अभी दो माह और करना बिजली व्यवस्था में सुधार का इंतजार
चरखी दादरी।
बिजली निगम की धीमी कार्यशैली के चलते शहरवासियों को करीब दो माह और बिजली संकट का सामना करना पड़ेगा। बिजली निगम ने दिसंबर माह में पंक्चर पड़ी केबल्स को रिबंडलिंग का काम शुरू किया गया था लेकिन अब तक ये काम पूरा नहीं हो सका है। शहर में इस समय 863 लाल रंग के ट्रांसफार्मर हैं जो इन केबल से कनेक्ट हैं। यह केबल 12 किलोमीटर लंबाई में पंक्चर पड़ी हैं। शहर में इस समय करीब 1300 पुराने ट्रांसफार्मरों के जरिए बिजली आपूर्ति कर काम चलाया जा रहा है।
करीब आठ साल पहले शहर में लाल रंग की टंकियां लगाई गई थी जो मोटी केबल से कनेक्ट कर रखी हैं। टंकियां लगाने के बाद इनको चालू नहीं किया गया था। पिछले साल जब शहर में बिजली संकट अधिक गहराया तब बिजली निगम ने यह लाल रंग के ट्रांसफार्मर चालू कर बिजली आपूर्ति का मन बनाया। जब यह लाल रंग की टंकी चालू की गई तो सभी केबलों में फाल्ट मिला। सभी केबल पंक्चर मिली जिससे आपूर्ति करना मुश्किल हो गया।
12 किलोमीटर लंबाई में केबल पंक्चर मिली
पूरे शहर में 12 किलोमीटर लंबाई में यह केबल पंक्चर मिली। जगह- जगह इन केबलों में फाल्ट मिले। बाद में निगम ने इसके लिए अलग से बजट का प्रावधान किया तथा इन पंक्चर पड़ी केबल को रिबंडलिंग करने की प्लानिंग तैयार की।
दिसंबर माह में शुरू हुआ था रिबंडलिंग का कार्य
निगम ने दिसंबर माह में इन पंक्चर पड़ी केबलों की रिबंडलिंग का काम शुरू किया था लेकिन अब तक यह पूरा नहीं हो सका है जबकि यह केवल तीन माह का कार्य है। निगम की धीमी कार्यशैली के चलते शहरवासियों को बिजली संकट से अभी स्थायी रूप से निजात नहीं मिलने वाली है।
दो माह का समय और लगने की संभावना
बिजली निगम अधिकारी इसके लिए दो माह का समय और लगने की बात कर रहे हैं। इस समय शहर में पुराने ट्रांसफार्मरों से काम चलाया जा रहा है। कई जगह तो पुराने ट्रांसफार्मर जमीन पर भी रखे हुए हैं तथा कई भागों में एक ही स्थान पर दो-दो ट्रांसफार्मर रखे हुए हैं ताकि उस एरिया को लोड की समस्या से निजात मिल सके। पूरे शहर में करीब 1300 पुराने ढर्रे के ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं। इनकी हालत काफी खस्ता बनी हुई है। इनकी आउटपुट क्षमता भी कम बनी हुई है जिससे ये ट्रांसफार्मर निर्धारित पूरा लोड झेलने की स्थिति में नहीं हैं। इन ट्रांसफार्मर में बार-बार ट्रिंपिंग की शिकायतें मिलती रहती हैं जिससे घंटों बिजली आपूर्ति ठप बनी रहती है। जब ठीक करने के लिए परमिट लिया जाता है तो आसपास के एरिया में भी बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है। शहर की पेयजल आपूर्ति पर भी पड़ता है।
863 हैं लाल रंग के ट्रांसफार्मर
शहर में इस समय लाल रंग के ट्रांसफार्मर की संख्या 863 हैं जो सभी नई मोटी केबल से कनेक्ट हैं। इस एक ट्रांसफार्मर से 20 से 25 घरों में ही सप्लाई संभव है। लोड बांटकर इन ट्रांसफार्मर के जरिए बिजली आपूर्ति संभव है। इन पंक्चर पड़ी केबल को रिबंडलिंग करके इनके बीच चीनी-मिटटी का यंत्र लगाया जाना है ताकि फाल्ट से छुटकारा मिल सके व लाइन सुचारु रूप से चलती रहे।
=शहरवासियों से बातचीत===
1...बिजली की समस्या से विभाग ने अब तक छुटकारा नहीं दिलवाया है। गर्मी व उमस के मौसम में बिना बिजली के रहना मुश्किल हो गया है। दैनिक जीवन में अधिकतर कार्यों के लिए बिजली की आवश्यकता होती है। बिजली संकट से लोग रोष में है।
मोनू
2...शहर में काफी जगह अब तक जमीन में ट्रांसफार्मर रखे हुए हैं। जिससे हादसों का भी अंदेशा बना रहता है। बरसात के समय लोगों को रास्ते से गुजरने में काफी परेशानी होती है। विभाग को प्लानिंग तैयार कर लोगों की समस्या का स्थाई समाधान करना चाहिए। लाल रंग के सभी ट्रांसफार्मर जल्दी चालू करने चाहिए।
नरेंद्र
3...शहर में काफी जगह पर कंडम तारें लटक रही है तारों को बदलना तो दूर की बात है इन्हें अब तक ठीक भी नहीं किया गया है। बिना बिजली के कारण जीना मुश्किल हो गया है। शहर में लगे लाल रंग के ट्रांसफार्मर निगम को चालू करने चाहिए ताकि बिजली की समस्या का स्थाई समाधान हो सके।
ओमप्रकाश
4...बिजली निगम कर्मचारी समय-समय पर बिजली के कट लगाते रहते है। जिसके कारण सारा काम प्रभावित हो जाता है। विभाग को शहर के सभी ट्रांसफार्मरों के मेंटेंस का कार्य करवाना चाहिए ताकि लोगों को कटों से निजात मिल सके। लाल रंग ट्रांसफार्मर इतना समय बीत जाने के बाद भी चालू नहीं किए गए हैं।
पप्पू
-वर्जन-
लाल रंग के ट्रांसफार्मरों को चालू करने के लिए निगम का कार्य प्रगति पर है। शहर में सभी 863 ट्रांसफार्मर चालू होने के बाद बिजली व्यवस्था में सुधार आएगा। यह काम दो माह में पूरा कर लिया जाएगा।
एसडीओ विक्रम परमार, बिजली निगम