अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। आर्य समाजियों के बीच समाज की चौधर को लेकर सोमवार सुबह उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब आचार्य योगेंद्र अपने चार अन्य साथियों के साथ दयानंद मठ स्थित आर्य प्रतिनिधि सभा के ऑफिस में पहुंचे और सभा का महामंत्री बताकर चाबी उठा ली। बोले, मुझे कार्यालय से कोई नहीं निकाल सकता। कार्यालय अधीक्षक की शिकायत पर पुरानी सब्जी मंडी पुलिस ने आचार्य योगेंद्र, आजाद सिंह, गुरुकुल कालवा जींद के आचार्य राजेन्द्र, श्रवण व धर्ममुनि को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से न्यायिक हिरासत में सुनारिया जेल भेज दिया गया।
आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान मास्टर रामपाल ने बताया कि सोमवार को वे कोर्ट केस के चलते फरीदाबाद गए थे। जबकि महामंत्री उमेद शर्मा अस्वस्थ होने के कारण घर पर ही थे। कार्यकारिणी सदस्यों की अनुपस्थिति में आचार्य योगेन्द्र आर्य अपने साथियों के साथ सभा कार्यालय पर बदनीयत से कब्जा करने के लिए दोपहर पहुंचा। कार्यालय अधीक्षक शेरसिंह ने पुलिस को इस बारे में शिकायत की। उसके बाद पुलिस सभा कार्यालय पहुंची तथा आचार्य योगेन्द्र व उनके साथियों को सभा परिसर खाली करने व अपना पक्ष कोर्ट में रखने की अपील की। आचार्य योगेन्द्र व उनके साथियों ने पुलिस की नहीं मानी। इसके बाद पुलिस ने आचार्य योगेंद्र व उसके साथियों को हिरासत में ले लिया।
आचार्य योगेंद्र को 2017 में सभा से निकाला जा चुका है। उन्होंने आरटीआई लगाकर जून 2017 का रिकार्ड मांगा। उस समय वे महामंत्री थे, लेकिन अब नहीं है। अब अपने साथियों के साथ जबरन कार्यालय में घुसकर कब्जे का प्रयास किया है। इसके चलते पुलिस को शिकायत की गई।
-मास्टर रामपाल, प्रधान आर्य प्रतिनिधि सभा
आचार्य योगेंद्र व उसके साथियों की गिरफ्तारी निंदनीय : सत्यवीर शास्त्री
मास्टर रामपाल ने अलोकतांत्रिक व गैर कानूनी ढंग से आचार्य योगेन्द्र, आजाद सिंह, आचार्य बलदेव के प्रतिनिधि व गुरुकुल कालवा जींद के आचार्य राजेन्द्र सहित अन्य आर्य समाजियों को गिरफ्तार करवाया है, जो निंदनीय है। मास्टर रामपाल आम सभा द्वारा चुने गये पदाधिकारियों को अवैध तरीके से हटाने का प्रयास कर रहे हैं। जबकि आर्य प्रतिनिधि सभा के संविधान के अनुसार सिर्फ आम सभा की बैठक में ही पदाधिकारियों को नियुक्त करने व हटाने का अधिकार है। सरकार व प्रशासन से अपील की है कि वे निष्पक्ष ढंग से जांच करते हुए सही कदम उठाये ताकि संस्था पर किसी एक व्यक्ति का कब्जा न हो सके। आर्य प्रतिनिधि सभा एक धार्मिक व सामाजिक संस्था है।
-सत्यवीर शास्त्री, पूर्व महामंत्री, आर्य प्रतिनिधि सभा