07सीटीके 48 ब्लॉक समिति रोहतक की बैठक में हस्ताक्षर करती महिला पार्षद। स्रोत सोशल मीडिया
बीडीपीओ कार्यालय में शुक्रवार को रोहतक ब्लाॅक समिति के पार्षदों की बैठक हुई, लेकिन 16 पार्षदों ने भ्रष्टाचार के आरोपों की पहले जांच कराने की मांग की, जबकि 14 पार्षद काम कराने के पक्ष में रहे। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए।
ब्लाॅक पार्षद खुशीराम सांघी ने बताया कि चेयरमैन सुनील उर्फ भोलू मकड़ौली व बीडीपीओ रोहताश सिंह ने शुक्रवार को 11 बजे रोहतक ब्लॉक समिति के पार्षदों बैठक बुलाई। इसमें सभी 30 पार्षद पहुंचे। बीडीपीओ की तरफ से विकास कार्यों के लिए एजेंडा रखा गया, लेकिन 16 पार्षदों ने हस्ताक्षर कर कहा कि पहले यह बताया जाए कि जो काम उनके कार्यकाल में नहीं हुए, उनकी पेमेंट उनके कार्यकाल में मिले बजट से क्यों की गई। भ्रष्टाचार के आरोपों की पहले जांच करवाएं, इसके बाद आगे बैठक की कार्रवाई की जाए। काफी देर तक सवाल-जवाब होते रहे। तय हुआ कि दोनों पक्षों से हस्ताक्षर करवाए जाएं। 14 पार्षदों ने बैठक जारी रखने की सहमति दी, जबकि 16 पार्षदों ने असहमति व्यक्त की। करीब एक बजे बैठक खत्म हुई।
बैठक में बीडीपीओ ने आरोपों की जांच कराने का भरोसा दिया है। 30 में 16 पार्षद एकजुट हैं। जांच के बाद आगे की कार्रवाई चलने दी जाएगी। - खुशीराम सांघी, पार्षद ब्लॉक समिति रोहतक।
सरकार विकास कार्य कराना चाहती है। जिन 14 पार्षदों ने लिखित में सहमति दी है, उनके काम करवाए जाएंगे। भ्रष्टाचार के आरोप लगाना विपक्ष का काम है। जो ऐसा कर रहा है, वह विकास कार्यों में रोड़ा अटका रहा है।
- सुनील उर्फ भोनू चेयरमैन, ब्लाक समिति रोहतक