योग शरीर को स्वस्थ रखने की सबसे प्राचीन पद्धति: एसडीएम
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। तेजली खेल परिसर में चल रहे अधिकारियों और कर्मचारियों के तीन दिवसीय योग प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन भी बतौर मुख्यातिथि जगाधरी के एसडीएम भारतभूषण कौशिक ने शिरकत की। उन समेत विभिन्न अधिकारियों व कर्मचारियों ने योगाभ्यास किया।
एसडीएम भारतभूषण कौशिक ने कहा कि योग प्राकृतिक परिवर्तनों से शरीर में होने वाले बदलावों को सहन करने की ताकत प्रदान करता है। योग आध्यात्मिक अनुशासन एवं सूक्ष्म विज्ञान पर आधारित विज्ञान है, जो मन व शरीर के बीच तालमेल का कार्य करता है। योग शरीर को स्वस्थ रखने की सबसे प्राचीन पद्धति है। नियमित योग व्यायाम से व्यक्ति की शारीरिक और बौद्धिक शक्ति बढ़ती है। इस शक्ति का प्रयोग वह जीवन की गतिविधियों में सकारात्मक सोच के साथ कर सकता है। ध्यान एकाग्रता आदि योगासनों से नकारात्मक सोच समाप्त होती है और व्यक्ति साकारात्मक सोच के साथ अधिक रचनात्मक कार्य कर सकता है। मौके पर नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी के वरिष्ठ उप मेयर पवन बिट्टू, जगाधरी के तहसीलदार दर्शन कुमार, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक सुरेंद्र सिंह, जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी राजेंद्र कुमार गुप्ता, आयुष विभाग के योग विशेषज्ञ डॉ. शिव कुमार सैनी, स्वामी विवेकानंद योग सेवा संस्थान के डॉ. दीपक कुमार मौजूद रहे।
शिवलाल के योगासनों को देख सभी चकित
कार्यक्रम में 76 वर्षीय वरिष्ठ योग प्रभारी शिवलाल खुराना ने पदम सर्वांग आसन, हलासन, मयूर आसन, बकासन आदि कठिन आसनों का प्रदर्शन देखकर सभी चकित हो गए। शिविर में पंतजलि योग समिति के जिला प्रभारी जय कुमार, भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के सुन्दर लाल, युवा प्रभारी अनुप, डॉ. संजीव नारग, पंतजलि योग समिति की महिला प्रभारी निशा गुलाटी, संगीता, सुमन सिंघाल, नेहा, गोबिंद सैनी ने योगासन की क्रियाएं करवाई। दूसरे दिन कार्यक्रम में ताडासन, वृक्षासन, पाद हस्ताशन, अर्धचक्रासन, त्रिकोणासन, दंडासन, भद्रासन, ब्रजासन, वक्रासन, पवन मुक्तासन, कपाल भाति, अनुविलोम-विलोम, भ्रामरी आदि प्राणायाम का अभ्यास कराया गया।