अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। वीरवार सुबह तेज बूंदाबांदी व दोपहर में बारिश होने से बिजली सप्लाई व्यवस्था चार से पांच घंटे तक ठप रही। वहीं, शहर में ब्लैक आउट के हालात पैदा होने से जिला अस्पताल में करीब दो घंटे तक ओपीडी कार्ड बनाने से लेकर लैब जांच, ऑपरेशन थियेटर का काम प्रभावित हुआ। वार्डों में अंधेरा होने की वजह से मरीजों को काफी परेशानी हुई। वहीं, शहर की 32 कॉलोनियों में बत्ती गुल रहने से बिजली कंट्रोल रूम पर 342 शिकायतें दर्ज की गई।
सुबह छह से नौ बजे तक तेज बूंदाबांदी होने की वजह से एसटी व एलटी लाइनों में फाल्ट होने लगे। सुबह करीब सात बजे जगदीश कॉलोनी के ट्रांसफार्मर में तेज धमाका होने के साथ आसपास के इलाके की बिजली सप्लाई बंद हो गई। सूचना पर बिजली निगम की टीम मौके पर पहुंची मगर दोपहर दो बजे तक फाल्ट को दुरुस्त नहीं किया जा सका। लोगों की परेशानी को देख मजबूर कॉलोनी की सप्लाई नजदीक के दूसरे ट्रांसफार्मर से जोड़कर शुरू की। वहीं, फाल्ट होने की वजह से नेशनल क्वालिटी एन्शोरेंस स्टेंडर्ड की ओर से देश के नंबर वन श्रेणी प्राप्त जिला अस्पताल में अंधेरा छा गया। वैकल्पिक व्यवस्था नाकाफी होने की वजह से कंप्यूटरों ने काम करना बंद कर दिया। इस वजह से मरीजों को पंजीकरण कार्ड बनवाने के लिए काउंटर पर दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
वहीं, जिन मरीजों के कार्ड बन चुके थे, उनके न एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड हुए और न कोई जांच। वहीं, डॉक्टरों को ऑपरेशन भी रोकने पड़े। अस्पताल में जनरेटर की वैकल्पिक व्यवस्था है, लेकिन वह भी पैनल में खराबी की वजह से काम नहीं कर सता। दोपहर में जब बिजली आई तब तक अधिकांश मरीज या तो पीजीआई चले गये या घर लौट गए। उधर, डॉक्टरों का कहना है कि जो मरीज अस्पताल में थे, बिजली आने पर उनके ओपीडी कार्ड बनवाकर जांच करवाई गई।
इन इलाकों में प्रभावित रही बिजली
दोपहर में बारिश होने की वजह से एसटी व एलटी लाइनों में फाल्टों की वजह से जवाहर नगर, डीएलएफ कॉलोनी, जगदीश कॉलोनी, राज नगर, धनीपुरा, हरिनगर, जनता कॉलोनी, गांधी कैंप, बैंक कॉलोनी, काठ मंडी, वैश्य कॉलोनी रोड, सुनारिया चौक, कमला नगर, छोटूराम चौक, झज्जर रोड, गुरु नानक पुरा, सैनीपुरा, दुर्गा कॉलोनी, संजय नगर, माडल टाउन, सुभाष नगर, सेक्टर एक व दो, इंद्रप्रस्थ कॉलोनी, भरत कॉलोनी, अस्थल बोहर, माजरा, आर्य नगर, शिवम एन्क्लेव, गढ़ी बोहर, दिल्ली रोड, पालिका बाजार की बिजली चार से पांच घंटे तक गुल रही।
दोपहर से रात तक कंट्रोल रूम पर आई 342 शिकायतें
आम दिनों में कंट्रोल रूम पर 70-80 शिकायतें आती हैं, वहीं वीरवार को दोपहर से रात तक 342 शिकायतें आईं। कंट्रोल रूम पर शिकायत करने के लिए लगे कर्मियों को एक पल के लिए भी फुर्सत नहीं मिली। एसई एसके बंसल का कहना है कि इन शिकायतों में अधिकांश व्यक्तिगत हैं, जिनका किसी इलाके की बिजली सप्लाई ठप होने से सरोकार नहीं हैं।
पानी सप्लाई की व्यवस्था भी चरमराई
बिजली सप्लाई बाधित होने की वजह से पानी की सप्लाई व्यवस्था भी पूरी तरह से प्रभावित रही। शहर की तमाम कॉलोनियों में पानी सप्लाई नहीं होने की वजह से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। शाम को जब सप्लाई सुचारु हुई तब लोगों ने पानी भरकर काम चलाया।
बारिश होने पर बिजली लाइनों में फाल्ट होने की समस्या बढ़ जाती है, जिससे बिजली सप्लाई ठप हो जाती है। वीरवार को फाल्ट हुए हैं मगर इतने ज्यादा भी नहीं। कंट्रोल रूम पर आई शिकायतें इनडिव्यूजल ज्यादा है। बारिश होते ही सभी एसडीओ व जेई को निर्देश कर दिए गए कि वह अपनी टीमों से शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता से करवाएं। बारिश के दौरान भी टीमें दौड़ी और फाल्टों को दुरुस्त किया।
एसके बंसल, एसई बिजली निगम