36 घंटों बाद भी आफत बना बारिश का पानी, बीमारी फैलने की आशंका
अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। क्षेत्र में वीरवार सुबह हुई 103 एमएम बारिश 36 घंटे बाद भी आफत बनी हुई है। पूरी तरह से जल निकासी न होने से शहर की कई कॉलोनियों और सेक्टर में बीमारी फैलने का खतरा मंडरा रहा है। खाली प्लॉट और पार्क भी पानी से लबालब हैं। अब तक सेक्टरों में बारिश के पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं हो सकी है। मुख्य सड़कों से पानी हटाकर सेक्टर के साथ ही डाल दिया है, जो राहत कम आफत ज्यादा बन गया है। बारिश के कारण विभिन्न कॉलोनियों के मकानों भी दरारें आ गई हैं। कुछ जगह मिट्टी खिसकने से सड़कें भी धंस गई हैं।
वीरवार सुबह हुई बारिश ने शहर की अनेक कॉलोनियों के लोगों की दिनचर्या ही बदल दी। दरअसल 36 घंटे बाद भी अनेक क्षेत्रों में जलभराव परेशानी बना हुआ है। सेक्टरों के खाली प्लॉट और सरकारी जगह पर 36 घंटे बाद भी झील नजर आ रही है। पार्क भी पानी से लबालब हैं। ऐसे में लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं।
बीमारियों का खतरा, फॉगिंग का पता नहीं
पिछले साल से फोगिंग का जिम्मा स्वास्थ्य विभाग की बजाए नगर परिषद को सौंपा गया है। स्वास्थ्य विभाग दवा मुहैया करवाएगा। शहर में जगह-जगह पानी भरा है और बीमारियां फैलने का खतरा है। मच्छर पनप रहे हैं। बावजूद इसके नप ने अब तक फॉगिंग की कोई तैयारी नहीं की है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग की टीम घरों का दौरा कर रही है और लार्वा मिलने पर नोटिस थमाए जा रहे हैं। पानी भी हटवाया जा रहा है। मगर, खाली प्लॉटों में जमा पानी के कोई इंतजाम नहीं है।
गांवों में हालात बदतर
शहर के अलावा कई गांवों में जल निकासी न होने से हालात बदतर हो गए हैं। गांव तिगडाना में जलभराव और गंदगी से ग्रामीण परेशान हैं। गांव के तिगड़ी पाना निवासी बिजेंद्र ने बताया कि बारिश से पहले सफाई कराने की मांग की थी, लेकिन गंदगी नहीं हटी। अब बारिश के बाद हालात और खराब हो गए हैं। गंदगी और सड़ांध से बीमारी फैलने की आशंका है। प्रशासन को जल्द कदम उठाने चाहिए। खरक गांव में बारिश के बाद ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीण संदीप खरकिया, पूर्व बीडीसी मैंबर बिट्टू शर्मा और रामधारी शर्मा ने बताया कि गांव के बस स्टैंड से रेलवे स्टेशन जाने वाले मार्ग पर पिछले छह माह से पानी जमा है। अब बारिश के पानी से समस्या और बढ़ गई है। मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। ज्यादा बारिश से सुखपुरा के खेतों पानी भर गया है। अमन ने बताया कि एक-दो दिन में पानी की निकासी नहीं हुई तो धान की फसल को नुकसान हो सकता है।
स्वयं करें अपना बचाव
किसी पर निर्भर रहने की बजाए लोगों को स्वयं ही अपना बचाव करना होगा। इसके सुझाव देते हुए डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. यतिन गुप्ता ने बताया कि मच्छर का लार्वा ठहरे हुए पानी में पनपता है। बारिश अभी हुई है और पानी कुछ दिन ठहरा तो मच्छर पनपने लगेगा। लार्वा को रोकने के लिए लोग काला तेल, मिट्टी का तेल ठहरे हुए पानी में डाल दें। इससे पानी पर परत बन जाएगी और लारवा नहीं पनप सकेगा।
...सड़कें दे गई जवाब, मकानों में आई दरार
मानसून की पहली तेज बारिश से सड़कों पर भारी पानी है। रोहतक रोड पर चल रहा सड़क निर्माण बारिश के कारण अनेक जगह से मिट्टी खिसकने से धंस गया है। देवसर चुंगी से दिनोद गेट के बीच का डिवाइडर हाल ही में बनाया गया था, मगर बारिश के कारण टूट गया। इसके अलावा बावड़ी गेट से दादरी गेट, हनुमान गेट तक का सड़क मार्ग, एमसी कॉलोनी का मुख्य मार्ग, बस स्टैंड के सामने, सनसिटी मॉल के सामने, कोर्ट के पीछे के मार्ग आदि अनेक जगह सड़कें जलभराव के कारण बिखर गईं और गड्ढे बन गए। नगर परिषद की ओर से पिछले दिनों अनेक गलियां भी ब्लॉक की बनाई गई थीं। ब्लॉक के नीचे की मिट्टी खिसकने से भी गलियां धंस र्गइं। बारिश के कारण शहर की अनेक कॉलोनियों टाइयान पाना, खाड़ी मोहल्ला, बिजली बोर्ड कॉलोनी, मंडी टाउनशिप आदि जगह घरों में दरारें आ गई हैं। बताया जाता है कि साथ की मिट्टी खिसकने से समस्या सामने आई है।