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हिंदी के पेपर से पहले भी बिकी एमडीयू के प्रश्न पत्र की उत्तर बुकलेट
- फोटोस्टेट दुकानों पर एक दिन पहले ही तैयार हो जाती हैं उत्तर बुकलेट्स
विकास सैनी
रोहतक।
एमडीयू दूरस्थ शिक्षा प्रणाली शनिवार को भी सवालों में खड़ी नजर आई। हिंदी विषय की परीक्षा से पहले ही उत्तर बुकलेट बाजार में धड़ल्ले से बिकी। दोपहर ढाई बजे शुरू हुए पेपर में दिए गए प्रश्न पत्र के सवाल बुकलेट में हूबहू मिले। विद्यार्थियों ने यह बुकलेट फोटोस्टेट की दुकानों से 40 से 70 रुपये में खरीदी। इस मामले को लेकर एमडीयू प्रशासन चुप है। परीक्षा नियंत्रक से इस संबंध में बात करने का प्रयास किया गया, मगर संपर्क नहीं हो सका। शाम को व्हॉट्सअप पर मैसेज भेजकर भी उनका पक्ष मांगा गया, मगर देर रात तक जवाब नहीं आया।
12 बजे से उमड़ने लगी विद्यार्थियों की भीड़
हिंदी की परीक्षा से दो घंटे पहले ही उत्तरों की बुकलेट बाजार में नजर आई। एमडीयू के गेट नंबर दो से पावर हाउस चौक तक फोटोस्टेट की दुकानों पर यह धड़ल्ले से बेची गई। यहां से बुकलेट परीक्षा की पहली रात ही तैयार कर ली जाती है। अगले दिन परीक्षा से पहले ये परीक्षार्थियों में हाथों में होती हैं। इस बुकलेट से ही सभी प्रश्नों के आने का दावा किया जाता है।
उत्तर बुकलेट में मिले सभी प्रश्न
हिंदी विषय के प्रश्न पत्र में आठ प्रश्न थे। इनमें प्रश्न नंबर आठ व्याकरण संबंधी था। इसके विभिन्न खंडों में अलग-अलग प्रश्न पूछे गए। प्रश्न नंबर एक व चार में पद्यांशों की व्याख्या करनी थी। जबकि प्रश्न नंबर दो, तीन, पांच, छह व सात में उत्तर लिखने थे। इसमें आठ, दस व 30 अंकों के प्रश्न शामिल हैं। ये सभी प्रश्न उत्तरों वाली बुकलेट में जस के तस मिले। पद्यांश भी वहीं मिले। यही नहीं व्याकरण संबंधी सवाल हल करने के लिए अंग्रेजी के पेपर की तरह उदाहरण समेत नियम दिए गए हैं।
धारा 144 लागू का हुआ सरेआम उल्लंघन
उपायुक्त ने परीक्षा से पहले ही जिले में धारा 144 लागू कर दी थी। इसके चलते परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर दायरे में फोटोस्टेट की दुकानें खोलना प्रतिबंधित किया गया। इसके बावजूद ये दुकानें खुली रही। सरेआम नियमाें का उल्लंघन करने वाले दुकान संचालकों ने उत्तर वाली बुकलेट बेचकर विवि की साख को सवालों के कटघरे में खड़ा करने का काम कर दिया है। यह खेल हर परीक्षा में चलता है।
शिकायत के बावजूद विवि नहीं कर रहा कार्रवाई
एमडीयू को परीक्षा से पहले बिकने वाली उत्तर बुकलेट की पूरी जानकारी है। इस बारे में इलाके के ही कुछ लोगाें ने विवि के अधिकारियों को सूचना दी थी। इसके बावजूद इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।