सत्यवान हत्याकांड में पांच महीने बाद बड़वासनी गैंग मुखिया अजय उर्फ बिट्टू गिरफ्तार
- पुलिस मुठभेड़ में गोली लगने के बाद पुलिस ने हत्या प्रयास में किया था गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
पुलिस की एवीटी टीम ने वकील सत्यवान मलिक हत्याकांड में पांच महीने बाद बड़वासनी गैंग के मुखिया सोनीपत के गांव बरौणा निवासी अजय उर्फ बिट्टू को गिरफ्तार कर लिया है। अजय ने ही वकील हत्याकांड की साजिश रची थी। पुलिस मुठभेड़ में गोली लगने के बाद एंटी व्हीकल थेेफ्ट टीम ने अजय को हत्या प्रयास में गिरफ्तार किया था। पीजीआई में उपचाराधीन होने के कारण उसे वकील हत्याकांड में गिरफ्तार नहीं किया गया था। एवीटी इंचार्ज इंस्पेक्टर मनोज वर्मा ने बताया कि आरोपी को एक दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर वारदात में शामिल रहे अन्य आरोपियों के ठिकानों के बारे में पूछताछ की जा रही है। हालांकि पुलिस मामले में अधिकतर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
बता दें कि 11 दिसंबर 2017 को रोहतक के शीला बाईपास पर वकील सत्यवान मलिक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसमें अजय व उसके साथियों का नाम सामने आया था। सत्यवान की हत्या बड़वासनी गैंग के मुखिया संदीप की मौत का बदला लेने के लिए की गई थी। फिर 19 जनवरी 2018 को एवीटी स्टाफ मुठभेड़ के दौरान अजय उर्फ बिट्टू को गिरफ्तार किया गया था। उसके पेट में गोली लगी थी। वह पीजीआई के कैदी वार्ड में भर्ती था।26 मार्च तड़के पांच से छह हथियार बंद बदमाश अजय की हत्या करने के इरादे से पीजीआई के कैदी वार्ड तक पहुंच गये थे। पुलिस से भिड़ंत के दौरान आरोपी गारद इंचार्ज पर पिस्टल की बट से हमला करके फरार हो गये थे। इसके बाद अजय को जेल में भेज दिया था। अजय को पुलिस ने वकील सत्यवान मलिक हत्याकांड में गिरफ्तार नहीं किया था। उसे मुठभेड़ के मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस अजय को एक दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। आरोपी को रविवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
इसलिए की थी हत्या
रामकरण बैंयापुर और कुख्यात संदीप बड़वासनी के बीच वर्ष 2015 से रंजिश चल रही थी। पहले दोनों शराब के ठेके और प्रॉपर्टी के काम में साझेदार थे। वर्ष 2015 में संदीप बड़वासनी के कहने पर रूपेन्द्र ने अपने साथियों के साथ मिलकर रामकरण बैंयापुर गैंग के शूटर विकाश दुधिया की गन्नौर (सोनीपत) में पुलिस कस्टडी में हत्या की थी। संदीप बड़वासनी और विकाश उर्फ नान्हा दोनों आपस में धर्म भाई थे। फरवरी 2017 में रामकरण बैयापुर गैंग ने संदीप बड़वासनी का अपहरण करके उसका कत्ल करके शव नहर में फेंक दिया था। इस हत्याकांड में रोहतक के वकील सत्यवान मलिक का नाम भी सामने आया था। संदीप बड़वासनी के कत्ल के केस में रामकरण बैंयापुर और उसके कई साथी सोनीपत जेल में बंद है। यहां से ही रूपेंद्र ने अजय उर्फ बिट्टू को सत्यवान मलिक की हत्या करने की जिम्मेदारी दी थी। इसके बाद 11 दिसंबर को आरोपियों ने शीला बाईपास पर सत्यवान मलिक की गोली मारकर हत्या कर दी थी।