रोहतक। वेलेंलाइन व शादी का फर्जी कार्ड तैयार फेसबुक पर डालने, जातिगत टिप्पणी करने व अपहरण के बाद जान से मारने की देने के दोषी युवक को अदालत ने उम्रकैद व 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया है।
मामले के अनुसार एक नाबालिग युवती की मांग ने 14 फरवरी 2017 को पुलिस को शिकायत दी कि उसकी नाबालिग बेटी 11वीं कक्षा में पढ़ती है। स्कूल से एक छात्र का फोन आया कि उसकी बेटी को स्कूल में बुलाया गया है। बेटी के चाचा को शक हुआ तो वह भी अपने देवर के साथ स्कूल पहुंची। टीचर से पूछा तो उसने कहा कि मैंने छात्रा को नहीं बुलाया। फोन करने वाले लड़के से बात की तो उसने कहा कि उसने एक युवक के कहने पर फोन किया था। वहीं से पता चला कि आरोपी युवक ने फेसबुक पर वेलेंटाइन व शादी का फर्जी कार्ड बना रखा है। साथ ही अपने एक दोस्त के फोटो के ऊपर जातिगत टिप्पणी कर रखी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन की। बाद में लड़की के अदालत में जज के सामने सीआरपीसी की धारा 164 के बयान दर्ज कराए गए। बयानों में लड़की ने बताया कि आरोपी युवक एक दिन पिस्तौल दिखाकर उसे एक होटल में ले गया और सोशल किया। केस के अंदर अपहरण, जान से मारने की धमकी व पोस्को एक्ट भी जोड़ दिया। तीन साल तक जिला अदालत में केस की सुनवाई हुई। कोर्ट में पोस्को एक्ट के तहत आरोप खारिज हो गए, लेकिन शुक्रवार को अपहरण, जान से मारने की धमकी व थ्री एससी-एसटी एक्ट के तहत उत्पीड़न का दोषी करार दिया था। मंगलवार को कोर्ट ने दोषी को 3 एससी-एसटी एक्ट के तहत उम्रकैद, 10 हजार रुपये जुर्माना, आईपीसी की धारा 363 में 2 साल की कैद व 2 हजार रुपये जुर्माना, 366 में 5 साल की कैद व 5 हजार रुपये जुर्माना, 506 में एक साल कैद व एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।