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नगर निगम मेयर के चुनाव में कूदे 13 प्रत्याशी

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हेडिंग : 13 मेयर प्रत्याशी आए मैदान में, सचदेवा के साथ बख्शी भी दंगल में
: रामकुमार सैनी की पार्टी की महिला प्रत्याशी समय पर पहुंच कर भी नहीं भर सकीं नामांकन
: नामांकन दाखिल करने वालों में मात्र दो महिला प्रत्याशी, कुर्सी के लिए हेमंत व सूरज के बीच होगा टॉस
: वार्डों के अंदर एक से ज्यादा हुड्डा समर्थक लड़ रहे चुनाव
: निवर्तमान मेयर रेनू डाबला के ससुर लड़ेंगे वार्ड नंबर पांच से चुनाव, किया नामांकन दाखिल
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। नगर निगम मेयर के चुनाव में नामांकन के आखिरी दिन 9 नए प्रत्याशी और मैदान में आ गए। पूर्व सीएम हुड्डा समर्थक सीताराम सचदेवा के साथ-साथ हेमंत बख्शी ने भी वीरवार को नामांकन दाखिल किया। अब कुल 13 प्रत्याशी मैदान में आ गए हैं। 8 दिसंबर को 3 बजे तक नामांकन की छंटनी व नाम वापसी होगी। 16 दिसंबर को वोट डाले जाएंगे। साथ ही 19 को परिणाम आएगा। वहीं, भाजपा सांसद राजकुमार सैनी की पार्टी से जनता कॉलोनी निवासी रितु नामांकन नहीं भर सकीं। क्योंकि तीन बजे तक उनकी फाइल नहीं आई थी।
राज्य चुनाव आयोग की हिदायतों के तहत पहली बार सीधा जनता द्वारा चुने जा रहे मेयर के पद के लिए 1 से 6 दिसंबर की शाम 3 बजे तक नामांकन किए जाने थे। पांच दिसंबर को चार प्रत्याशियों ने नामांकन किया, जिसमें भाजपा से मनमोहन, इनेलो से संचित नांदल, माकपा से जगमती सांगवान और इंडियन बिजनेस पार्टी से अनिल भाटिया ने नामांकन दाखिल किया था। वीरवार को आखिरी दिन हुड्डा समर्थक सीताराम सचदेवा, हेमंत बख्शी, सूरज रसवंत, पूर्ण सिंह, अरविंद, अंशु, पवन व नरेश कुमार ने नामांकन दाखिल किया।
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पौने तीन बजे पहुंचीं रितु, फाइल रह गई नीचे
जनता कॉलोनी निवासी रितु महिला टीचर हैं और उन्हें भाजपा सांसद राजकुमार सैनी की पार्टी का समर्थक माना जाता है। पौने तीन बजे वह चुनाव अधिकारी के कार्यालय में पहुंच गईं। चुनाव अधिकारी ने उनसे पूछा नामांकन फाइल कहां है। रितु ने कहा कि अभी कागज नीचे हैं। कवरिंग प्रत्याशी लेकर आ ही रहा है। दोपहर तीन बजे तक जब कोई फाइल नहीं आई तो चुनाव अधिकारी की हिदायत पर कर्मचारी ने गेट पर वीडियो बनानी शुरू कर दी। जब तक फाइल पहुंची तब तक देर हो चुकी थी। आरओ बीएस हुड्डा ने नियमों का हवाला देकर नामांकन लेने से इनकार कर दिया। मामले को लेकर काफी देर तक वकील ने भी चुनाव अधिकारी से बातचीत की, लेकिन फिर भी बात नहीं बन सकी। उधर, लोकतंत्र सुरक्षा मंच के प्रदेश प्रवक्ता तेजबीर सैन का कहना है कि उन्होंने 10 दिन पहले पार्टी आलाकमान से पूछा था कि क्या वे मेयर के चुनाव की तैयारी करें, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। एक दिन पहले कहा गया कि वे मेयर का चुनाव लड़ लें, लेकिन कागजात तैयार नहीं हो सके।
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वार्डों के अंदर एक से ज्यादा हुड्डा समर्थक लड़ रहे चुनाव
नगर निगम में वार्डों के अंदर एक से ज्यादा हुड्डा व भाजपा समर्थक चुनाव लड़ रहे हैं। अब इस बात पर जोर रहेगा कि वोट न कटें और एक पक्ष से कई दावेदार न हों, जिससे नुकसान न हो। अगर वार्डों के अंदर एक से ज्यादा प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे तो विरोधी को फायदा होगा।

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निवर्तमान मेयर के ससुर लड़ेंगे वार्ड छह से चुनाव
नगर निगम की निवर्तमान मेयर रेनू डाबला मेयर या पार्षद का चुनाव नहीं लड़ रहीं। उनके ससुर आजाद डाबला ने वार्ड नंबर छह से नामांकन दाखिल किया है। जहां रोहताश, सुल्तान सिंह, आजाद सिंह, ललिता, सुदेश, मंजीत, सुनीता व सुरेश भी चुनाव लड़ रहे हैं।
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चुनाव चिह्न के लिए होगा टॉस
मेयर का चुनाव लड़ रहे हेमंत बख्शी और सूरज रसवंत निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में हैं। नियमों के तहत एक निर्दलीय प्रत्याशी को चुनाव चिन्ह के तौर पर तीन चिन्ह बताने पड़ते हैं। नामांकन के आखिरी दिन सबसे पहले सूरज रसवंत ने नामांकन दाखिल किया। इसमें चुनाव चिन्ह कुर्सी का निशान मांगा। जब हेमंत बख्शी नामांकन दाखिल करने गए तो उन्होंने भी कुर्सी मांगी। सहायक चुनाव अधिकारी ने कहा कि ऐसी स्थिति में टॉस करके चुनाव चिन्ह का फैसला किया जाएगा।
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