रोहतक। लोकसभा चुनाव में एकतरफा जीत के बाद प्रदेश सरकार का अब विधानसभा चुनाव पर फोकस आ गया है। मंगलवार को सीएम मनोहर लाल ने चंडीगढ़ में 18 शहरों के विकास कार्यों की समीक्षा के लिए मीटिंग बुलाई है। इसमें रोहतक नगर निगम भी शामिल है। रोहतक निगम की मीटिंग में शहर की पार्किंग, पेयजल व सीवरेज से जुड़े अमृत प्रोजेक्ट और रेलवे ट्रैक के निर्माण पर चर्चा होगी। मीटिंग में मेयर मनमोहन गोयल व निगम आयुक्त आरएस वर्मा और डीटीपी कृष्ण कुमार वार्ष्णेय भी मौजूद रहेंगे।
प्रदेश में अब अक्तूबर में विधानसभा चुनाव होने हैं। भाजपा सरकार के पांच साल के विकास कार्यों की पब्लिक समीक्षा करेगी। अक्तूबर तक सरकार के पास करीब तीन माह का समय काम करने के लिए बचा है। इसके चलते सरकार ने सक्रियता बढ़ा दी है। मंगलवार को सीएम अमृत योजना, स्मार्ट सिटी और सीएम घोषणाओं की समीक्षा करेंगे। दिनभर चलने वाली इस बैठक में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और सीएम घोषणाओं साथ-साथ विकास कार्यों में तेजी लाते हुए प्रोेजेक्ट्स की समय सीमा तय की जाएगी। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन विभागीय आला अधिकारी एवं विभिन्न शहरों के अधिकारियों के साथ अब तक अमृत योजना के तहत विकास कार्यों पर हुई प्रगति की रिपोर्ट रखेंगी। जबकि संबंधित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, मेयर भी बैठक में अपने सुझाव देंगे। अमृत योजना में रोहतक के अलावा गुरुग्राम पंचकूला, अंबाला शहर-सदर, यमुनानगर-जगाधरी, करनाल, हिसार, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत, कैथल, रेवाड़ी, भिवानी, थानेसर, बहादुरगढ़, पलवल, सिरसा व जींद शहर भी शामिल हैं।
पार्किंग पर भी रहेगा फोकस, भगत सिंह पार्किंग के चालू होने की उम्मीद
मंगलवार की मीटिंग की तैयारियों के लिए दिनभर निगम के अधिकारी रिपोर्ट तैयार करने में जुटे रहे। निगम आयुक्त हिसार से सीधे अधिकारियों से पार्किंग व अमृत प्रोजेक्ट के स्टेट्स पर रिपोर्ट लेते रहे। बता दें कि शहर में नगर निगम की तरफ से भगत सिंह पार्किंग एवं कामर्शियल कांप्लेक्स का 2015 में निर्माण कार्य पूरा किया गया था। सीएम ने खुद इसका अप्रैल 2017 में उद्घाटन किया। बावजूद इसके पार्किंग व कांप्लेक्स को अब तक निगम चालू नहीं कर सका है। साथ ही निगम पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप में एलीवेटेड रोड के साथ-साथ पार्किंग विकसित करना चाहता है। इसके लिए हुडा कांप्लेक्स व दुर्गा भवन के सामने ओल्ड सिटी थाने की जमीन में निर्माण कार्य शुरू भी किया जा चुका है। जबकि पुराने गवर्मेंट स्कूल के सामने खाली पड़ी हुड्डा की जमीन में भी पार्किंग की तैयारी है। सभी प्रोजेक्ट पर सीएम मंगलवार को अधिकारियों से रिपोर्ट लेंगे।
अमृत प्रोजेक्ट लेट, देना होगा अधिकारियों को जवाब
शहर में पेयजल व सीवरेज की पुरानी समस्या है। क्योंकि पूर्व सीएम बंसीलाल के कार्यकाल में कई एरिया में लाइन बिछाई गई थी, जो अब न केवल क्षतिग्रस्त हो चुकी है, बल्कि जनसंख्या बढ़ने के चलते क्षमता बढ़ाना अनिवार्य हो गया है। इसके चलते 2018 में केंद्र सरकार की अटल कायाकल्प और शहरी परिवर्तन मिशन योजना के तहत 300 करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रोजेक्ट शुरू किया गया। उसे पूरा करने का समय फरवरी 2020 रखा गया था, लेकिन तीन से चार माह देरी से शुरू हुआ प्रोजेक्ट अभी धीमी गति से चल रहा है। मंगलवार की मीटिंग में प्रोजेक्ट की सीएम समय सीमा तय करेंगे।
अप्पू घर के निर्माण पर भी मांगा जाएगा जवाब
मुख्यमंत्री ने अप्पूघर की जगह कॉमर्शियल बाजार विकसित करने की घोषणा की थी। दो साल बाद भी योजना का काम 25 प्रतिशत भी पूरा नहीं हो सका है। पहले बताया गया कि एलीवेटेड रोड के निर्माण के चलते प्रोजेक्ट गति नहीं पकड़ रहा। अब एलीवेटेड रोड का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, फिर भी अप्पू घर का प्रोजेक्ट कछुआ गति से आगे बढ़ रहा है।
सीएम के सामने अमृत प्रोजेक्ट में देरी के मामले को उठाया जाएगा। पेयजल को लेकर बिछाई जा रही लाइन का काम तो ठीक चल रहा है, लेकिन सीवरेज लाइन का कार्य बहुत धीमा चल रहा है। साथ ही सीएम से लाढ़ौत रोड पर वाटर वर्कर्स बनवाने की मांग की जाएगी। वे खुद मीटिंग में जा रहे हैं।
-मनमोहन गोयल, मेयर नगर निगम