रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय सहित 16 थोक कचरा उत्पादकों ने कूड़ा निस्तारण के लिए नगर निगम के साथ अनुबंध किया है। इसके बाद कोई भी वाहन या संस्था कचरे को इधर-उधर अवैध रूप से डंप करते हुए पाया जाता है तो 50 हजार रुपये तक का चालान किया जाएगा।
जिला उपायुक्त एवं नगर निगम आयुक्त सचिन गुप्ता ने बताया कि शहर में सफाई व्यवस्था में और अधिक सुधार के लिए नगर निगम प्रयासरत है। कूड़ा प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
गुप्ता ने कहा कि थोक कचरा उत्पादकों (जैसे होटल, अस्पताल, बैंक्वेट हॉल, रेस्टोरेंट, स्कूल, कालेज, बड़े संस्थान आदि) को चिह्नित किया जा चुका है। एमडीयू व पीजीआईएमएस सहित 16 बड़े-बड़े संस्थानों ने कूड़े के निस्तारण के लिए अनुबंध किया है।
थोक कचरा उत्पादकों की ओर से उत्पन्न कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण को लेकर संयुक्त आयुक्त नमिता कुमारी की अध्यक्षता में एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें स्पष्ट किया गया कि नगर निगम के साथ विधिवत अनुबंध करें। नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।