फ्लैग : मोरखेड़ी व भैंसरू के बीच आरबीपीएल की पाइप लाइन से पेट्रोल चोरी का मामला
हेडिंग : कोर्ट में दोष साबित नहीं कर सकी पुलिस, 7 को क्लीनचिट
: 2016 में सांपला में थाने में किया गया था केस दर्ज
: एडीजे फखरूद्दीन की अदालत ने सुनाया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
डेढ़ साल पहले मोरखेड़ी व भैंसरू गांव के बीच आरबीपीएल की लाइन से पेट्रोल चोरी के मामले में पुलिस अदालत के अंदर साक्ष्य नहीं जुटा सकी। इसके चलते एडीजे फखरुद्दीन की कोर्ट ने सात युवकों को बरी कर दिया, इसमें पांच युवक सोनीपत तो एक-एक दिल्ली व झज्जर का रहने वाला है। उनके खिलाफ पेट्रोल चोरी के अलावा पेट्रोलियम अधिनियम व विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।
अभियोजन के अनुसार जुलाई 2016 में झज्जर जिले के गांव जसौरखेड़ी गांव निवासी योगेश ने सांपला थाने में शिकायत दी कि वह आरबीपीएल में सुपरवाइजर की नौकरी करता है। उसे सूचना मिली कि प्वाइंट नंबर 231 पर अलार्म लाइन लीक बता रहा है। वह रात को ही मोरखेड़ी व भैंसरू खुर्द के बीच प्वाइंट पर पहुंचा। मौके पर पेट्रोल की बदबू आ रही थी। साथ ही नजदीक एक सुंडवा व कस्सी पड़े थे। सुबह उसने कंपनी के अधिकारियों को सूचना दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच पड़ताल की। कार्रवाई करते हुए सोनीपत जिले के गांव भदाना निवासी हरीश, पीपली निवासी आनंद उर्फ नेपाली, नाहरा निवासी सुनील उर्फ बांडा व सुनील उर्फ सोनू, हलालपुर निवासी मंजीत, दिल्ली निवासी जगजीत उर्फ लखी व झज्जर जिले के गांव साखौल निवासी दिनेश को नामजद किया। तभी से जिला अदालत में उनके खिलाफ केस चल रहा था। कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में आरोपियों को बरी कर दिया।