रोहतक। एक ओर तो विभिन्न सामाजिक व गैर सामाजिक संस्थाएं सरकारों से साथ पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाने के लिए अलग-अलग मुहिम चलाती हैं, दूसरी ओर आम लोग पर्यावरण को प्रदूषित करने का एक भी मौका नहीं चुकते। ऐसे ही प्रदूषण फैलाने के मामले अब शहर में नहरों के किनारे देखने को मिल रहे हैं। जहां पर लोग नवरात्रे के अवसर पर घरों में किए हवन-पूजा की राख को पॉलीथिन में डालकर नहरों में बहा रहे हैं। इससे नहरों का पानी प्रदूषित होने के साथ साथ नहरों के जलीय पारिस्थितिकी तंत्र बिगड़ता है। इस तंत्र को बिगड़ने व नहरों को प्रदूषित होने से रोकने के लिए शहर के जाट कॅालेज के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. जसमेर ने लोगों से अपील की।
डॉ. जसमेर ने बताया कि पहले तो श्रद्धालु नवरात्रों में अलग-अलग देवियों की पूजा कर पुण्य के भागीदार बनते हैं। नौंवे दिन जब सुबह हवन कर राख व अन्य अपशिष्ट सामग्री को नहर या अन्य किसी जलीय तंत्र में बहा देते हैं जिससे उस जलीय तंत्र का पारिस्थितिकी तंत्र के जीव सीधे प्रभावित होते हैं। पॉलीथिन डालने से नहर का पानी प्रदूषित होने के साथ-साथ मोरी को ब्लॉक करते हैं। उन्होंने कहा कि यही लोग एक ओर तो पर्यावरण को शुद्ध करने के लिए हवन करते हैं और दूसरी ओर पॉलीथिन में हवन की राख व अन्य सामग्री नहरों में बहाकर उसे प्रदूषित कर रहे हैं।