स्कूलों में दाखिला लेने वाले 14 वर्ष तक के विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। अब स्कूल संचालक आधार कार्ड नहीं होने पर उन्हें दाखिला देने से इनकार नहीं कर सकेंगे। इसके बगैर ही दाखिला देना होगा। शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों की सुविधा के लिए आधार कार्ड की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। इस संबंध में मौलिक शिक्षा निदेशक ने सभी शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर दिया है।
नए शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों को स्कूल में प्रवेश के लिए आधार कार्ड की अनिवार्यता ने खासा परेशान किया। खास कर दूसरे राज्यों से आए परिवारों के बच्चों को आधार कार्ड नहीं होने पर दाखिले के लिए जगह-जगह धक्के खाने पड़े। यही नहीं कुछ को दाखिले से ही वंचित रहना पड़ा। इस बारे में मुख्यालय में कुछ शिकायतें पहुंची। ऐसे में अधिकारियों ने आधार कार्ड की अनिवार्यता समाप्त करने का निर्देश जारी करने का फैसला लिया। साथ ही इन निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए।
बैंक खाते के लिए भी आधार नहीं जरूरी
पत्र में कहा गया है कि विद्यार्थियों को बैंक खाते के लिए भी आधार कार्ड की जरूरत नहीं है। विद्यार्थियों के खाते में पीएफएमएस की ओर से राशि सीधे भेजी जाएगी।
आधार कार्ड की अनिवार्यता विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों की परेशानी का सबब बना हुआ था। दूसरे राज्यों के बच्चों को परेशानी ज्यादा थी। बच्चों के फिंगर प्रिंट न मिलने सरीखी अनेक समस्याएं रहती हैं। कोरोना काल में विद्यार्थियों के लिए नया आधार कार्ड बनवाना भी मुश्किल भरा है। ऐसे में शिक्षा विभाग के अधिकारियों का फैसला सराहनीय है।
रवींद्र नांदल, प्रधान, निजी स्कूल संघ
विद्यार्थियों की दाखिला संबंधी समस्या को देखते हुए मौलिक शिक्षा निदेशक ने आधार कार्ड की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। इससे विद्यार्थियों को राहत मिलेगी। अब कोई स्कूल संचालक या प्राचार्य 14 वर्ष तक के विद्यार्थियों को आधार कार्ड नहीं होने पर दाखिला देने से मना नहीं कर सकेगा।
- कृष्णा फौगाट, डिप्टी डीईओ