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अंबेडकर चौक पर दलित समाज ने भरी हुंकार, सहन नहीं होगी एससी-एसटी एक्ट से छेड़छाड़ बर्दाश्त

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छह घंटे थमी रही शहर की रफ्तार, एंबुलेंस को भी नहीं मिला रास्ता
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शहर में बंद का रहा मिला-जुला असर, पुराने शहर में बाजार बंद
अंबेडकर चौक पर दलित समाज ने भरी हुंकार, सहन नहीं होगी एससी-एसटी एक्ट से छेड़छाड़ बर्दाश्त

: तहसील में घुसे प्रदर्शनकारी, निगम कार्यालय में पसरा रहा सन्नाटा
: हजारों की संख्या में जुटे दलित समाज के लोग छह घंटे कड़ी धूप में भी बैठे रहे धरने पर
: डीसी पहले किए डाक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पुष्प अर्पित, बोले दलित समाज की आवाज राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री तक पहुंचा देंगे

अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में हजारों की संख्या में दलित समाज के लोग सोमवार को सड़क पर उतर आए। छह घंटे तक अंबेडकर चौक को न केवल जाम किए रखा, बल्कि केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। जाम के कारण लोग परेशान रहे और एंबुलेंस तक को रास्ता नहीं मिला। बंद के चले जिले में कोई हिंसक घटना तो नहीं हुई, लेकिन पुराने शहर में दलित बाहुल्य एरिया में बाजार बंद रहे। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर व मेयर रेनू डाबला ने समाज को धरना स्थल पर पहुंच कर समर्थन दिया।

सुबह करीब नौ बजे दलित समाज के लोग जत्थों में अंबेडकर चौक पर एकत्रित होने शुरू हो गए। पुराने शहर के पाड़ा मोहल्ला, डेयरी मोहल्ला, रामलीला पड़ाव, हिसार रोड, झज्जर रोड स्थित अंबेडकर कालोनी, एकता कालोनी से युवाओं का काफिला अंबेडकर चौक पर पहुंचा। साथ ही एमडीयू में एकत्रित हुए सैकड़ों की संख्या में छात्रों ने विवि से अंबेडकर चौक तक जुलूस निकाला। दोपहर दो बजे तक दलित समाज के लोगों का आना चौक पर जारी रहा। इसके चलते पुलिस ने चौक से वाहनों का आवागमन रोक दिया। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डाक्टर अशोक तंवर धरना खत्म होने के बाद अंबेडकर चौक पर पहुंचे और मौजूद समाज के लोगों को संबोधित किया। तंवर ने कहा कि जो कानून दलितों पर हो रहे अत्याचार की रोकथाम के लिए बनाया गया था, उसे कमजोर किया गया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी व अन्य राष्ट्रीय नेताओं को लेकर राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंप कर विरोध जता चुके हैं। तंवर ने कहा कि कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करती हैं, लेकिन यह फैसला सरकार व आरएसएस की दलित विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। इससे आज देश में अराजकता का माहौल पैदा हो चुका है। देश व प्रदेश में दलितों पर हो रहे अत्याचारों पर कार्यवाही तो दूर की बात एफआईआर दर्ज करवाने के लिए भी भटकना पड़ता है। अगर इस कानून में बदलाव कर दिया गया तो स्थिति और भी गंभीर हो जाएगी।
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मेयर बोलीं - समाज के हितों से खिलवाड़ न किया जाए
धरना स्थल पर मेयर रेनू डाबला ने दलित समाज के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि संविधान के अंदर सोच-समझकर एससी-एसटी बनाया गया था। अब उसके अंदर छेड़छाड़ की जा रही है, जो उचित नहीं है। केंद्र की भाजपा सरकार दलित समाज की भावनाओं को समझे और समाज के हितों की रक्षा करे।

तहसील में घुसे दलित युवा, निगम में पसरा रहा सन्नाटा
सुबह अंबेडकर चौक पर आते समय कुछ दलित समाज के युवा तहसील के अंदर घुस गए और कार्यालय बंद कराने का प्रयास किया। कर्मचारियों ने दरवाजे बंद कर अंदर घुसने से रोक दिया। इसके बाद युवा नारेबाजी करते हुए चले गए। इतना ही नहीं, पाड़ा मोहल्ला में एकत्रित होकर युवाओं का काफिला गोहाना व सुभाष रोड से होते हुए अंबेडकर चौक पर पहुंचा। रास्ते में खुली दुकानों को बंद करवाते आए। हालांकि काफी दुकानदारों ने पहले ही दुकान बंद कर रखी थी। बंद के चलते नगर निगम में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। कर्मचारियों ने जहां सामूहिक अवकाश ले रखा था, जबकि अधिकारी भी अपनी कुर्सियों से गायब मिले। नागरिक सुविधा केंद्र में ठेकेदार के माध्यम से लगे कर्मचारी भी गायब रहे।

पुराने शहर में व्यापक असर, अशोका चौक से आगे आंशिक
बंद के चलते सोमवार होने के बावजूद पुराने शहर में व्यापक असर रहा। कपड़े की सबसे बड़ी शौरी मार्केट, व्यस्त किला रोड, प्रताप चौक, गोहाना अड्डा, बड़ा बाजार, चमेली मार्केट, बाबरा मोहल्ला, माता दरवाजा, पुराना बस स्टैंड, भिवानी स्टैंड पर ज्यादातर दुकानें बंद रही। जबकि अशोक चौक से आगे डी पार्क, मेडिकल मोड, सेक्टर 1,2,3, 14, शीला बाईपास, गांधी कैंप, आर्य नगर, डीएलएफ कालोनी, झज्जर चुंगी पर कम असर देखने को मिला।

डीसी ने पहले किए पुष्प अर्पित, फिर लिया मांग पत्र
अंबेडकर चौक पर दलित समाज के प्रदर्शन को देखते दोपहर डीसी डॉक्टर यश गर्ग व एसपी पंकज नैन मौके पर पहुंचे। दलित समाज के गण्यमान्य लोगों से बात की। समाज के लोग धरना खत्म करने के लिए तैयार हो गए। साथ ही राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम मांग पत्र दिया, जिसमें साफ किया कि एससी-एसटी एक्ट से छेड़छाड़ उचित नहीं है। डीसी ने पहले डाक्टर अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। इसके बाद समाज के लोगों का मांग पत्र देकर संबोधित किया। कहा कि, रोहतक में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए वे समाज के लोगों का धन्यवाद करते हैं। साथ ही भरोसा दिलाते हैं कि उनकी मांगों को केंद्र तक पहुंचा दिया जाएगा। इसके बाद समाज के लोग वहां से रवाना हो गए।

ऑटो बंद होने से पब्लिक परेशान
दलित समाज के लोगों ने डेयरी मोहल्ला के पास सड़क के बीचोंबीच पत्थर रखकर रोड जाम कर दिया। समाज के युवा जहां अंबेडकर चौक पर चले गए, पीछे से 5 से 10 साल तक के बच्चे पत्थर पर बैठकर जाम लगा रखे। इसके चलते ऑटो का आवागमन बंद हो गया। पैदल ही लोगों को रास्ता तय करना पड़ा। दोपहर समाज के लोगों ने पत्थर हटाकर रोड खोला।
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प्रदर्शन में ये रहे शामिल
मेयर रेनू डाबला, उनके ससुर आजाद डाबला, सुरेन्द्र सिंधु, कुलताज सिंह, सतपाल टांक, सतीश बंधु, डेविड, राजेश बोहत, जगत सिंह चहल, राजन बोहत, अशोक आर्य, महेश आर्य, दिनेश माड़ा प्रमुख, नगर निगम प्रधान संजय बिडलान, प्रमोद सिंहपुरिया, पीजीआईएमएस प्रधान केके हंस, मदवि प्रधान मनोज ग्रोवर व हिमांशु, मुकेश सोनी, सतीश प्रजापति, एफसीआई कर्मचारी संघ प्रधान कर्मवीर कटारिया, उपप्रधान जोगेन्द्र सिंधु, बामसेफ प्रधान, आल इंडिया एसएसटी कर्मचारी संघ रामकुमार रंगा, बलवान, दयानंद माडिया, सोनू पावरिया, सतीश नाहर, सुनील सोहल, जगत कलसन, आनंद हुड्डा, जयभगवान राठी, राजेश पहलवान सुनारिया, पूर्व एमसी जयंती देवी, पूजा कांगड़ा व धर्मपाल कटारिया समाज के दूसरे गण्यमान्य लोग भी मौजूद रहे।
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