अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
पीजीआई के लेबर रूम से बच्चा चोरी मामले के दौरान अधिकारियों के बीच भी खींचतान बढ़ गई है। सोमवार को गाइनी विभाग के दौरे के दौरान संस्थान के कुलपति समेत अन्य अधिकारियों पर अस्पताल प्रबंधन के हेड और सीनियर प्रो. बिजेंद्र ढिल्लो ने सवाल उठा दिए। आरोप लगाया कि बिना मॉस्क और गाउन के कैसे अंदर आ सकते हैं। सूत्रों की मानें तो बच्चा चोरी को लेकर भी एक-दूसरे पर लापरवाही के आरोप लगाए गए। मरीजों के सामने ही कुलपति और प्रो. ढिल्लो में हाथापाई तक की नौबत आ गई। इससे नाराज कुलपति डॉ. ओपी कालरा ने शाम को प्रो. ढिल्लो के खिलाफ जान से मारने की धमकी और सरकारी कार्य में बाधा डालने की शिकायत देते हुए सस्पेंड कर दिया।
दरअसल, पीजीआई से बच्चा चोरी हुए 16 दिन बीत गए है। इतना समय बीतने के बाद भी अभी तक पुलिस के हाथ खाली है। पुलिस को कोई भी सफलता नहीं मिल रही। सोमवार सुबह कुलपति डॉ. ओपी कालरा ने कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ गाइनी विभाग का दौरा किया। उन्होंने बच्चे के परिजनों से बातचीत की। आश्वासन दिया कि संस्थान उनके साथ है और इस मामले में जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसी बीच कुलपति और उनके साथ आए अन्य अधिकारी लेबर रूम में पहुंच गए। अस्पताल प्रबंधन के हेड और सीनियर प्रो. बिजेंद्र ढिल्लो ने उन पर सवाल उठा दिए। कहा कि लेबर रूम में इंफेक्शन होने का खतरा अधिक रहता है, फिर भी बिना मॉस्क, बिना जूते और बिना गाउन के कैसे इतने लोग अंदर आ सकते हैं। साथ ही उन्होंने विभाग की समस्याएं भी गिनानी शुरू कर दी। इसे लेकर प्रो. ढिल्लो और अधिकारियों के बीच मरीजों के साथ ही जमकर कहासुनी हुई। यहां तक कि खुलेआम एक-दूसरे पर बच्चा चोरी के मामले में लापरवाही बरतने के आरोप लगा दिए। अधिकारियों की बहसबाजी के दौरान वहां पर मौजूद मरीज और उनके परिजन भी यह सब देखते रहे। हालांकि उसके बाद अधिकारी वहां से आ गए, लेकिन शाम के समय प्रो. ढिल्लो को सस्पेंड कर दिया गया है।
पुलिस ने फिर की डॉक्टरों और कर्मचारियों से पूछताछ
उधर, बच्चा चोरी मामले को लेकर पुलिस ने सोमवार को भी डॉक्टरों और कर्मचारियों से पूछताछ की। पूछताछ में खासकर उन लोगों को बुलाया गया, जो बच्चा चोरी के समय वहां पर मौजूद थे। सूत्रों की मानें तो बच्चा चोरी प्रकरण का पुलिस भले ही जल्द खुलासे का दावा कर रही हो, लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगे हैं। हालांकि पुलिस ने परिजनों को मंगलवार तक का आश्वासन दे रखा है। बच्चे के पिता सन्नी और चाचा पंकज का कहना है कि बच्चा नहीं मिलने तक वह पीछे नहीं हटेंगे।
यह बोले प्रो. ढिल्लो
लेबर रूम को काफी समय से देख रहा हूं। मरीजों को यहां पर काफी समस्याएं होती हैं। सुबह के समय कुलपति और अन्य अधिकारी वहां पर आए थे। सभी लोग बिना जूते उतारे और मास्क पहने लेबर रूम में आए थे, जिस पर मैंने उन्हें टोक दिया था। इसके अलावा मैंने मरीजों की समस्याएं भी उठायी थी। कई बार ग्लाउज की कमी के लिए भी अधिकारियों को अवगत करा चुका हूं। मरीजों की समस्याएं उठाने पर यदि मेरे खिलाफ कार्रवाई होती है तो मैं इसके लिए हमेशा तैयार हूं। मेरे खिलाफ क्या कार्रवाई हुई है अभी इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है।
- प्रो. बिजेंद्र ढिल्लो, अस्पताल प्रबंधन के हेड और सीनियर प्रोफेसर