एमडीयू में इंटीग्रेटेड कोर्सों की सीटें पहली काउंसिलिंग में ही फुल, अंग्रेजी में 78 व गणित में 64 अंक वाले को सबसे पहले मिला प्रवेश
- विद्यार्थियों को अपना दाखिला सुनिश्चित करने के लिए आज ही जमा करानी थी फीस, रिक्त सीटों के लिए 11 को होगी दूसरी काउंसिलिंग
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक
स्कूल से 12वीं पास के बाद सीधे विश्वविद्यालय में पढ़ने के इच्छुक विद्यार्थियों की पहली पसंद बने इंटीग्रेटेड कोर्सों के लिए एमडीयू में सोमवार को विभिन्न विषयों की काउंसिलिंग हुई। पहले ही दिन सभी कोर्सों में सीटें फुल हो गई। अंग्रेजी विषय की प्रवेश परीक्षा में 78 अंक हासिल करने वाले विद्यार्थी को सबसे पहले दाखिला मिला। इस विषय में आखिरी दाखिला 47 अंक वाले विद्यार्थी को मिला। गणित विषय में सबसे अधिक 64 व सबसे कम 38 अंक वाले विद्यार्थी को सीट अलॉट की गई। इस विषय में एससी की दो सीटें रिक्त रही हैं। इनके लिए कोई उम्मीदवार नहीं पहुंचा। इन दोनों विषयों में अंग्रेजी के लिए मुकाबला टफ रहा। अंग्रेजी विषय गणित पर भारी पढ़ा। विद्यार्थियों ने ज्यादा रुचि अंग्रेजी पढ़ने में दिखाई।
दाखिला नहीं मिला तो रो पड़ी छात्रा
एमडीयू से पांच वर्षीय अंग्रेजी कोर्स के लिए हुई प्रवेश परीक्षा में 52 अंक प्राप्त करने वाली छात्रा को दोपहर बाद बगैर दाखिला लौटना पड़ा। सामान्य श्रेणी में 62 अंक से नीचे किसी को दाखिला नहीं दिया गया। इस श्रेणी की 13 सीटें फुल होने के बाद एससी की प6ांच, बीसीए की चार, बीसीबी की तीन व अन्य सीटों के लिए काउंसिलिंग पर विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया। दाखिला नहीं मिलने पर एक अन्य छात्रा फफक पड़ी। उसे दाखिले की आस थी, मगर अंक प्रतिशत नीचे नहीं आने के चलते उसे मायूस लौटना पड़ा।
परीक्षा में पहला रैंक आने पर भी नहीं मिला दाखिला
शहर की कृष्णा कलोनी की छात्रा दिव्या का एमडीयू से इकोनोमिक्स पंच वर्षीय कोर्स में पढ़ाई करने का सपना अधूरा रह गया। विवि की ओर से आयोजित की गई प्रवेश परीक्षा में पहला रैंक हासिल करने पर भी छात्रा को दाखिला नहीं मिला। इसकी वजह ऑन लाइन आवेदन के बाद आवेदन की प्रति विवि के संबंधित विभाग में जमा नहीं कराना रही। नियमानुसार सात दिन में आवेदन की प्रति जमा कराना जरूरी था। इस कारण छात्रा के योग्य होने के बावजूद उसे दाखिले से वंचित रहना पड़ा।
दाखिले से किसी का चेहरा खिला तो कोई हुआ मायूस
एमडीयू में दाखिला प्रक्रिया के चलते सोमवार सुबह से ही कैंपस में चहल पहल नजर आई। दाखिले की आस में विद्यार्थी भी सुबह ही संबंधित विभाग पहुंचना शुरू हो गए। काउंसिलिंग भी समय पर शुरू हुई। दोपहर बाद तक सभी सीटें फुल होने के साथ ही काउंसिलिंग समाप्त हुई। इस दौरान दाखिला मिलने वाले विद्यार्थियों के चेहरे पर खुशी नजर आई। दाखिले से वंचित रहे विद्यार्थियों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
मायूस होने की नहीं जरूरत, दूसरे भी हैं विकल्प
एमडीयू के इंटीग्रेटेड कोर्स में दाखिला नहीं मिलने वाले विद्यार्थियों को मायूस होने की जरूरत नहीं है। विद्यार्थियों के लिए और भी विकल्प मौजूद हैं। ये स्नातक कोर्स में भी भाग्य आजमा सकते हैं। यह भी नहीं होने पर डिस्टेंस एजुकेशन का ऑप्शन ऐसे विद्यार्थियों के लिए खुला है। विद्यार्थी यहां से अपनी पढ़ाई जारी रख सकते हैं।
अंग्रेजी में 78 से 47 अब तक हुए दाखिले
अंग्रेजी विषय के पंच वर्षीय कोर्स में दाखिला प्रक्रिया के तहत सबसे अधिक 78 अंक व सबसे कम 47 अंक वाले विद्यार्थी को दाखिला दिया गया। विभाग की 30 सीटों में से सामान्य श्रेणी की सीटों के लिए 62 अंक से नीचे दाखिला नहीं दिया गया। अनुसूचित जाति जन जाति श्रेणी के लिए सबसे अधिक 63 व सबसे कम 51 अंक, बीसी-ए के लिए अधिकतम 62 व न्यूनतम 49 और बीसी-बी के लिए अधिकतम 55 व न्यूनतम 47 अंक विद्यार्थियों को दाखिला दिया गया। यह प्रक्रिया विभाग की अध्यक्ष प्रो. पूनम दत्ता, कन्वीनर प्रो. लवलीन मोहन, प्रो. रणदीप राणा, प्रो. अंजू मेहरा, डॉ. कविता देखरेख में संपन्न हुई।
गणित में 64 से 38 अंक वालों को मिला प्रवेश
एमडीयू के गणित विषय के इंटीग्रेटेड कोर्स की दाखिला प्रक्रिया के दौरान 64 से 38 अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रवेश मिला। सामान्य श्रेणी में अधिक 64 व कम से कम 41 अंक तक की प्रवेश दिया गया। बीसी-ए के लिए अधिकतम 42, न्यूनतम 39 व बीसी-बी के लिए अधिकतम 42 व न्यूनतम 38 अंक रहे। अनुसूचित जाति जन जाति श्रेणी की दस सीटों के लिए महज आठ ही उम्मीदवार पहुंचे। इस कारण दो सीटें रिक्त रह गई।
फीस जमा कराने को मिला एक दिन
काउंसिलिंग में सीट अलॉट होने के बाद विद्यार्थियों को अपना दाखिला सुनिश्चित करने के लिए फीस जमा कराना जरूरी रहा। इसके लिए सोमवार शाम तक का ही समय दिया गया। इसके लिए विवि प्रशासन ने पीएनबी व एक्सिस बैंक से संपर्क कर शाम तक विद्यार्थियों की फीस जमा कराने की व्यवस्था की। विवि से बैंक दूर होने के चलते विद्यार्थियों को फीस जमा कराने में खासी परेशानी उठानी पड़ी।
अंग्रेजी विभाग आईआईएम भवन में हुआ शिफ्ट, विद्यार्थी परेशान
विवि के भवन में चल रहे आईआईएम संस्थान के सुनारिया में शिफ्ट होने के बाद यहां कुछ विभाग शिफ्ट किए जा रहे हैं। इसमें अंग्रेजी भी शामिल है। इस कारण विभाग का आधार सामान नए व आधा पुरने विभाग में रखा है। स्टाफ की भी लगभग यही स्थिति है। दाखिला प्रक्रिया जारी होने के चलते अंग्रेजी विभाग तलाशने को लेकर विद्यार्थियों में असमंज की स्थिति बनी रही। इस कारण कई उम्मीदवार तो देरी से पहुंचे। इस कारण ऐसे विद्यार्थियों को दाखिले से वंचित रहना पड़ा।