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बैक फुट पर कांग्रेसी पार्षद, नहीं कराएंगे आपति दर्ज

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मीटिंग के बाद नगर निगम की वार्ड बंदी के मामले में नया मोड़ ----
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बैक फुट पर कांग्रेसी पार्षद, नहीं कराएंगे विरोध दर्ज, पब्लिक के बीच जाकर मांगेंगे न्याय

- बोले, चुनाव में पब्लिक कर ही करेगी भाजपा का इलाज, मेयर नहीं पहुंची मीटिंग में
- निगम ने नागरिक सुविधा केंद्र में बनाया काउंटर, पहले दिन वार्ड नंबर 6 से आया सुझाव

अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
नगर निगम की वार्डबंदी को लेकर आवाज उठाने वाले कांग्रेसी पार्षद बैकफुट पर आ गए हैं। पार्षदों का कहना है कि वे वार्डबंदी को लेकर कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराएंगे। सीधे पब्लिक के बीच जाकर न्याय मांगेंगे। पब्लिक खुद ही भाजपा का इलाज कर देगी। सोमवार को गोहाना रोड पर कांग्रेसी पार्षद संजय सैनी के कार्यालय में मेयर रेनू डाबला की गैर मौजूदगी में हुई मीटिंग में यह फैसला लिया।
नगर निगम की जनसंख्या 2015 की गणना के मुताबिक 5 लाख 12 हजार पहुंच चुकी है। इसके चलते निगम के वार्डों की संख्या 20 से 22 की गई है, जिसकी अधिसूचना शुक्रवार को जारी की गई। 10 दिन के अंदर वार्डबंदी को लेकर सुझाव व आपत्तियां मांगी गई हैं। कांग्रेसी पार्षदों का आरोप है कि सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर के इशारे पर कांग्रेसी पार्षदों के वार्ड योजना के तहत टुकड़े-टुकड़े कर दिए गए। इसमें गलियों, सड़कों से लेकर मोहल्लों तक को दो भागों में बांट दिया गया।
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अंदाजा ही नहीं था कि इतनी प्लानिंग से वार्डों में तोड़फोड़ कर देंगे
लिखित में वार्डबंदी को लेकर आपत्ति दर्ज कराएंगे या नहीं, इसको लेकर दोपहर एक बजे कांग्रेसी पार्षदों की मीटिंग गोहाना रोड पर हुई। मीटिंग में पहुंचे सीनियर डिप्टी मेयर मंजू के पति बिजेंद्र हुड्डा, डिप्टी मेयर अशोक भाटी, वरिष्ठ कांग्रेसी पार्षद गुलशन ईशपुनियानी, महिला पार्षद अनीता मिगलानी, संजय सैनी, महिला पार्षद सरिता के प्रतिनिधि एडवोकेट सुरेश नांदल और निर्दलीय महिला पार्षद नीरा के पति नरोतामल भटनागर ने गहराई से हालात पर मंत्रणा की। पार्षदों ने आश्चर्य व्यक्त किया कि किस तरह से गहन मंथन व ग्राउंड रिपोर्ट के बाद वार्डों में तोड़फोड़ की गई है। इसका अंदाजा उन्हें नहीं था। डेढ़ घंटा चला मीटिंग के बाद तय हुआ कि वे आपत्ति दर्ज नहीं कराएंगे।

खुद के कराए कामों पर भरोसा, पब्लिक खुद कराए आपत्ति दर्ज
ज्यादातर पार्षदों ने कहा कि अब तक के कार्यकाल में उन्हाेंने पूरे शहर को इकाई मानकर विकास कार्य करवाए हैं। पार्षदों ने माना कि सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर के इशारे पर उन्हें कमजोर करने के लिए गलत तरीके से वार्ड बनाए गए हैं। पब्लिक को यह पता है। वार्डबंदी पर न्याय करने की जिम्मेदारी अब पब्लिक के ऊपर है। शहर के लोग खुद फैसला करें, क्या ठीक है और क्या गलत है। अगर किसी को लगता है कि वह व्यक्ति वार्डबंदी को लेकर आपत्ति दर्ज करवा सकता है।

किसने क्या कहा

मिलने आएंगे पार्षद, फैसले का पता नहीं
सूचना मिली थी कि कांग्रेसी पार्षदों की मीटिंग है। मीटिंग में वार्डबंदी को लेकर आपत्ति दर्ज कराने के फैसले की सूचना नहीं है। पार्षद मंगलवार को उनसे मिलने जाएंगे, तब पूछेंगे क्या रणनीति तैयार की है।
- भारत भूषण बतरा, पूर्व कांग्रेसी विधायक

मेरे वार्ड के तीन टुकड़े कर दिए गए हैं। इसके बावजूद वे आपत्ति दर्ज नहीं कराएंगे। क्योंकि उनके वार्ड में जो नया इलाका आया है, वहां के लोगों के भी वे बीच में रहेंगे। अब पब्लिक ही फैसला लेगी, क्या गलत है और क्या ठीक है।
नारोतामल भटनागर, प्रतिनिधि महिला पार्षद नीरा भटनागर

गढ़ी बोहर गांव के दो टुकड़े कर दिए गए हैं। सामान्य बूथ की 720 के करीब वोट बोहर गांव के साथ तो 1200 के करीब वोट बलियाना गांव के वार्ड में शामिल कर दी गई। यह कहां का न्याय है। ग्रामीण चाहे तो खुद इस संबंध में आपत्ति दर्ज करवा सकते हैं। खुद उन्होंने आपत्ति दर्ज न कराने का निर्णय लिया है।
- एडवोकेट सुरेश नांदल, प्रतिनिधि महिला पार्षद सरिता देवी

नई वार्डबंदी में मेरे मकान तक तो दूसरे वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। सीनियर डिप्टी मेयर होेने के नाते वार्ड ही नहीं पूरे शहर की जिम्मेदारी निभाई है। जो नया एरिया आया है, उसके लोगों को भी इस बात का पता है। इसलिए वार्ड बंदी को लेकर आपत्ति दर्ज न कराने का फैसला किया है।
- बिजेंद्र हुड्डा, प्रतिनिधि सीनियर डिप्टी मेयर मंजू हुड्डा

मंत्री के इशारे पर कांग्रेसी पार्षदों के वार्डों को तोड़ा गया है, इसमें कोई दो राय नहीं है। पब्लिक को भी इस बात का पता है। अब पब्लिक के बीच जाकर ही न्याय मांगेंगे। खुद आपत्ति दर्ज न कराने का निर्णय लिया है। पब्लिक चाहे तो खुद जाकर आपत्ति दर्ज करवा सकती है।
- अनीता मिगलानी, महिला कांग्रेसी पार्षद
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मैं एक वार्ड की पार्षद नहीं, बल्कि पूरे शहर की मेयर हूं। इसी सोच के साथ शहर के अंदर विकास कार्य करवाए हैं। शहर की जनता भी यह बात जानती है कि विपक्ष में होने के बावजूद किस तरह विकास कार्यों के लिए संघर्ष किया। चुनाव में किसी भी वार्ड से चुनाव लड़ना पड़े, कोई फर्क नहीं पड़ता। आपत्ति दर्ज कराने या न कराने के फैसले की जानकारी नहीं है। क्योंकि वे सोमवार को शहर में नहीं थी।
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- रेनू डाबला, मेयर नगर निगम

नागरिक सुविधा केंद्र में काउंटर, पहले दिन आया एक सुझाव
निगम की तरफ से नागरिक सुविधा केंद्र में काउंटर नंबर पांच पर तीन कर्मचारियों की वार्डबंदी के सुझाव व आपत्ति लेने के लिए ड्यूटी लगाई गई है। साथ ही एटीपी तिलक कुमार व्यवस्था पर नजर रखेंगे। बिल्डिंग इंस्पेक्टर सन्नी ने बताया कि पहले दिन नए वार्ड नंबर छह से लक्ष्मीनारायण ने वार्ड को सामान्य करने की मांग की है।
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