी बरामद कीं। वहीं दलाल के साथ उसकी बाइक भी पुलिस ने जब्त कर ली है।
ब्लॉक वाइज तैनात हैं दलाल, मिलते हैं पांच हजार
एक सप्ताह पहले ही स्वास्थ्य विभाग को नारनौल के पास भ्रूण लिंग जांच एवं गर्भपात कराने वाले गिरोह के बारे में जानकारी मिली थी। सिविल सर्जन ने टीम गठित कर कार्रवाई करने का प्लान तैयार किया। इस दौरान खुलासा यह हुआ कि उक्त कथित डॉक्टर के हर ब्लॉक में दलाल मौजूद हैं। मौके से पकड़ा गया अजीत भी कुंड और आसपास से ग्राहकों को बुआना लेकर जाता था। प्राथमिक स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार भ्रूण लिंग जांच के लिए 15 हजार रुपये में दलाल डील करता था। इसमें से पांच हजार वह अपने पास रखता था। शनिवार को डिकॉय पेशेंट के साथ उसकी 11 हजार रुपये में डील हुई थी।
कोट
सूचना के अनुसार गिरोह हरियाणा, राजस्थान और यूपी में भी काम कर रहा है। मौके पर गर्भपात की किट के साथ अन्य प्रतिबंधित दवाइयां भी बरामद हुई हैं। आरोपी के खिलाफ पीसी-पीएनडीटी और ड्रग्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। जिले में भ्रूण लिंग जांच करने वालों के खिलाफ सघन अभियान चलाया जाएगा। किसी भी स्तर पर ऐसा जघन्य अपराध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। - डॉ. सुदर्शन पंवार, कार्यकारी सिविल सर्जन, रेवाड़ी।