हैडिंग : शादी के पंजीकरण के लिए निगम में भटकते रहे दंपती
सबहेड : ज्वाइंट कमिश्नर फंसे फील्ड में, एक बजे ईओ को बोला, आप कर लें वेरिफिकेशन
: युवाओं में बढ़ रही जागरूकता, दो माह में 230 ने पंजीकृत करवाई शादी
: सप्ताह में शुक्रवार को होता है रजिस्ट्रेशन, एक दिन में 40 फाइल जमा
: दंपति द्वारा वीजा लगवाने के लिए अनिवार्य है शादी पंजीकृत होना
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। नगर निगम में शुक्रवार को शादी के पंजीकरण के लिए नवविवाहित जोड़े भटकते रहे। क्योंकि ज्वाइंट कमिश्नर एवं मैरिज रजिस्ट्रेशन ऑफिसर राकेश कुमार पीजीआई में फिजिरोथेरपी के विद्यार्थियों को समझाने में फंस गए। जोड़े दो घंटे तक इधर से उधर भटकते रहे। करीब एक बजे ज्वाइंट कमिश्नर ने ईओ अभयराम को हिदायत दी कि वे नवविवाहित जोड़ों की फाइल का वेरिफिकेशन करें। इसमें भी डेढ़ घंटे का समय लग गया।
नगर निगम के सूत्रों ने बताया कि प्रदेश सरकार ने शादी का पंजीकरण अनिवार्य कर रखा है। क्योंकि पंजीकरण न होने के कारण कई बार दंपति को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर अगर दंपति विदेश जाना चाहता है तो उसे मैरिज रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जमा कराना अनिवार्य होता है। शादी से 90 दिन तक पंजीकरण की पावर नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर के पास है, जबकि शादी के 90 दिन से एक साल तक की समय सीमा में पंजीकरण का अधिकार एसडीएम के पास है। इसके बाद एक साल के बाद पंजीकरण डीसी की अनुमति से ही हो सकता है। निगम की तरफ से पूरे सप्ताह पंजीकरण के लिए फाइल जमा करवाई जाती है। प्रत्येक शुक्रवार को नवविवाहित लड़के व लड़की को पंजीकरण अधिकारी के सामने पेश होना पड़ता है। दोनों तरफ से दो-दो गवाह बुलाए जाते हैं। सभी छह लोगों का सामूहिक फोटो लिया जाता है। इसके लिए लड़के व लड़की की आयु प्रमाण पत्र के तौर पर 10वीं की मार्कशीट और रेजिडेंट सर्टिफिकेट के लिए आधार कार्ड, वोटर कार्ड या राशन कार्ड में से एक जमा कराना अनिवार्य है। साथ ही दंपति के साथ गवाहों की तरफ से शपथ पत्र देना पड़ता है।
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निगम में फार्म नहीं, ईओ से उलझे परिजन
आवेदक को निगम की साइट से आवेदन फार्म डाउनलोड करना पड़ता है। निगम के अंदर किसी तरह का फार्म उपलब्ध नहीं कराया जाता। शुक्रवार को एक दंपति व उसके गवाह अपनी तरफ से अलग से फार्म पर बयान लिखकर नहीं आए। काउंटर पर कर्मचारी ने कहा कि दंपति व गवाह एक-एक पेज पर शपथ पत्र तैयार करके लाए। इस पर दंपति के साथ आया एक व्यक्ति नाराज हो गया। वह ईओ अभय राम के सामने पेश हुआ। काफी देर तक कहासुनी होती रही। आखिर में समझाने पर व्यक्ति शांत हुआ।
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दो माह में 230 दंपति ने कराया पंजीकरण, एक साल में 1300 ने
निगम के रिकार्ड के मुताबिक शुक्रवार को 40 नवविवाहित जोड़ों ने नगर निगम में आकर पंजीकरण कराया। जबकि जनवरी व फरवरी माह में अब तक 230 फाइल जमा हो चुकी है। पिछले साल 12 माह में 1300 लोगों ने पंजीकरण करवाया था।
वर्जन
पीजीआई में छात्रों और पीजीआई प्रशासन के बीच विवाद के चलते वे वहां व्यस्त रहे। उनकी जगह ईओ अभयराम ने कागजात की जांच पड़ताल की है। अब वे खुद फाइलों की जांच करेंगे। इसके बाद शादी प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे।
राकेश कुमार, ज्वाइंट कमिश्नर एवं मैरिज रजिस्ट्रेशन आफिसर नगर निगम
नौ बजे आए थे, एक बज गया
म्हारी शादी अप्रैल 2018 में हुई थी। विदेश जाना है। इसके चलते मैरिज रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट अनिवार्य है। सुबह नौ बजे निगम कार्यालय आए थे, लेकिन अब एक बजे का समय हो गया है। कहा जा रहा है कि ज्वाइंट कमिश्नर नहीं आएंगे। ईओ के सामने कागजात की जांच पड़ताल करानी है।
-देवेंद्र व श्रुति, नवविवाहित दंपति बड़ा बाजार
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विदेश जाना है, सर्टिफिकेट चाहिए
म्हारी शादी दिसंबर 2018 में हुई है। कई दिन पहले निगम में फाइल जमा करवाई थी। निगम की तरफ से शुक्रवार को बुलाया गया था। सुबह साढ़े नौ बजे निगम कार्यालय आ गए, लेकिन अभी तक कागजी कार्रवाई पूरी नहीं हुई है। डेढ़ बजे तक इधर से उधर चक्कर काट रहे हैं।
-नितिन-श्वेता, नवविवाहित दंपति, बड़ा बाजार