पराली जलाई तो लगेगा जुर्माना और दर्ज होगी एफआईआर
चरखी दादरी।
उपायुक्त विजय कुमार सिद्प्पा ने हिदायत दी कि किसी भी व्यक्ति ने पराली जलाई तो उसको कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ 2500 से 15000 रुपये तक जुर्माना भरना पड़ सकता है। इसके अलावा एफआईआर भी दर्ज हो सकती है।
उपायुक्त सोमवार को लघु सचिवालय के सभागार में विभिन्न गांवों से आए नंबरदार पटवारी और ग्राम सचिवों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण हमारे लिए ही नहीं, भावी पीढ़ी के लिए भी नुकसानदायक है। आज तो किसानों के लिए ऐसी कंपनियां तैयार बैठी हैं, जो फसल के अवशेष की खरीद करती हैं और खेत से उठा ले जाती हैं। उन्होंने बताया कि दादरी और भिवानी जिला राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आते हैं। पराली जलाने का दुष्प्रभाव खेत की जमीन पर ही नहीं, आसपास के वातावरण पर भी पड़ता है। सरकार ने खेत में आग लगाने की घटनाओं को रोकने के लिए हरसैक के जरिये सेटेलाइट से निगरानी शुरू की है। जिस गांव में इस प्रकार का मामला सामने आया, वहां दोषी के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि आग लगाकर पराली या अवशेष जलाने की घटना को पटवारी रपट रोजनामचा में दर्ज करें।
डीसी ने कहा कि सरपंच प्रस्ताव पारित कर पूरे गांव में मुनादी करवाए कि कोई भी व्यक्ति फसल कटाई के बाद खेत में आग नहीं लगाएगा। जो पंचायत पर्यावरण रक्षा के लिए आगे आएंगी, उनको पुरस्कृत किया जाएगा। उन्होंने सभी नंबरदारों, ग्राम सचिव और पटवारियों से इस विषय में जागरूकता प्रसार का आह्वान किया और आग लगाए जाने के बारे में प्रशासन को तुरंत सूचित करने के आदेश दिए।
एसडीएम ओमप्रकाश ने कहा कि जिले में लगभग 45 गांव और दस हजार हेक्टेयर भूमि है, जहां धान की खेती की जाती है। पराली से कागज और बिजली बनती है और बाजरे की चरी पशुओं के काम आती है। किसानों को पशुचारे के लिए प्रशासन की ओर से स्थापित की जा रही नंदीशालाओं में सहयोग करना चाहिए। जिला राजस्व अधिकारी राजकुमार ने कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने फसल अवशेष ना जलाने के सख्त आदेश दिए हुए हैं। इसमें दो एकड़ तक 2500 रुपये, दो से पांच एकड़ तक पांच हजार रुपये और पांच से अधिक एकड़ भूमि के लिए 15 हजार रुपये तक जुर्माना हो सकता है। डीसी ने बताया कि इसके अलावा जिला प्रशासन मामला भी दर्ज करेगा। पराली खरीदने वाली कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि खेत में कंपनी के कर्मचारी 80 से 100 रुपये और प्लांट में 200 से 250 रुपये के भाव से इसकी खरीद होती है। उपायुक्त ने इस अवसर पर पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से एक प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर उप पुलिस अधीक्षक सुरेश हुड्डा, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी आरके भोसले, डॉ. सुनील श्योराण, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी धर्मबीर यादव, कृषि अधिकारी डॉ. कृष्ण कुमार, यादराम शास्त्री, रामबिलास शर्मा आदि मौजूद थे।
जिले के 38 गांवों में होती है धान की रोपाई
जिला राजस्व अधिकारी राजकुमार अरोड़ा ने बताया कि दादरी जिले के करीब 38 गांवों में धान की रोपाई की जाती है। ऐसे में जिला प्रशासन की इन गांवों पर नजर रहेंगी। उन्होंने बताया कि बैठक में भी इन गांवों के पटवारियों व ग्राम सचिवों को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि एजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के आदेशों पर ही यह बैठक आयोजित की गई है।