शराब माफिया के नए हत्थकंड़ों को फ्लॉप कर रही ‘मुखबरी’
चरखी दादरी।
नकली व अवैध शराब की तस्करी के लिए शराब माफिया नए-नए हत्थकंड़े अपना रहा है लेकिन सटीक मुखबरी के चलते तीन सालों में शराब तस्करी के 77 मामले पकड़ में आए हैं। सदर थाना पुलिस ने कोलगेट की बिल्टी पर शराब से भरा कंटेनर पकड़ा तो वहीं सिटी थाना पुलिस ने पत्थरों की बिल्टी पर ट्रक में गुप्त केबिन बनाकर ले जाने वाले दो तस्करों को ट्रक सहित दबोचा। शुक्रवार को भी दो युवा स्विफ्ट कार में 408 बोतल अंग्रेजी शराब काली पॉलीथिन में डालकर तस्करी करते पकड़े गए हैं। चरखी दादरी के सदर, सिटी, बौंदकलां व बाढड़ा पुलिस थानों में तीन सालों में आबकारी अधिनियम के 77 मामले दर्ज हुए हैं। इसके अलावा करीब 95 लोगों की गिरफ्तारियां हुई हैं।। 2016 में 50 मामले दर्ज कर 51 तस्करों को गिरफ्तार भी किया गया। 2017 में जिले के विभिन्न थानों में 18 मामले दर्ज किए गए और 23 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा तीन सालों में पुलिस ने करीब 29000 बोतल अवैध शराब बरामद की है।
जानकारी के अनुसार चरखी दादरी में चंडीगढ़ के अलावा अरुणाचल प्रदेश से भी बेरोकटोक अवैध शराब लाई जा रही है। इससे नकली व महंगे मार्का की शराब तैयार कर इसकी खेप दूसरे राज्यों तक सप्लाई की जाती है। शराब तस्करी के पुराने आइडिया फ्लॉप होने पर अब माफिया नए हत्थकंड़े अपना रहा है लेकिन समय रहते पुलिस के पास सूचना पहुंचने से इनके मंसूबे ध्वस्त हो जाते हैं। पुलिस रेड कर शराब और वाहन को जब्त करने के साथ तस्करों को गिरफ्तार कर लेती है। सीआईए दादरी ने भी पिछले दो सालों में नकली शराब तैयार करने की फैक्ट्रियों का भंड़ाफोड़ कर भारी तादाद में अवैध अंग्रेजी शराब की खेप बरामद की। हाल ही में भागवी में पकड़ी गई शराब फैक्ट्री में खुलासा हुआ कि तस्कर फोन कॉल पर ही बेखौफ होकर शराब की डिलीवरी देने घर पहुंच जाते थे।
भागवी गांव में शराबबंदी के चलते नहीं ठेका, माफिया घर जाकर पहुंचा रहा था शराब
सदर थाना पुलिस ने गत पांच अप्रैल को भागवी गांव के एक घर में चलाई जा रही फैक्ट्री का भंड़ाफोड़ किया था। इस दौरान अरुणाचल प्रदेश की शराब में केमिकल व पानी मिलाकर महंगा मार्का की शराब तैयार करने का खुलासा पुलिस ने किया था। पुलिस के मुताबिक ग्रामीणों ने बताया था कि अवैध शराब फैक्ट्री चलाने वाले फोन करने पर घर आकर भी शराब की बोतल पहुंचाते थे। इस मामले में पुलिस दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है लेकिन मकान मालिक व एक अन्य आरोपी अभी फरार है।
शराब तस्करी में फर्जी बिल्टी का लिया जा रहा सहारा
अवैध शराब की खेप लेकर जिले से गुजरने वाले एक कंटेनर व ट्रक से पुलिस भारी तादाद मेुं शराब पकड़ चुकी है। दोनों मामलों में सामने आया कि शराब की तस्करी फर्जी बिल्टी के जरिए की जा रही थी। कंटेनर में जहां कोलगेट की बिलटी पर करीब 12 हजार बोतल शराब ले जाई जा रही थी तो वहीं ट्रक में भी पत्थर की बिल्टी पर 182 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद हुई थी। पुलिस को गच्चा देने के लिए शराब माफिया ने उपर पत्थर रखे हुए थे जबकि इनके नीचे स्पेशल कैबिन बनाकर शराब की पेटियां रखी हुई थी।
2500 किलोमीटर दूर से जिले में पहुंच रही शराब
चरखी गांव में दो बार सस्ती से महंगी शराब तैयार करने की फैक्ट्री का भंड़ाफोड़ हो चुका है। इस मामले की जांच में पता चला कि यहां से 2500 किलोमीटर दूर अरुणाचल प्रदेश से शराब लाई गई थी। वहां से शराब लेकर चरखी दादरी पहुंचने में करीब तीन से चार दिन का समय लगता है। इसके लिए छह राज्यों के बॉर्डर लांघने पड़ते हैं। इतनी बड़ी दूरी तय करने पर भी किसी राज्य की पुलिस की पकड़ में शराब माफिया नहीं आता।
शराब माफिया के टारगेट पर बेरोजगार युवा
शराब माफिया सस्ती शराब से महंगी शराब तैयार करने में युवाओं को रुपयों का लालच देते हैं। नकली शराब के खेल में शामिल युवाओं ने पुलिस पूछताछ में इस बात का खुलासा भी किया था। इस अवैध काम में नीमली गांव के युवा सबसे अधिक संलिप्त मिलते हैं। चार से पांच युवाओं के समूह को शराब माफिया 100 पेटियां शराब तैयार करने पर 2500 रुपये देता है।
वर्जन::
पुलिस अधीक्षक हिमांशु गर्ग ने जिला पुलिस को शराब की तस्करी रोकने के सख्त निर्देश दे रखे हैं। जिला पुलिस शराब तस्करों की हर गतिविधि पर नजर रखे हुए है। हमारा खुफिया तंत्र भी एक्टिव है और आगे भी तस्करों पर कार्रवाई जारी रहेगी।
सुरेंद्र दांगी, पुलिस प्रवक्ता