एसवाईएल मुद्दे पर इनेलो ने तहसील भवन के सामने दिया धरना
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। एसवाईएल की खुदाई करवाने की मांग करते हुए इनेलो कार्यकर्ताओं ने बुधवार को तहसील कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद भी एसवाईएल का निर्माण शुरू करवाने को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। भाजपा सरकार प्रदेश के पेयजल समस्या को लेकर गंभीर नहीं है।
बुधवार सुबह इनेलो जिला अध्यक्ष सतीश नांदल और कार्यकर्ता तहसील के बाहर पहुंचे। यहां एसवाईएल मुद्दों पर कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कार्यकर्ताओं ने कहा कि भाजपा सरकार पूर्व सीएम हुड्डा के खिलाफ कोई कारवाई करने की बजाए उन्हें बचाने में लगी हुई है। दोनों मिले हुए हैं। बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर खट्टर सरकार को बर्खास्त करना चाहिए। गढ़ी सांपला किलोई के इनेलो कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष सतीश नांदल के नेतृत्व में तहसील कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे रहे। सतीश नांदल ने कहा कि खट्टर सरकार सबसे कमजोर और नेतृत्वहीन साबित हुई है। नांदल ने कहा कि सरकार एसवाईएल को लेकर कतई गंभीर नहीं है। सर्वोच्च न्यायालय ने 15 जनवरी 2002 को दिए गए निर्देश के अनुसार पंजाब सरकार द्वारा एक वर्ष में एसवाईएल नहर का निर्माण कार्य पूरा करने का समय दिया गया था। आज भी प्रदेश में एसवाईएल को लेकर प्रदर्शन करना पड़ रहा है। वहीं प्रदर्शनकारियों की भीड़ को देखते हुए तहसीलदार गुलाब सिंह मौके पर पहुंचे और इनेलो कार्यकर्ताओं से ज्ञापन लिया। इस अवसर पर पूर्व विधायक सरिता नारायण, गढ़ी सांपला किलोई के प्रधान संदीप हुड्डा, उमेश देवी, नफे सिंह लाहली, राजेश सैनी, कृष्ण कौशिक, सुरेश मलिक, रामचंद्र भालौठ, मीना मकड़ौली, सत्यवान हुमायुपुर, चिंटु शर्मा, सतप्रकाश बिसला, रामचन्द्र राठी, ओमप्रकाश हुड्डा, मालेराम, सुखमेन्द्र, सरोज यादव, सरोज चौधरी, लता पुनिया, यादराम सरपंच, सुमित सरपंच मकड़ौली, ताजबीर शिमली, बल्लू बालंद, बलवंत माजरा मौजूद रहे।