अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। रेलवे स्टेशन पर शनिवार दोपहर एक बजे डीआरएम अंशुल गुप्ता अचानक निरीक्षण करने के लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने स्टेशन के अंदर और बाहर का विशेष निरीक्षण किया। साफ सफाई के पुख्ता इंतजाम नहीं होने कारण उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों पर फटकार भी लगाई। उन्होंने गंदगी फैलाने वाले लोगों पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। स्टेशन के बाहर अवैध पार्किंग में खड़े वाहनों को देख वह बिफर गए। उन्होंने गंदगी फैलाने वालों पर एक भी जुर्माना न होने से वह खफा हो गए।
डीआरएम ने रेलवे के अस्पताल का भी दौरा किया। उन्होंने अस्पताल परिसर में फैली गंदगी और बेड पर बिछी चादर पूरी तरह साफ नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए इस ओर ध्यान देने की बात कही।
अधिकारियों से पूछे सवाल
उन्होंने अधिकारियों से प्लेटफार्म पर स्थित दुकानों की रेट लिस्ट से लेकर उनके टेंडर की भी जानकारी ली। इसके अलावा सफाई कर्मचारियों की समय प्रणाली के बारे में भी प्रश्न किए। वह अधिकारियों के साथ लॉबी में गए। इसके अलावा उन्होंने सर्कुलेटिंग एरिया, साइकिल स्टैंड, रनिंग रूम, वेटिंग रुम और पावर केबिन का निरीक्षण किया।
शाखा सचिव ने सौंपा ज्ञापन
नार्दर्न रेलवे मेंस यूनियन के शाखा सचिव मुकेश शर्मा ने डीआरएम अंशुल गुप्ता को कर्मचारियों के हित से जुड़ी मांगों के बारे में एक ज्ञापन सौंपा। शाखा सचिव मुकेश शर्मा ने बताया कि रोहतक स्टेशन ए ग्रेड का होने के बावजूद यहां सफाई निरीक्षक और बारात घर का अभाव है। उन्होंने बताया कि रेलवे हॉस्पिटल में एक भी पैनल नहीं है। इसलिए जल्द ही यहां पर एक डॉक्टरों का पैनल बनाया जाए ताकि कर्मियों को दिल्ली का चक्कर न लगाना पड़े। शाखा सचिव ने ज्ञापन सौंपते हुए यह भी मांग की है कि रेलवे स्टेशन परिसर में एक पार्क बनवाया जाए और रेलवे के कर्मचारियों के जर्जर कमरों को विशेष तौर पर फंड जारी कर ठीक कराया जाए।