अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। रोहतक रेलवे स्टेशन पर एक साल में एस्केलेटर लग जाएंगे। इसके साथ ही सुरक्षा के लिहाज से कैमरे भी लगाए जाएंगे। 31 मार्च तक रनिंग रूम फुली एसी कर दिए जाएंगे। सोमवार को रोहतक रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने पहुंचे उत्तर रेलवे के लिए जीएम टीपी सिंह ने ये स्पष्ट कर दिया है। 45 मिनट स्टेशन और 30 मिनट तक रनिंग रूम के जायजे के दौरान उन्होंने स्टेशन पर बने टी स्टालों के प्लेटफार्म तक बने होने पर आपत्ति जताई। कहा कि ये अपनी सीमा तक ही रहें तो अच्छा होगा। अमर उजाला में प्रकाशित खबर पर संज्ञान लेते हुए जीएम ने स्टेशन पर असामाजिक तत्वों के जमावड़े और ऑटो के आने पर अधीनस्थों को तत्काल अंकुश लगाने के आदेश दिए।
महाप्रबंधक टीपी सिंह के साथ दिल्ली रेल मंडल के डीआरएम आरएन सिंह, प्रिंसिपल चीफ सिक्योरिटी कमिश्नर आरपीएफ संजय सांस्कृत्यान, आरपीएफ सीडीएस एएन झा और रेलवे के सभी विभागों को विभागाध्यक्ष स्पेशल ट्रेन से रोहतक पहुंचे। जीएम सबसे पहले मुख्य गेट से सरक्युलेटिंग एरिया में आए, जहां वाहनों के आवागमन व स्टैंड की व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा। फिर प्रथम श्रेणी वेटिंग रूम का निरीक्षण किया। अचानक उनकी नजर एक टी-स्टॉल पर गई, जिसे देखकर डीआरएम से कहा कि यह पूरी तरह से गलत है। नये नियमानुसार कोई भी टी-स्टॉल प्लेटफार्म तक नहीं होना चाहिए। दिव्यांगों के शौचालय देखकर कहा कि छोटी सीट के स्थान पर ऊंची सीट लगाई जाए। इसके बाद वह सीधे रनिंग रूम की तरफ गए। एक-एक कमरे में तीन-तीन पलंग देखकर उन्होंने पांच नये कमरे बनवाने के आदेश दिए। इसके साथ ही 31 मार्च तक रनिंग रूम को फुली एसी करने के भी निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद प्रेसवार्ता में जीएम ने कहा कि लोको पायलेट (ट्रेन ड्राइवर) के रुकने के लिए बने रनिंग रूम में कई समस्याएं थीं जिन्हें दूर करने के लिए कहा गया है। हमारा मकसद है कि लोको पायलेट चेन की नींद लें ताकि ट्रेन चलाते समय उसे झपकी नहीं लगे।
नौ से दोपहर डेढ़ बजे तक बंद कर दिए सभी शौचालय
जीएम के निरीक्षण के चलते सुबह नौ से दोपहर डेढ़ बजे तक रेलवे स्टेशन के शौचालयों को यात्रियों के लिए बंद कर दिया गया। शौच के लिए परेशान यात्रियों ने जब विरोध किया तो उनके साथ अभद्रता की गई। टोहना फतेहाबाद के जसकरन सिंह ने बताया कि वह दो घंटे से स्टेशन पर हैं। शुगर होने की वजह से जल्द-जल्द लघुशंका आती है। जब वह सामान्य वेटिंग रूम के शौचालय में गया तो उसे धक्का मारकर अभद्रता की गई। झज्जर के संदीप, पाड़ा मोहल्ला के राजन व भिवानी के चांदराम ने भी शौचालय में जाने से मना करने की शिकायत की। इस मामले में जीएम का कहना था कि यदि ऐसा हुआ है, तो बहुत ही गलत है। उन्होंने तत्काल संबंधित के खिलाफ जरूरी कार्रवाई के आदेश दिए।
जीएम की स्पेशल ट्रेन के रुकते ही वेटिंग रूम का खोला ताला
प्लेटफार्म नंबर एक पर बने प्रथम श्रेणी वेटिंग रूम चार मार्च से महाप्रबंधक की ट्रेन आने तक आम यात्रियों के लिए बंद रहे। जैसे ही स्पेशल ट्रेन प्लेटफार्म पर आकर रुकी वैसे ही उसका ताला खोल दिया गया।
स्टेशन पर खड़े रहे अधिकारी और यात्री करते रहे पटरी पार
प्लेटफार्म पर न सिर्फ रेलवे बल्कि आरपीएफ व जीआरपी के अधिकारियों की मौजूदगी में भी यात्री रेल पटरियों को क्रॉस करते हुए दूसरे प्लेटफार्म पर आवागमन करते रहे। जब महाप्रबंधक की स्पेशल ट्रेन नजदीक आई तब अधिकारी हरकत में आए और शोर मचाकर यात्रियों को क्रॉस नहीं करने की हिदायत दी।
...और महाप्रबंधक ने नहीं लिया बुके
जैसे ही जीएम प्लेटफार्म पर उतरे तो नार्दन रेलवे मेन्स यूनियन के पदाधिकारियों ने बुके बढ़ाकर स्वागत करना चाहा, लेकिन जीएम ने बुके लेने से इनकार कर दिया।
इन लोगों ने जीएम को सौंपा ज्ञापन
लोको पायलट गुड्स लोको लॉबी ने लोको पायलट गुड्स से लोको पायलट पैसेंजर में प्रमोशन की मांग की। नॉर्दन रेलवे मेन्स यूनियन रेलवे बारातघर, स्टेशन की सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए हेल्थ इंस्पेक्टर तैनात करने, रेलवे आवासों को दुरुस्त करवाने, ट्रैक मैंटेनेंस ब्लॉक सेक्शन में शेल्टर हब बनवाने, गेट नंबर 60 बी के नजदीक रेल गैंगमैन की कालोनी में स्ट्रीट लाइट लगवाने आदि की मांग की। सहायक लोको पायलट बैच 2016 ने बेसिक वेतन निर्धारण करने, आल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन ने रनिंग स्टाफ को रेलवे आवास उपलब्ध करवाने की मांग की। वहीं, दिल्ली में पढ़ाने के लिए जाने वाले शिक्षकों ने अवध आसाम एक्सप्रेस को नांगलोई स्टेशन पर रुकवाने की मांग की।
जीएम के रवाना होते ही उठा लिए गमले
स्टेशन सुंदर दिखाने के जीएम के आगमन पर गमले रखवाए गए। जीएम के जाते ही वहां से सभी गमला हटवा लिए गए।