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गौवंश मालगाड़ी से टकराया तो हो गये दो हिस्से

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एक नंबर प्लेटफार्म के आउटर पर गोवंश के टकराने से दो हिस्सों में हो गई मालगाड़ी
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- मंगलवार रात आठ बजे हुआ हादसा, इंजन सहित तीन डिब्बे निकले आगे, कपलिंग के टूटने से बाकी डिब्बे पीछे छूटे
- आरपीएफ व जीआरपी भी मौके पर पहुंची, घटना से रेलवे विभाग के अधिकारियों में मचा हड़कंप
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
रोहतक रेलवे स्टेशन के आउटर के पास दिल्ली से जींद जा रही चलती हुई मालगाड़ी से दो गोवंश लड़ते हुए टकरा गए। गोवंश की टक्कर की वजह से कपलिंग टूटने से दो हिस्सों में बंट गई। इंजन और मालगाड़ी के तीन डिब्बे आगे निकल गए जबकि अन्य बाकी डिब्बे पीछे रह गए। ड्राइवर ने तुरंत मालगाड़ी को रोका और इसकी सूचना रेलवे अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया और आरपीएफ-जीआरपी मौके पर पहुंची। मालगाड़ी से टकराने से दोनों गोवंश की मौत हो गई। किसी तरह से रेलवे कर्मचारियों ने दोनों गोवंश के शवों को बाहर निकाला और डिब्बों को जोड़कर मालगाड़ी को रवाना किया गया। इससे आधे घंटे तक रेलवेे यातायात प्रभावित रहा।
मंगलवार की रात करीब आठ बजे दिल्ली की ओर से आ रही मालगाड़ी जींद जा रही थी, के लिये जा रही थी। रोहतक रेलवे स्टेशन के आउटर पर प्लेटफार्म नंबर एक की ओर तेजी से दौड़ रहे दो गोवंश चलती मालगाड़ी के डिब्बों के बीच से निकलने लगे, उनकी तेज टक्कर से मालगाड़ी का इंजन और दो डिब्बे अलग होकर आगे निकल गए, जबकि बाकी डिब्बे पीछे ही रह गए। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों गोवंश की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलने पर रेलवे तकनीकी दल मौके पर पहुंचा। करीब आधा घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद इंजन और दो डिब्बों को मालगाड़ी से अलग हो गए डिब्बों से जोड़ा गया।
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सूचना पाते ही मौके पर पहुंचे एएसआई
बजरंग सेवा दल के सदस्य शेखर ने मामले की सूचना जीआरपी थाने के एएसआई बलवान सिंह को दी। सूचना पाते ही एएसआई टीम के साथ मौके पर पहुंचे तथा किसी तरह गोवंश को रेलवे ट्रैक से अलग किया गया।
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गोवंश के टकराने के बाद मालगाड़ी के कुछ डिब्बों के अलग होने की सूचना मिली थी। दो गोवंश की मौत हुई है। हालांकि रेल यातायात प्रभावित नहीं रहा। - नरेंद्र सिंह, एसएचओ, जीआरपी
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नहीं हो सकी कॉल रिसीव
इस संबंध में स्टेशन अधीक्षक बीएस मीणा से बात करने का प्रयास किया गया। मगर कॉल रिसीव नहीं हो सकी।

पहले भी ट्रेन व मालगाड़ी से टकरा चुके हैं गोवंश मगर डिब्बे अलग होने की घटना पहली
जीआरपी एसएचओ ने बताया कि पूर्व में भी कई बार चलती ट्रेन या फिर मालगाड़ी से गोवंश या फिर अन्य पशु टकरा चुके हैं। मगर गोवंशों के टकराने के बाद मालगाड़ी के इंजन समेत तीन डिब्बे अलग होने की घटना पहली बार हुई है। ऐसा हो सकता है डिब्बों के ज्वाइंट वाले स्थान से ही गोवंश टकरा गये हो, जिसके कारण डिब्बे अलग हुए।
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दो माह में पांच गोवंशों की ट्रेन व मालगाड़ी की चपेट में आने से मौत, विभागीय अधिकारीं नहीं दे कोई ध्यान
इसे विभागीय अधिकारियों की लापरवाही कहा जाएगा या फिर कुछ ओर कि आए दिन रोहतक रेलवे स्टेशन व उसके आसपास आये दिन ट्रेन व मालगाड़ी की चपेट में आने से गोवंश व अन्य पशुओं की मौत हो रही है। एक माह में पांच की मौत हो चुकी है। बावजूद इसके विभागीय अधिकारी कोई ध्यान नहंी दे रहे है। 13 फरवरी को ही रोहतक रेलवे स्टेशन के समीप ही दिल्ली से आ रही ट्रेन की चपेट में आकर एक गोवंश की मौत हो गई थी। काफी देर तक ट्रेन भी खड़ी रही थी। इससे पूर्व 2 फरवरी को भी एक गोवंश की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। इसके अलावा 20 फरवरी को भी एक गोवंश की मौत ट्रेन की चपेट में आने से हुई थी। यानि दो माह में पांच गोवंश ट्रेन व मालगाड़ी से टकराने के कारण काल के गाल में समा चुके है। बावजूद इसके विभागीय अधिकारी गोवंश या फिर अन्य पशुओं को बचाने की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहे है। सामाजिक संगठन भी इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहे है।
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