फ्लैग : लोकसभा चुनाव में मतदान के दिन काठ मंडी के मतदान केंद्र पर विवाद का मामला, याचिकाकर्ता बोले
हेडिंग : दो दिन में एफआईआर दर्ज करें, नहीं तो दायर करेंगे अवमानना की याचिका
: तीन जून को जेएमआईसी विवेक कुमार की अदालत ने दिए थे मंत्री मनीष ग्रोवर व रमेश लोहार के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश, अभी तक पुलिस ने नहीं किया केस दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। लोकसभा चुनाव में मतदान के दिन काठमंडी स्थित सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर व कांग्रेस के पूर्व विधायक भारत भूषण बतरा के बीच हुए विवाद का मामला उलझता जा रहा है। अदालत द्वारा दो दिन पहले मंत्री ग्रोवर व रमेश लोहार के खिलाफ याचिकाकर्ता की अर्जी पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने के बाद भी पुलिस ने कोई कदम नहीं उठाया है। याचिकाकर्ता बार के प्रधान लोकेंद्र फौगाट का कहना है कि दो दिन में पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की तो वे अदालत में पुलिस के खिलाफ कोर्ट की अवमानना की याचिका दायर करेंगे।
बता दें कि 12 मई को लोकसभा चुनाव के लिए मतदान किया गया। काठमंडी स्थित भारती कन्या स्कूल में बनाए गए बूथ नंबर 145 पर सहकारिता मंत्री एवं स्थानीय विधायक मनीष ग्रोवर और कांग्रेस के पूर्व विधायक भारत भूषण बतरा के बीच मतदान केंद्र के अंदर आने को लेकर नोकझोंक हो गई। कांग्रेस प्रत्याशी दीपेंद्र हुड्डा ने डीसी एवं चुनाव अधिकारी डॉक्टर यश गर्ग से शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने बूथ के पीठासीन अधिकारी के बयान पर मंत्री, पूर्व विधायक सहित अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। इसी बीच जिला बार के प्रधान एवं कांग्रेस समर्थक लोकेंद्र फौगाट ने एसपी को शिकायत दी कि वे पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं है। मंत्री ग्रोवर व रमेश लोहार के खिलाफ नए सिरे से मामला दर्ज कर जांच की जाए। जब पुलिस ने कोई कदम नहीं उठाया तो फौगाट ने जेएमआईसी विवेक कुमार की अदालत में सीआरपीसी की धारा 156(3) के तहत याचिका दायर कर दी। 3 जून को अदालत ने याचिका पर सुनवाई करे हुए पुलिस को आदेश दिए कि मामले में मंत्री व रमेश लोहार के खिलाफ याचिकाकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों के तहत मामला दर्ज कर जांच की जाए। अभी तक पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया है। एसपी जशनदीप सिंह रंधावा ने एक दिन पहले कहा था कि मामले में पहले से एक एफआईआर दर्ज है। अदालत से पूछा जाएगा कि क्या नई एफआईआर दर्ज करें या उसी एफआईआर में नई धाराएं जोड़ी जाएं।