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नाटकीय अंदाज में छात्रों ने बेचे पकोड़े

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पीएचडी, एमबीए व एमसीए कर रहे छात्रों ने नाटकीय अंदाज में बेचे पकोड़े
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कैप्टन के कार्यालय में 250 रुपये किलो बिके पकौड़े, ग्रोवर के ऑफिस में 20 रुपये किलो

- आम पब्लिक ने खरीदे 2 रुपये किलो, दिनभर में लागत 550 की कमाई 850
- इनसो के छात्रों के इस कदम के बाद पुलिस ने बढ़ाई मंत्रियों के कार्यालय व आवास की सुरक्षा

अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
पीएम मोदी द्वारा बेरोजगार युवाओं को पकौड़े बेचने की सलाह सियासत का केंद्र बन गई है। शनिवार को शिक्षित बेरोजगार युवकों ने नाटकीय अंदाज में न केवल बस स्टैंड के बाहर, बल्कि सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर और वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के कार्यालय में पहुंचकर पकौड़े बेचे।
तीनों जगह भाव अलग-अलग मिले। कैप्टन के कार्यालय प्रभारी ने जहां 500 रुपये में दो किलो पकौड़े खरीदे, जबकि ग्रोवर के कार्यालय में 20 रुपये किलो भाव लगाया गया।
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शनिवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे इनसो के जिला प्रभारी अमित माजरा के नेतृत्व में आधा दर्जन छात्र नए बस स्टैंड के नजदीक इनेलो कार्यालय पहुंचे। कार्यालय से गैस सिलेंडर लिया और कढ़ाई चढ़ाकर पकौड़े तैयार करने शुरू कर दिए। इसके लिए 550 रुपये का सामान खरीदा गया। साढ़े 11 बजे तक छात्रों ने आम पब्लिक को पकौड़े बेचे। किसी ने 2 रुपये किलो तो किसी ने 5 रुपये किलो पकौड़े खरीदे। छात्रों द्वारा यूं पकौड़े बेचने का मुद्दा लोगों में चर्चा का विषय बना रहा।

ग्रोवर के कार्यालय में लगाई 20 रुपये कीमत, भाटिया बोले 250 ग्राम के कितने दूं
कार व बाइक में सवार होकर इनसो के छात्र बस स्टैंड से मानसरोवर कॉलोनी के नजदीक सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर के कार्यालय पर पहुंचे। मंत्री उस समय आवास पर थे। भाजपा के लोकसभा प्रभारी एवं पूर्व जिला अध्यक्ष रमेश भाटिया कार्यालय से बाहर आए। छात्रों ने कहा पढ़े-लिखे होने के बावजूद बेरोजगार हैं। पकौड़े बेचकर गुजारा करना चाहते हैं। उनके पकौड़े खरीद लें। छात्रों का कहना है कि काफी बहस के बाद भाटिया ने पकौड़े की कीमत 20 रुपये लगाई। जबकि भाटिया का कहना है कि 250 ग्राम पकौड़े तो इतने के ही बनते हैं। हालांकि छात्रों ने बाद में पैसे भाटिया को वापस कर दिए।

कैप्टन के कार्यालय में पकौड़े तो बेचकर ही जाएंगे
मंत्री कार्यालय में इनसो कार्यकर्ताओं के पहुंचने से पुलिस अलर्ट हो गई। न केवल ग्रोवर के आवास की सुरक्षा बढ़ा दी, बल्कि कैप्टन अभिमन्यु के आवास व कार्यालय के बाहर भी पुलिस तैनात कर दी। इनसो कार्यकर्ता सेक्टर 14 की तरफ से कार्यालय की तरफ आगे बढ़े। तभी पुलिस ने रास्ता रोक लिया। इस पर पकौड़े लेकर छात्र नीचे उतर आए, बोले कैप्टन के कार्यालय में पकौड़े बेचकर ही जाएंगे। तब कार्यालय प्रभारी लखन मिश्रा बाहर आए। उन्होंने 500 रुपये देकर दो किलो पकौड़े खरीद लिए। साथ ही कहा कि वे मंत्री को छात्राओं की भावना से अवगत करवा देंगे। इसके बाद इनसो कार्यकर्ता जिला चैयरमैन अभिषेक, रणदीप नान्दल, टीनू, दीपक, पवन, हिमांशु, मोहित, रोहित, सुरेश, शुभम पांडे, अज्जू धनखड़, अमन, प्रवीन, नवीन, रोहित, आकाश, विकास व मयंक पैसे वापस कर लौट गए।

पीएम मोदी ने कहा था कि व्यक्ति को भ्रष्टाचार, बेईमानी व लूट खसोट की बजाए ईमानदारी से मेहनत करके पेट भरना चाहिए। चाहे इसके लिए पकौड़े बेचने पड़े। पीएम के बयान का कुछ लोग दूसरा ही मतलब निकाल रहे हैं। देश व प्रदेश की जनता सब समझती है कौन किस मकसद से यह सब कर रहा है।
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- रमेश भाटिया, भाजपा लोकसभा प्रभारी रोहतक

पीएचडी, एमबीए से लेकर एमसीए कर रहे युवाआें को रोजगार चाहिए। अगर पकौड़े बेचने थे तो पढ़ाई पर इतना खर्च क्यों करें। पकौड़े बेचकर वे सरकार को अहसास दिलाना चाहते हैं कि बेरोजगारों को अच्छा रोजगार चाहिए। उन्हाेंने 550 रुपये खर्च करके 850 रुपये के पकौड़े बेचे हैं। इसमें भी 520 रुपये वापस मंत्रियों के कार्यालय में सरकार के राहत कोष के लिए लौटा दिए।
- अमित माजरा, जिला अध्यक्ष इनसो
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