मिलेगी 24 घंटे बिजली, 54 करोड़ होंगे खर्च
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
गांव में 24 घंटे बिजली देकर सरकार एक तीर से कई निशाने साधने की तैयारी में हैं। सब कुछ ठीक रहा तो इसी साल सात सब स्टेशन जिले को मिल जाएंगे। करीब 54 करोड़ की लागत से बनने वाले इन सब स्टेशन से ग्रामीण क्षेत्रों को चौबीस घंटे बिजली मिलने के साथ ही ओवर लोडिंग एवं बिजली कट से निजात मिल सकेगी। जिले में बनने वाले 33 केवी के सात सब स्टेशनों में धारूहेड़ा डिवीजन के अंतर्गत आने वाले सुबासेडी, मोहनपुर एवं कमालपुर के पावर सब स्टेशन बनकर तैयार हैं। एचवीपीएनएल की तरफ से सब स्टेशन का काम पूरा कर दिया गया है। बावल स्थित 133 केवी सब स्टेशन में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगते ही तीनों सब स्टेशन को शुरू कर दिया जाएगा। उम्मीद है कि जुलाई में तीनों सब स्टेशन काम करना शुरू कर देंगे।
इन चार पर भी इसी साल काम शुरू
एक सब स्टेशन बनाने पर करीब पांच करोड़ रुपये खर्च आता है। सात में से तीन सब स्टेशन जहां बनकर तैयार हैं, वहीं धारण, भांडोंर, नेहरुगढ़ और औद्योगिक क्षेत्र फेज-2 में बनने वाले 33 केवी के सब स्टेशन को फिजीबिलीटी एवं इस्टीमेट सहित अन्य जरूरी फार्मेलिटी पूरी कर ली गई है। निगम से मिली जानकारी के अनुसार दो महीने के अंदर इनकी टेंडर प्रक्रिया पूरी कर काम शुरू कर दिया जाएगा। इन चार सब स्टेशन के बनने के बाद जिले में पुराने सब स्टेशन पर ओवरलोडिंग की समस्या से निजात मिल जाएगी। इसी के साथ बिजली कटों का भी स्थायी समाधान मिल जाएगा। इसी के साथ भाड़ावास स्थित सब स्टेशन की क्षमता 1*6.3 एमवीए से 1*10 एमवीए, 33/11 से 33 केवी कर दी जाएगी। इसी के साथ इसी तर्ज पर अहरोद, पाल्हावास, जेसी-1 गुडियानी एवं बिसोहा पावर सब स्टेशन की क्षमता को बढ़ाने पर काम चल रहा है।
निगम का लाइन लोस कम करने पर फोकस
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने प्रदेश को जगमग करने के लिए बिजली निगम अपने पास रखा है। सीएम के निर्देशानुसार ही दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड के सीएमडी शत्रुजीत कपूर ने लाइन लोस बीस फीसदी से कम लाने पर चौबीस घंटे बिजली देने की योजना शुरू की है। रेवाड़ी में इस योजना के तहत भवाड़ी, धवाना एवं लूहाना फीडर पर चौबीस घंटे बिजली दी जा रही है। इन फीडर से जुड़े 11 गांव को करीब पंद्रह दिन पहले 24 घंटे बिजली सप्लाई देनी शुरू कर दी गई है।
जिले को एक जनवरी से बिजली देने के प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। 33 केवी से तीन पावर सब स्टेशन बनकर तैयार हैं। जल्द ही काम करना शुरू कर देंगे। इसी के चार तार के टेंडर प्रक्रिया भी जल्द पूरी कर ली जाएगी। वहीं कुछ पावर सब स्टेशन की क्षमता में वृद्धि की जा रही है। अभी तक जिन सब स्टेशन में ओवरलोड के कारण कट लग रहे थे। उनसे भी निजात मिल जाएगी। - राजकुमार जाजौरिया, एसई रेवाड़ी सर्कल