अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर। गांव महराणा में गहराये पेयजल संकट को लेकर परेशान ग्रामीणों के सब्र का पैमाना शनिवार को छलक गया। खाली मटकों के साथ महिलाओं और पुरुषों ने जाम लगा दिया। जाम में में महिलाएं भी शामिल रहीं। 2 घंटे तक लगाए गए जाम के बाद गांव के सरपंच महावीर सिंह ने अपनी जेसीबी से टूटी पड़ी पेयजल आपूर्ति की पाइप लाइनों को मरम्मत कराने का काम शुरू किया और पानी आपूर्ति की व्यवस्था सुधारने का भरोसा देकर जाम खुलवाया।
गांव में पिछले कई दिनों से मैन पाइप लाइन कई जगह से टूटी होने के कारण ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति नहीं मिल रही है। शनिवार को पेयजल संकट के चलते ग्रामीणों को जाम लगाना पड़ा। प्रात:काल करीब 9 बजे बड़ी संख्या में महिला और पुरुष पानी संकट को लेकर बेरी-बहादुरगढ़ मार्ग पर उतर आए और जाम लगा दिया। महिलाएं खाली मटके लिए हुए जाम में शामिल हुई और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारे बाजी कही। सरपंच महावीर सिंह व अन्य ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पानी की लाइनें 1981 में बिछाई गई थी। जिसके बाद से टूटी हुई सीमेंट की पाइप की मरमत तक नहीं हो पाई है।
करीब सवा साल पूर्व जनस्वास्थ्य विभाग को सरकार से नई पाइप लाइनों के लिए फंड भी मिल चुका है, लेकिन अधिकारी नई पाइप लाइन डालने में जानबूझकर आनाकानी कर रहे हैं। सरपंच ने बताया कि कई बार जनस्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों से वे ग्रामीणों के साथ मिल चुके हैं, लेकिन नई पाइप लाइन गांव में नहीं डाली जा रही है। सरपंच और ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पेयजल संकट केवल पुरानी पाइप लाइनों के जगह-जगह टूटा होने और करीब सवा सौ अवैध नलों के कारण पैदा हो रहा है। टूटी हुई पाइपलाइनों को बदलने और अवैध नल कनेक्शन काटने के लिए भी संबंधित अधिकारियों को कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा कोई समस्या के समाधान की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। जिसके कारण जाम लगाने को मजबूर होना पड़ा। जाम की सूचना के बाद दुजाना चौकी प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। सरपंच और दुजाना चौकी प्रभारी ने जल्द पर व्यवस्था दुरुस्त करने का भरोसा दिलाते हुए जाम खुलवाया।
- पेयजल की समस्या, महराणा गांव की महिलाओं ने लगाया जाम