फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नगर निगम में जमा कराना होगा प्रॉपर्टी टैक्स

विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो सहित................
विज्ञापन

नगर निगम नौ गांवों से आठ साल वसूलेगा प्रॅापर्टी टैक्स
- ग्रामीण वार्डों में भेजे टैक्स ब्रांच ने बिल, साथ में जोड़ा यूजर चार्ज
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। नगर निगम नौ गांवों से आठ साल बाद प्रॉपर्टी टैक्स वसूल करेगा। निगम की टैक्स ब्रांच ने ग्रामीण वार्डों में बिल भेजने शुरू कर दिए हैं। प्रॉपर्टी टैक्स के बिलों में यूजर चार्ज भी जोड़ा गया है। दूसरी, तरफ ग्रामीण व निवर्तमान पार्षदों का साफ कहना है कि सुविधाएं तो मिलती नहीं, वे बिल जमा नहीं कराएंगे।
प्रदेश की हुड्डा सरकार ने 2010 में नगर परिषद को भंग करके निगम का दर्जा दे दिया था। इसके साथ ही निगम का दायर भी बढ़ा दिया था। पंचायती राज विभाग के अंतर्गत आने वाले शहर के नजदीकी गांवों बोहर, अस्थल बोहर, बोहर माजरा, बलियाना, खेड़ी साध, पहरावर, कन्हेली, सुनारिया कलां व सुनारिया खुर्द को पंचायत भंग कर निगम में शामिल कर लिया। इसके साथ ही गांवों की पंचायती जमीन व अकाउंट में जमा करोड़ों रुपये निगम के खाते में ट्रांसफर हो गए। उस समय गांवों की कई पंचायतों ने सरकार के कदम का विरोध भी किया था, लेकिन सरकार के सामने एक नहीं चली। ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया कि गांव निगम में शामिल होने से न केवल तरक्की करेंगे, बल्कि उच्च स्तर की मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी।
विज्ञापन


36 करोड़ रखा गया है प्रॉपर्टी टैक्स का टारगेट
निगम ने साल 2018-19 के बजट में प्रॉपर्टी टैक्स वसूली का टारगेट 36 करोड़ रुपये रखा गया है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में टारगेट 21 करोड़ रुपये था। निगम की तरफ से टारगेट बढ़ाने पर तर्क दिया गया था कि करोड़ों रुपये प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। उसकी भी वसूली होगी। अब ग्रामीण वार्डों में टैक्स वसूली के लिए बिल भेेजे जा रहे हैं। तीनों वार्डों में करीब 20 हजार प्रॉपर्टी यूनिट हैं।

पुराने सर्वे के तहत भेजे बिल, छूट जारी करने का नहीं आया पत्र
निगम के एक अधिकारी ने बताया कि निगम के पास फिलहाल प्रॉपर्टी टैक्स का आंकड़ा 2011 के सर्वे के मुताबिक है, जिसमें 1 लाख 75 हजार प्रॉपर्टी यूनिट हैं। उसी के आधार पर ग्रामीण वार्डों के बिल तैयार किए गए हैं। अब तक सरकार की तरफ से ग्रामीण वार्डों में टैक्स वसूली पर रोक लगी थी, लेकिन इस बार ऐसा कोई पत्र नहीं आया। इसके चलते बिल भेजे जा रहे हैं।

निगम आयुक्त ही रखेंगे पक्ष
पत्र जारी हुआ है कि निगम आयुक्त ही मीडिया में नगर निगम की तरफ से पक्ष रखेंगे। ऐसे में हम कुछ नहीं कह सकते।
- इंद्रजीत कुल्हाड़िया, डीएमसी

नहीं मिल रहीं सुविधाएं, क्यों जमा कराएं प्रॉपर्टी टैक्स
निगम में तीन ग्रामीण वार्ड हैं। पुराने वार्ड 7 में बोहर, अस्थल बोहर, बोहर माजरा थे। जबकि वार्ड आठ में बलियाना, खेड़ी साध, पहरावर व कन्हेली शामिल थे। वहीं, वार्ड 20 में सुनारिया कलां व खुर्द का एरिया था। तीनों वार्डों के निवर्तमान पार्षदों का कहना है कि जब उन्हें सुविधाएं नहीं मिल रहीं तो वे प्रॉपर्टी टैक्स क्यों जमा करवाएं।

बिजली आती न पानी मिलता, कैसे प्रॉपर्टी टैक्स
2010 में सरकार ने बोहर गांव की पंचायत के 30 करोड़ रुपये निगम के अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए। जमीन गई वह अलग। वादा किया था शहर के बराबर सुविधाएं मिलेंगी। हकीकत में, 10 घंटे बिजली मिलती है, जबकि पीने के पानी के लोग भटकते रहते हैं। सीवरेज की सुविधा भी न के बराबर है। खुद मेरा प्रॉपर्टी टैक्स यूजर चार्ज जोड़कर 4800 रुपये भेजा गया है। ग्रामीण टैक्स जमा नहीं कराएंगे।
सरिता देवी, निवर्तमान पार्षद पुराना वार्ड सात

वार्ड में सात हजार के करीब मकान हैं। अब तक टैक्स से छूट मिली हुई थी। अब ग्रामीणों ने बताया है कि निगम के कर्मचारी बिल बांटने आए हुए थे। गांव में बिजली 10 घंटे आती है। पीने का पानी व सीवरेज की सुविधा न के बराबर हैं। तीन दिन में पानी आ रहा है। हम प्रॉपर्टी जमा नहीं कराएंगे।
विज्ञापन

लक्ष्मी देवी, महिला पार्षद वार्ड पुराना 20

निगम ने वार्ड में गलियां ही बनवाई हैं। मारुति के सहयोग से सीवरेज लाइन बिछवाई है। बड़े प्रोजेक्ट अब भी अधूरे हैं। पानी की किल्लत है। बिजली 12 घंटे ही आ रही है। जबकि निगम बनने के समय 30 करोड़ से ज्यादा की राशि निगम के अकाउंट में जमा करवाई थी। अभी हमारे पास प्रॉपर्टी टैक्स के बिल नहीं आए हैं। आए तो जमा नहीं कराएंगे।
उपासना देवी, निवर्तमान पार्षद, पुराना वार्ड नंबर 8
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें