रेवाड़ी। रेवाड़ी पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स ने रविवार को नायब तहसीलदार का पेपर लीक करने के मामले में नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पांच आरोपी रेवाड़ी से पकड़े हैं जबकि रेवाड़ी पुलिस की सूचना पर एसटीएफ ने गुरुग्राम से तीन आरोपियों को दबोचा है। आरोपियों को आंसर की परीक्षार्थियों तक पहुंचाने से पहले ही पकड़ लिया गया। इसमें रेवाड़ी पुलिस और साइबर सेल की विशेष भूमिका रही।
रविवार को प्रदेशभर में नायब तहसीलदार के पद के लिए लिखित परीक्षा थी। रेवाड़ी में भी 33 सेंटरों पर 4600 से अधिक युवाओं ने परीक्षा दी। परीक्षा सुबह 10 बजे शुरू हुई। पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा खुद लगातार परीक्षा केंद्रों का दौरा कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि एक गिरोह पेपर लीक करके आंसर की परीक्षार्थियों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा ने तुरंत ही इंस्पेक्टर आनंद और साइबर सेल इंचार्ज बलवंत सिंह की देखरेख में टीम का गठन किया। इस टीम ने पता लगाना शुरू किया कि गिरोह में कौन-कौन लोग सक्रिय हैं। पुलिस टीम को जानकारी मिली कि हिसार के गांव बांस निवासी दिनेश और उसका भाई मनोज जो अलग-अलग परीक्षा केंद्र में परीक्षा दे रहे हैं। उनके पास साल्व करके आंसर की पहुंचाई जानी है। इनकी मदद के लिए गिरोह के सदस्य परीक्षा केंद्रों के बाहर मौजूद हैं। दिनेश नामक युवक जैन कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में परीक्षा दे रहा था। उसका भाई मनोज माउंट लिट्रा जी स्कूल में परीक्षा दे रहा था। टीम को जानकारी मिली कि गुरुग्राम में बैठा पंकज नामक युवक पूरे गिरोह को संचालित कर रहा है। इसके बाबत गुरुग्राम एसटीएफ के इंस्पेक्टर सोनू मलिक और इंस्पेक्टर संजीव को भी जानकारी दी गई। रेवाड़ी पुलिस ने जैन कन्या स्कूल के बाहर से सबसे पहले अखिल नाम के युवक को पकड़ लिया। अखिल ने बताया कि गुरुग्राम से पंकज ने उसके पास पेपर साल्व करके आंसर की उसके पास भेजी है। उसे यह आंसर की अंदर परीक्षा दे रहे दिनेश व उसके भाई मनोज के पास पहुंचानी थी।
माउंट लिट्रा स्कूल के कर्मचारी भी शामिल
पकड़े अखिल ने पुलिस को बताया कि माउंट लिट्रा स्कूल में परीक्षा दे रहे मनोज के पास आंसर की पहुंचाने की जिम्मेदारी इसी स्कूल में कार्यरत क्लर्क जसबीर व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कुलदीप तथा परीक्षा दे रहे आरोपी मनोज के साले दीपक को सौंपी गई है। इस मामले में तुरंत ही पुलिस की एक टीम को माउंट लिट्रा स्कूल भेजा गया तथा वहां से दीपक, जसबीर व कुलदीप नामक कर्मचारी को पकड़ लिया गया तथा मनोज मौके से फरार हो गया। जैन गर्ल्स स्कूल से पुलिस टीम ने दिनेश को भी पकड़ लिया जिसने स्वीकार कर लिया कि उनका पूरा गैंग पेपर लीक करने से जुड़ा है जिसमें कई लोग शामिल है। उधर एसटीएफ गुरुग्राम ने भी रेवाड़ी पुलिस से मिली जानकारी के आधार पर सरगना पंकज सहित तीन आरोपियों को पकड़ा है।
करनाल से लीक हुआ था पेपर
नायब तहसीलदार का पेपर करनाल के एसएस इंटरनेशनल स्कूल से लीक हुआ था। पंकज ने इस पेपर को सॉल्व करके अखिल के पास आंसर की भेजी थी।। करनाल में पेपर लीक करने के मामले में एसएस इंटरनेशनल स्कूल का कर्मचारी राजकुमार शामिल था जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों से लगातार पूछताछ चल रही है। एक भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस टीम शीघ्र ही पूरे गिरोह का खुलासा करेगी। इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की जाएगी। गिरफ्तार आरोपियों को सोमवार को अदालत में पेश करके पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। रिमांड के दौरान गहनता से पूछताछ करके गिरोह के अन्य आरोपियों को काबू किया जाएगा।
नायक तहसीलदार की परीक्षा में नकल करने वाले गिरोह के आठ सदस्यों को पकड़ा है। कल उनको कोर्ट में पेश पर रिमांड पर लेेंगे। गिरोह के अन्य सदस्यों के अलावा, कितना पैसा लेते थे और अन्य जानकारी ली जाएगी। - राहुल शर्मा, पुलिस अधीक्षक