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कलानौर रहा पूर्णतया बंद,डेढ घंटे रोड भी रहा जाम

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कलानौर रहा पूर्णतया बंद, डेढ़ घंटे रोड भी रहा जाम
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अमर उजाला ब्यूरो
कलानौर।
उच्चतम न्यायालय के एसीएसटी एक्ट में किए गए संशोधन के विरोध में सोमवार को अनुसूचित जाति के लोगों ने रोष मार्च निकाल कर न्यायालय के फैसले के विरोध में कलानौर बंद रखा तथा फैसले को वापस लेने के संदर्भ में नायब तहसीलदार के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। सुबह बाल्मीकि आश्रम में अनुसूचित जाति के लोगों ने इकट्ठा होकर न्यायालय के फैसले को अनुसूचित जाति की स्वतंत्रता और सुरक्षा का हनन बताया। समाज के लोगों ने कहा कि एसीएसटी एक्ट में बदलाव के कारण समाज सामाजिक रूप से पिछड़ जाएगा तथा उसकी स्वतंत्रता और सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी। इसलिए कोर्ट को अपने फैसले पर पुनर्विचार कर पुन: स्थिति बहाल करनी चाहिए।
रोष मार्च के दौरान डेढ़ घंटे रहा रोड जाम
अनुसूचित समाज के लोग वाल्मीकि आश्रम में इकट्ठा होने के पश्चात एक जुलूस की शक्ल में ज्ञापन पत्र देने के लिए रोहतक-भिवानी सड़क मार्ग से होते हुए तहसील कार्यालय में पहुंचे। अपने आंदोलन का शक्ति प्रदर्शन करने के लिए समाज के लोगों ने पुराना बस अड्डा, नया बस स्टैंड तथा भिवानी चुंगी पर आधा-आधा घंटा जाम लगाया। इस दौरान रोष मार्च के आगे चल रहे पुलिस के जवानों ने किसी भी वाहन को शहर की ओर नही जाने दिया। समाज के लोगों ने तहसील कार्यालय के सामने जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका और हरियाणा सरकार, आरएसएस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। तहसील के सामने खुली एक दुकान का सामान फेंकने के अलावा रोष मार्च शांतिपूर्वक रहा। करीब एक बजे नायब तहसीलदार पवन बतरा को ज्ञापन पत्र सौंपा गया।
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मेन बाजार रहा पूर्णतया बंद
कलानौर व्यापार मंडल ने एसीएसटी एक्ट में संशोधन किए जाने के विरोध में अनुसूचित जाति के लोगों के द्वारा किए जा रहे भारत बंद का समर्थन करते हुए अपनी दुकानें बंद रखी। हालांकि व्यापार मंडल का कोई भी प्रतिनिधि इस रोष मार्च में तो शामिल नही हुआ परंतु दुकानें बंद करने का निर्णय लिया गया।
कलानौर ब्लॉक के सरपंचों ने दिया समर्थन
कलानौर ब्लॉक 24 ग्राम पंचायतों में से 23 ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने इस रोष मार्च में शामिल होकर अनुसूचित जाति के लोगों के द्वारा अपने अधिकार के लिए लड़ी जा रही लड़ाई का समर्थन किया। ई-पंचायत प्रणाली के विरोध में धरने पर बैठे सरपंच इस रोष मार्च में शामिल हुए और समर्थन का एलान किया।
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सफाई कर्मचारियों ने एक दिन की हड़ताल कर इस विरोध का समर्थन किया। सुबह सभी कर्मचारी इंदिरा पार्क में इकट्ठा हुए और पैदल मार्च करते हुए बाल्मीकि आश्रम में पहुंचे। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण कस्बे की सफाई व्यवस्था चरमरा गई। जगह-जगह पर गंदगी के ढेर दिखाई दिए।
फोटो कैप्शन नं 1- बंद पड़ा मेन बाजार
2-रोष मार्च निकालते एसीएसटी समुदाय के लोग।
4- सफाई कर्मचारियों की नपा में खड़ा रिक्शा।
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