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बिजली बिल

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बिजली निगम ने उपभोक्ताओं की सुविधा व चोरी के केसों को निपटाने के लिए 31 मार्च तक दिया समय
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आउट ऑफ कोर्ट सेटलमेंट योजना के तहत उपभोक्ता 50 प्रतिशत जुर्माना राशि का भुगतान कर खत्म करा सकते हैं केस
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक
बिजली चोरी मामलों में जुर्माना नहीं भरने वाले उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। एफआईआर दर्ज हुए मामलों में उपभोक्ता आधा शुल्क देकर अपना केस खत्म करा सकते हैं। इसके लिए बिजली निगम ने आउट ऑफ कोर्ट सेटलमेंट योजना का समय 31 मार्च तक बढ़ा दिया है। पहले यह समय 31 दिसंबर तक था। निगम में उपभोक्ताओं की सुविधा में चोरी के मामलों को निपटाने के लिए योजना का समय तीन महीने के लिए और बढ़ाया है।
1998 केसों का हुआ निपटारा
बिजली पानी थाने के दर्ज बिजली चोरी के मामलों में से इस साल 1998 केसों का निपटारा कर दिया गया है। निगम की सेटलमेंट योजना के तहत उपभोक्ताओं से 50 प्रतिशत शुल्क जमा करा कर केस खत्म किया गया है। इससे निगम को पांच करोड़ 68 लाख 70 हजार 303 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। यह अटकी हुई राशि लगभग डेड थी। योजना से उपभोक्ता व निगम दोनों को लाभ हुआ है।
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4762 केस अभी भी लंबित
बिजली चोरी के 4762 केस अभी भी थाने में लंबित हैं। बिजली पानी थाना पुलिस निगम के साथ मिल कर इन केसों का निपटारा करने का प्रयास कर रहा है। इन केसों के निपटान से निगम को लगभग पांच से सात करोड़ रुपये का राजस्व और मिलने की संभावना है।
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वर्जन :
निगम ने बिजली चोरी केसों का निपटान करने के लिए सेटलमेंट योजना लागू की है। इसका समय 31 मार्च तक का है। एफआईआर दर्ज होने के बिजली चोरी मामले में उपभोक्ता 50 प्रतिशत शुल्क देकर मामला निपटा सकते हैं। इस साल 1998 केसों का निपटारा किया गया है। इससे निगम को 5.68 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है।
सतीश कुमार, डीएसपी, बिजली पानी थाना।
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