ट्रेन से कटकर गोवंशों की मौत के बाद भी रेलवे प्रशासन व सामाजिक संगठन गंभीर नहीं
- आये दिन ट्रेन व मालगाड़ी से टकराकर होती है लावारिस पशुओं की मौत
- मंगलवार को गोवंश की टक्कर से कपलिंग टूटने से मालगाड़ी के डिब्बे हुए थे अलग
- दैनिक रेल यात्री संघ ने रेल मंत्रालय को भेजा पत्र
- रेलवे विभाग ने स्टेशन के आसपास बाउंड्री वॉल कराने का किया दावा
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
पिछले कुछ दिनों से ट्रेनों से टकराकर गोवंश की मौत के मामले के बाद भी रेलवे विभाग या फिर पशुओं को बचाने के लिये कार्य करने वाले संगठन गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। जिसके कारण कभी भी रेलवे स्टेशन व उसके आसपास बड़ा रेल हादसा भी हो सकता है।
सोमवार की रात में रोहतक रेलवे स्टेशन के निकट दो गोवंश मालगाड़ी की चपेट में आ गये थे। गोवंश के टक राने से कपलिंग टूटने की वजह से मालगाड़ी का इंजन समेत तीन डिब्बे अलग हो गये थे। वहीं दोनों गोवंश की भी मौत हो गई थी। दो माह में पांच गोवंशों की ट्रेन व मालगाड़ी की चपेट में आने के कारण मौत हो चुकी है। मगर इसके बाद भी रेलवे विभाग या फिर पशुओं की देखरेख व बचाने के लिये कार्य करने वाले संगठन कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
दैनिक रेल यात्री संघ दिल्ली व रोहतक के प्रवक्ता सतपाल सिंह हाड़ा, पवन कुमार, मनोज कुमार आदि ने रेल मंत्रालय को पत्र भेजा है। जिसमें कहा गया है कि शायद ही कोई दिन बीत रहा हो जो पशु ट्रेन या फिर मालगाड़ी की चपेट में आकर काल के गाल में न समा रहे हैं। सवाल यह उठता है कि आखिर कैसे पशु रेलवे प्लेटफार्मों से होते हुये रेलवे ट्रैक पर पहुंचते हैं।आरोप है कि लावारिस पशुओं को बचाने के लिये रेलवे स्टेशनों पर इंतजाम कराने की मांग कई बार विभागीय अधिकारियों से की जा चुकी है। बावजूद इसके इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिसके कारण कभी भी बड़ा हादसा भी हो सकता है। रेलवे स्टेशन के चारों ओर बाउंड्री वाल कराने की मांग की है। उधर लावारिश पीड़ित पशु सेवा संघ के अध्यक्ष जगदीश का कहना है कि यदि उन्हें किसी भी पशु के घायल होने की सूचना मिलती है तो टीम मौके पर पहुंचकर उसे न सिर्फ उपचार देती है बल्कि उसे बचाने का भी प्रयास किया जाता है। रेलवे विभाग ने उन्हें कोई सूचना नहीं दी है।
लावारिस पशु रेलवे स्टेशन या फिर रेलवे ट्रैक पर न पहुंचे, इसके लिये जल्द ही कई रेलवे स्टेशनों पर बाउंड्री कराई जाएगी। जल्द ही बाउंड्री का कार्य शुरू करा दिया जाएगा
- नितिन चौधरी, सीपीआरओ रेलवे, रोहतक
गोवंशों को दफनाया
मंगलवार को जीआरपी एएसआई बलवान सिंह व अन्य लोगों ने मालगाड़ी की चपेट में आकर मरे देानों गोवंशों को दफनाया। यात्रियों ने भी गोवंशों को बचाने की तरफ ध्यान देने की मांग विभागीय अधिकारियों से की है।