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किताबों के अभाव में विद्यार्थियों की पढ़ाई हो रही चौपट

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किताबों के अभाव में विद्यार्थियों की पढ़ाई हो रही चौपट
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चरखी दादरी। राजकीय स्कूलों का खराब परिणाम हर बार शिक्षा विभाग को शर्मसार करता है। शिक्षा का नया सत्र शुरू हो चुका है लेकिन जिले के दादरी, बाढड़ा व बौंद खंड के राजकीय स्कूलों में सभी कक्षाओं की किताबें अब तक नहीं पहुंची है। जुलाई के अंतिम सप्ताह में यूनिट टेस्ट शुरू होने जा रहे हैं लेकिन अब तक स्कूलों में किताबी पढ़ाई शुरू ही नहीं हो पाई है। अमर उजाला टीम ने जिले के तीनों खंडों के चार-चार स्कूलों की वास्तविक स्थिति जानी। इसमें किसी स्कूल में तीन कक्षाओं की किताबें अब तक नहीं पहुंची तो किसी में कक्षा चार की। इतना ही नहीं इस बार जो किताबें भेजी गई है वो विद्यार्थियों की मौजूदा संख्या की बजाय पुराने आंकड़ों के हिसाब से भेजी गई है। शिक्षा सत्र शुरू हुए करीब तीन माह से अधिक समय बीत चुका हैं लेकिन सरकारी स्कूलों में किताबें न पहुंचने से पढ़ाई चौपट हो रही है। शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत प्राइमरी बच्चों को पुस्तकें, ड्रेस और भोजन नि:शुल्क दिए जाने का प्रावधान है। इस समय स्कूलों में बच्चों को किताबें न मिलने पर शिक्षक भी दुविधा में हैं। शिक्षक छात्रों को बेसिक पाठ्यक्रम करवाने को मजबूर हैं। छात्रों का दो माह का समय कैचअप कार्यक्रमों में बीता है। शिक्षकों का कहना है कि है पूरे दिन कैचिंग कार्यक्रम के तहत स्कूल में सहगामी गतिविधियां चलाना संभव नहीं है। अब कुछ दिन पहले स्कूलों में पुस्तकें जरूरी पहुंची है लेकिन किसी स्कूल में दो कक्षा तो किसी में तीन कक्षाओं की ही पुस्तकें पहुंची हैं। पुरानी पुस्तकें काफी कम बच्चों के पास ही हैं। बौंद कलां ब्लॉक में 63 व दादरी ब्लॉक में 72 स्कूल हैं। जिले में प्राइमरी व अपर प्राइमरी स्कूलों में करीब 20 हजार छात्र संख्या है।
बाढड़ा ब्लॉक
ढाणी माल्याण पाठशाला में दो ही कक्षाओं की पहुंची किताबें
बाढड़ा ब्लॉक के गांव ढाणी माल्याण के प्राइमरी स्कूल में कुल 77 छात्र हैं। पहली में 12, चौथी में 16 व पांचवीं कक्षा में 10 छात्र हैं। यहां कक्षा पहली, चौथी पांचवीं की पुस्तकें नहीं पहुंची हैं। इस प्रकार 39 छात्रों के पास पढ़ने को कोई पुस्तक नहीं हैं। शिक्षकों का तर्क है कि बच्चों को बेसिक ज्ञान दिया जा रहा है। पूरे दिन कैचिंग कार्यक्रम चलाना भी संभव नहीं है।
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गांव कारीदास प्राइमरी स्कूल के 59 बच्चों किताबों से महरूम
गांव कारीदास के प्राइमरी स्कूल में 80 छात्र हैं। पहली कक्षा में 23, दूसरी कक्षा में 22 व पांचवीं कक्षा में 14 छात्र हैं। कक्षा पहली, चौथी व पांचवीं की पुस्तकें नहीं अभी तक स्कूल में नहीं पहुंची हैं। इस प्रकार 80 में से 59 छात्रों के पास पुस्तकें नहीं है। स्कूल में चार-पांच सेट पुरानी किताबें के जरूर हैं लेकिन इनके जरिए सभी छात्रों की पढ़ाई संभव नहीं है।
डूडीवाला किशनपुरा प्राइमरी स्कूल में 58 बच्चों के पास नहीं किताबें
इस स्कूल में केवल कक्षा दूसरी व तीसरी की ही पुस्तकें पहुंची हैं। स्कूल में कुल 95 छात्र हैं। यहां 58 छात्रों के पास पुस्तकें नहीं हैं। यहां कुछ छात्रों के पास पुरानी पुस्तकें भी नहीं हैं। शिक्षक अपने स्तर पर पाठ्यक्रम सामग्री जुटाकर अध्ययन करवा कर रहे हैं।
गॉंव हड़ोदी प्राइमरी स्कूल में पहली, चौथी व पांचवीं कक्षाओं की नहीं किताबें
गॉंव हड़ोदी के प्राइमरी स्कूल कक्षा पहली, चौथी व पांचवीं के छात्रों को पुस्तकें नहीं मिली हैं। इस स्कूल में पहली कक्षा के 23 चौथी कक्षा से 41 व पांचवीं कक्षा से 32 छात्रों के पास पुस्तकें नहीं हैं। शिक्षकों का मानना है कि समय पर पाठ्यक्रम पूरा नहीं होगा तो परीक्षा परिणाम पर भी प्रतिकूल असर पड़ना स्वाभाविक है।
चरखी दादरी ब्लॉक
पातुवास प्राइमरी पाठशाला में भी किताबों की कमी
गांव पातुवास स्थित प्राइमरी स्कूल में 83 छात्र हैं। इस स्कूल में कक्षा दूसरी व तीसरी की ही पुस्तकें पहुंची हैं। दूसरी कक्षा में 13 व तीसरी कक्षा में 16 छात्रों के पास ही पुस्तकें हैं शेष 54 छात्रों के पास पुस्तकें नहीं हैं।
गांव सरूपगढ़ प्राइमरी स्कूल में पुरानी पुस्तकों से चल रहा काम
इस स्कूल में कुल 60 छात्र हैं। स्कूल में पहली, चौथी व पांचवीं कक्षा के छात्रों के पास पुस्तकें नहीं हैं। इस प्रकार स्कूल में 38 बच्चों के पास पुस्तकें नहीं हैं। स्कूल के अधिकतर छात्र पुरानी पुस्तकें भी लिए हुए हैं। इन पुरानी पुस्तकों से ही काम चलाया जा रहा है।
महराणा प्राइमरी स्कूल में पहुंची दो कक्षाओं की किताबें
गांव महराणा स्थित प्राइमरी स्कूल की छात्र संख्या 80 है। यहां कक्षा दूसरी व तीसरी की ही पुस्तकें पहुंची हैं। करीब आधा दर्जन पुराने सेट भी छात्रों के पास हैं। यहां करीब 40 छात्रों के पास पुस्तकें नहीं हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को किताबों के अभाव में परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।

सांकरोड़ प्राइमरी स्कूल में पुराने किताबों के सेट से चल रहा काम
गांव सांकरोड़ प्राइमरी स्कूल में 142 छात्र हैं। स्कूल में कक्षा दूसरी व तीसरी की ही पुस्तकें पहुंची हैं वे भी संख्या में काफी कम हैं। प्रत्येक कक्षा में चार से पांच सेट पुरानी किताबों के जरूर हैं इनके जरिए जैसे-तैसे काम चलाया जा रहा है। कक्षा दूसरी में 24 व तीसरी में 34 छात्र हैं इस प्रकार करीब 60 छात्रों के पास पुस्तकें नहीं हैं।
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कई कक्षाओं की पुस्तकें पहुंच चुकी हैं शेष कक्षाओं की पुस्तकें भी जल्द ही पहुंच जाएंगी। बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं होने दिया जाएगा। शिक्षा विभाग लगातार प्रयासरत है।
-बीईई कुलदीप सिंह फौगाट
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