रोहतक। एमडीयू में आयोजित राज्य स्तरीय जॉब फेयर में 1234 बेरोजगारों के ही रोजगार मिल सका। हालांकि, फेयर में 10 हजार से अधिक बेरोजगारों को रोजगार मुहैया कराने का दावा किया गया था। वहीं 3528 युवाओं को शॉर्ट लिस्ट किया गया। इन्हें दो से सात दिन में बुलाने का आश्वासन दिया गया है। ऐसे में युवा फेयर से खासे नाराज नजर आए।
रोजगार कार्यालय की ओर से लगाए गए जॉब फेयर से ज्यादा बेरोजगार निराश लौटे। दूसरी ओर करीब साढ़े पांच हजार बेरोजगार पंजीकरण कराने के बाद फेयर में पहुंचे ही नहीं। फेयर के लिए प्रदेश भर से 18 हजार युवाओं ने पंजीकरण कराया। इनमें से 12617 ही साक्षात्कार में शामिल हुए। इन चयनित उम्मीदवारों में से भी बड़ा तबका मंगलवार शाम को अपने नियुक्ति पत्र लेने नहीं पहुंचा। इसकी वजह उन्हें बेहतर पैकेज नहीं मिलना बताया गया है।
फेयर से निजी कंपनियों की दिलचस्पी भी कम नजर आई। हालात ये रहे कि फेयर के लिए पंजीकृत 150 में से 110 कंपनियां ही एमडीयू कैंपस में नजर आईं। कुछ कंपनियां तो मंगलवार दोपहर एमडीयू पहुंचीं। फेयर खत्म होने के करीब आईं इन कंपनियों की केवल हाजिरी ही रही। इनमें भी ज्यादातर छोटी कंपनियां रहीं। आईटी, हेल्थ, मेन्यूफेक्चरिंग, फार्मेसी सरीखे क्षेत्र से नाम मात्र ही कंपनियां फेयर में नजर आईं।
कुछ को मिला तीन से पांच लाख रुपये का पैकेज
फेयर में ज्यादातर रोजगार आठ से दस हजार मासिक वेतन के रहे। इसके बाद 15 से 20 व 20 से अधिक पैकेज के भी रहे। फेयर में कुछ युवकों को तीन से पांच लाख रुपये सालाना का पैकेज मिला। इसमें सबसे अधिक पांच लाख रुपये साल का पैकेज फार्मास्यूटिकल कंपनी ने किला रोड निवासी हिमांशी को दिया है। उसे मार्केटिंग हेड की जिम्मेदारी मिली है। इसके अलावा शहर के सेक्टर एक ही पल्लवी को चार लाख व अर्जुन नगर के रोहित हुरिया को तीन लाख रुपये सालाना पैकेज की जॉब मिली है।
जॉब फेयर में प्रदेश भर से लगभग 12617 युवा शामिल हुए। इनमें से 3528 युवाओं को विभिन्न कंपनियों ने शार्ट लिस्ट किया है। फेयर में 1234 युवाओं का चयन जॉब के लिए हुआ है। यहां 75 कंपनियों ने शिरकत की।
-जेएल द्विवेदी, रोजगार मंडल अधिकारी
इन्होंने किया सहयोग
सीसीपीसी कोआर्डिनेटर डॉ. जगदीप सिंगला, यूआईईटी के टीपीओ अरुण हुड्डा के अलावा रोजगार विभाग के अधिकारी, एमडीयू अधिकारी, प्राध्यापक, मेले में आई कंपनियों के प्रतिनिधि, नव ज्योति फाउंडेशन के अधिकारी, एनसीसी, एनएसएस, वाईआरसी, नवज्योती ग्लोबल सोल्यूशन कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर गुरुशरण खुराना आदि ने सहयोग किया।