रोहतक। अगर आप घर से बाहर निकल रहे हैं तो जरा संभलकर रहें। कहीं कोई कुत्ता, बंदर या अन्य जानवर न काट ले। ऐसा हुआ तो इलाज के लिए वैक्सीन साथ ले जानी होगी। यह हम नहीं स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था बयां कर रही है। प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा केंद्र पीजीआईएमएस में पिछले चार दिनों से कुत्ता काटे के इलाज में प्रयोग होने वाला एंटी रेबीज इंजेक्शन नहीं है। यह वैक्सीन लोगों को बाजार से खरीदनी पड़ रही है। इस ओर से संस्थान अनजान बना हुआ है।
पीजीआई की इमरजेंसी व ओपीडी में इन दिनों भी कुत्ता, बंदर या अन्य जानवर के काटने के केस आ रहे हैं। यह आंकड़ा औसतन दस केस रोज बताया जा रहा है। शहर के सिविल अस्पताल में करीब पांच मरीज रोज आ रहे हैं। इन्हें इलाज के लिए एंटी रेबीज की जरूरत पड़ती है। यह दवा नहीं मिलने से लोगों को बाजार से दवा खरीदनी पड़ रही है।
इमरजेंसी परचेज में अधिकारी असमर्थ
पीजीआई में इमरजेंसी परचेज की व्यवस्था है, मगर अधिकारी यह वैक्सीन खरीदने में असक्षम हैं। इसकी वजह उनके पास महम दो हजार रुपये तक की इमरजेंसी परचेज करने की पावर होना है। जबकि यह वैक्सीन महंगी है। इस कारण दो हजार रुपये में कुछ ही इंजेक्शन खरीद पाते हैं।
सिविल अस्पताल में भी वैक्सीन खत्म
शहर के सिविल अस्पताल में भी एंटी रेबीज वेक्सीन नहीं है। यहां भी तीन दिनों से मरीजों को इंजेक्शन बाजार से खरीद कर लाने पड़ रहे हैं। हालांकि, अधिकारियों ने सोमवार को ही वैक्सीन खत्म होने की बात कही है।
बाजार में 800 रुपये तक बेची जा रही वैक्सीन
स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही लोगों पर भारी पड़ रही है। विभाग के पास एंटी रेबीज नहीं होने के कारण लोगों को इसे महंगे दाम पर खरीदना पड़ रहा है। बाजार में यह वैक्सीन 350 से लेकर 800 रुपये तक बेची जा रही है। जबकि इसके दाम 300 रुपये हैं।
एंटी रेबीज की कुछ दिक्कत है। इसका स्टॉक खत्म होते ही नई खरीद का ऑर्डर जारी कर दिया गया है। एक दो दिन में वैक्सीन आ जाएगी। वैक्सीन महंगी होने के चलते इमरजेंसी परचेज मौजूदा बजट में संभव नहीं है।
-डॉ. संदीप, डीएमएस, पीजीआईएमएस
एंटी रेबीज सोमवार को ही खत्म हुई है। फिर भी इमरजेंसी के लिए वैक्सीन उपलब्ध है। मरीजों की सुविधा के लिए और दवा खरीदने का ऑर्डर जारी कर दिया गया है। मरीजों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
-डॉ. रमेशचंद्र, चिकित्सा अधीक्षक, सिविल अस्पताल
दवा विक्रेता प्रिंट रेट से ज्यादा दाम नहीं वसूल सकता है। निर्धारित कीमत से अधिक दाम वसूलने पर विभाग विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई करेगा। फिलहाल इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. मनदीप मान, औषधी नियंत्रक, फूड एंड ड्रग विभाग