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निगम कार्यालय में महिला का हंगामा.....

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अमर उजाला ब्यूरो
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रोहतक। मैरिज सर्टिफिकेट में दर्ज पति की जन्मतिथि में बदलाव नहीं करने पर जनवादी महिला समिति की सदस्य, पूर्व सैनिक की पत्नी एवं संजय कॉलोनी निवासी पूनम ने वीरवार सुबह डीएमसी कार्यालय में हंगामा कर दिया। वह न केबल फर्श पर बैठकर रोने लगी, बल्कि निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को खरी-खोटी सुनाई। 45 मिनट के हंगामे के बाद महिला वहां से गई। पूनम का कहना है कि वह आठ माह से निगम के चक्कर काट रही है। अब बताया जा रहा है कि जन्मतिथि में मौजूदा रिकॉर्ड के आधार पर बदलाव नहीं हो सकता। हंगामे के चलते डीएमसी ने पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर महिला के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पूनम ने बताया कि उसकी शादी 2004 में संजय कॉलोनी निवासी रामनिवास के साथ हुई थी, जो केंद्रीय तोपखाना विभाग में कार्यरत थे। 2016 में उनका देहांत हो गया। उसने विभाग से पेंशन बनाने की मांग की। विभाग ने शादी प्रमाण पत्र मांगा। प्रमाण-पत्र देखकर पता चला कि उसमें पति की उम्र 16-5-1974 लिखी है, जबकि असली जन्मतिथि 16-5-1971 है। गलती से मैरिज प्रमाण पत्र में गलत जन्मतिथि लिखी गई। उसे ठीक किया जाए। पूनम ने बताया कि आठ माह पहले जब उसने यह अर्जी दी थी तो मौजूद निगम के एक अधिकारी ने कहा था कि यह ठीक हो जाएगी। इसके लिए सर्विस बुक का रिकॉर्ड लेकर विभाग से रिपोर्ट मांगी। पूरा रिकॉर्ड देने के बाद अब फाइल यह कहकर रिजेक्ट कर दी कि स्कूल लिविंग प्रमाण पत्र में जन्मतिथि 1974 लिखी है। अन्य ऐसा कोई सबूत नहीं है कि जिसके आधार पर जन्मतिथि 1971 की जाए।
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मना करते ही महिला ने मचा दिया शोर
सुबह जैसे ही पूनम विवाह पंजीकरण ब्रांच पर पहुंची तो उसे बताया गया कि एक दिन पहले उसकी अर्जी खारिज हो गई है। वह सीधी डीएमसी के ऑफिस में पहुंची और पूछा कि उसकी फाइल अब क्यों रिजेक्ट की गई। इस बात को लेकर 45 मिनट तक हंगामा होता रहा। डीएमसी के कार्यालय में कर्मचारियों की भीड़ लग गई। महिला को किसी तरह समझ-बुझाकर घर भेजा गया।

महिला ने सरकारी कार्य में डाली बाधा
महिला ने कार्यालय में आकर न केवल दुर्व्यवहार किया, बल्कि सरकारी कार्य में बाधा भी डाली है। महिला के खिलाफ पुलिस को पत्र लिखा है। दूसरा, बिना किसी आधार के वे कैसे प्रमाण पत्र में बदलाव कर सकते हैं।
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-इंद्रजीत कुल्हाड़िया, डीएमसी नगर निगम

डीसी के सामने लगाऊंगी गुहार
आठ माह पहले मुझे कहा गया कि शादी पंजीकरण प्रमाण पत्र में जन्मतिथि बदल जाएगी। इसके लिए रिकॉर्ड लेकर आएं। वह लगातार चक्कर काटती रही। अब मना किया जा रहा है। दो साल पहले पति की मौत हो गई। जन्मतिथि न बदली जाने के कारण उसकी पेंशन भी नहीं बन सकी है। कैसे बच्चों का पालन-पोषण करूंगी। अब जनवादी महिला समिति की अध्यक्ष सविता के साथ मिलकर डीसी से समस्या के समाधान की मांग की जाएगी।
- पूनम, निवासी संजय कॉलोनी
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